हेल्थ

Health Tips : बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाता है बालों का झड़ना? जानिए इसके कारण और रोकथाम के आयुर्वेदिक उपाय

आपने अक्सर गौर किया होगा कि बारिश का मौसम आते ही आपका हेयर फॉल भी बढ़ने लगता है। क्या आप इसके पीछे का कारण जानते हैं? यदि नहीं तो आज हम आपको इसका कारण और रोकथाम के लिए आयुर्वेदिक उपाय बताने जा रहे हैं।

Image

hair fall increase during monsoon

बारिश का मौसम जहां एक ओर गर्मी से राहत दिलाता है, वहीं दूसरी ओर यह अपने साथ कुछ परेशानियां भी लाता है, जिनमें से एक है बालों का झड़ना। नमी, उमस और बदलते वातावरण में बदलाव के कारण इस मौसम में बालों का झड़ना एक आम समस्या है। यदि आप इन दिनों हेयर फॉल की समस्या से परेशान है और इससे निजात पाने के लिए कुछ कारगर उपाय तलाश रहे हैं, तो ये लेख आपके लिए ही है। जी हां आज हम आपको बारिश में होने वाले हेयर फॉल के कारण और बचाव के उपाय बताएंगे।

बारिश में क्यों बढ़ जाता है बालों का झड़ना?

चरक संहिता में उल्लेख है कि बरसात में बाल झड़ने का प्रमुख कारण शरीर में 'दोषों' का असंतुलन है। खास तौर पर पित्त दोष का बिगड़ना और पाचन अग्नि का कमजोर होना बालों को प्रभावित करता है। इससे शरीर में नमी बढ़ती है और पोषक तत्वों की कमी के कारण बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं। इसके साथ ही, हवा में मौजूद नमी बालों को सोख लेती है, जिससे वे रूखे, बेजान और भंगुर हो जाते हैं। नतीजतन, बालों में टूटने और झड़ने की समस्या बढ़ जाती है।

बालों का झड़ना रोकने के लिए आयुर्वेदिक उपाय

ऐसे में आप दही का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह पेट के साथ बालों के लिए भी लाभकारी है। इसमें लैक्टिक एसिड और प्रोबायोटिक बैक्टीरिया भरपूर मात्रा में होते हैं, जो स्कैल्प की डैमेज सेल्स को हटाकर, बालों को प्राकृतिक रूप से कंडीशन करते हैं।

विज्ञान कहता है कि दही के लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया स्कैल्प माइक्रोबायोटा को बैलेंस करने में मदद करते हैं, जिससे डैंड्रफ, खुजली और इंफेक्शन में राहत मिलती है। इसके साथ ही दही में मौजूद प्रोटीन बालों को मजबूती देता है और उनमें चमक लाता है।

सुश्रुत संहिता के अनुसार, बरसात में वात दोष का प्रभाव बढ़ता है, जो दूषित पित्त के साथ मिलकर रोमकूपों (हेयर फॉलिकल्स) को कमजोर करता है। इससे बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और बाल झड़ने लगते हैं। इसके अलावा, बारिश के पानी में मौजूद अशुद्धियां और प्रदूषण स्कैल्प को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे खुजली, डैंड्रफ और बालों का झड़ना बढ़ता है।

आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में बालों की देखभाल के लिए तैलीय मालिश, हर्बल शैंपू और संतुलित आहार जरूरी है। नारियल तेल, आंवला, शिकाकाई और ब्राह्मी जैसे प्राकृतिक तत्व बालों को पोषण देकर उनकी जड़ों को मजबूत करते हैं। इसके साथ ही, तनाव कम करने और पर्याप्त नींद लेने से भी बालों की सेहत में सुधार होता है।

Note- बारिश के मौसम में बालों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित देखभाल और आयुर्वेदिक उपाय अपनाएं। इससे न केवल बालों का झड़ना रुकेगा, बल्कि वे चमकदार और मजबूत भी बनेंगे।

इनपुट - आईएएनएस

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

और पढ़ें
End of Article