ऑफिस में लंबे समय तक बैठने से पीठ दर्द और तेजी से बढ़ता मानसिक तनाव आम समस्या बन गई हैं। ज्यादातर लोग इससे प्रभावित हैं, हालांकि इन्हें दूर करना असंभव नहीं। योगासन शरीर को स्वस्थ और संतुलित रखने का सरल और प्रभावी तरीका है। ऐसे ही एक लाभकारी आसन का नाम शशांकासन है।
क्या है शशांकासन
शशांकासन को खरगोश मुद्रा भी कहते हैं। इसके नियमित अभ्यास से पीठ दर्द के साथ ही तनाव में भी राहत मिलती है, यह पाचन तंत्र मजबूत बनाता है और मन को शांत करता है। तन-मन दोनों को तरोताजा करने वाला यह आसन रोजाना कुछ मिनटों में कई लाभ प्रदान करता है।
शशांकासन करने की विधि
शशांकासन करने के लिए सबसे पहले वज्रासन में बैठें। गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए आगे झुकें। सिर को जमीन पर टिकाएं और हाथों को सामने की ओर फैलाएं। कुछ देर इसी अवस्था में रहें, फिर धीरे-धीरे वापस आ जाएं। रोजाना 5 से 10 मिनट इसका अभ्यास लाभकारी होता है।
शशांकासन के फायदे
इस आसन से तनाव और चिंता कम होती है और मानसिक शांति मिलती है। यह पाचन सुधारता है, कब्ज से राहत देता है और शरीर को डिटॉक्स करता है। पीठ और कमर को आराम देता है, रीढ़ को लचीला बनाता है और गर्दन, कंधों की मांसपेशियों का तनाव दूर करता है। साथ ही यह नींद की गुणवत्ता बेहतर करता है और हार्मोन संतुलन में मदद करता है।
महिलाओं के लिए लाभ
महिलाओं के लिए यह पीरियड्स की समस्याओं में भी फायदेमंद है। कुल मिलाकर, शशांकासन शरीर और मन दोनों को तरोताजा रखने का एक प्राकृतिक तरीका है। हालांकि, शशांकासन के अभ्यास में कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्ति इसे न करें, क्योंकि आगे झुकने से सिर में दबाव बढ़ सकता है। घुटनों में चोट, स्लिप डिस्क या गंभीर पीठ दर्द वाले लोग डॉक्टर की सलाह के बिना अभ्यास न करें। गर्भवती महिलाओं को इस आसन से बचना चाहिए।
जरूरी सावधानियां
हाई ब्लड प्रेशर, गंभीर पीठ दर्द, स्लिप डिस्क या घुटनों की चोट वाले लोग इसे न करें। गर्भवती महिलाओं को भी इससे बचना चाहिए। गर्दन या कंधे में चोट, चक्कर आने या हाल ही में सर्जरी होने पर यह आसन न करें। हमेशा खाली पेट अभ्यास करें और किसी परेशानी पर तुरंत रुक जाएं। शुरुआत में योग प्रशिक्षक की देखरेख में सीखना बेहतर होता है।
इनपुट - आईएएनएस
