सिरदर्द, कमर दर्द या शरीर में दर्द होने पर बार-बार दर्द की गोली लेना आदत बन सकती है। खासकर अगर दर्द लगातार बना हुआ है, तो केवल दवा लेने के बजाय उसकी वजह जानना जरूरी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार इबुप्रोफेन, नैप्रोक्सेन और डाइक्लोफेनाक जैसी NSAIDs दवाएं दर्द और सूजन कम करने में मदद करती हैं। लेकिन इनका ज्यादा या लंबे समय तक इस्तेमाल कुछ लोगों में किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है।
उल्टी, दस्त या तेज बुखार के दौरान शरीर में पानी की कमी हो सकती है। ऐसी स्थिति में बिना डॉक्टर की सलाह NSAIDs लेना किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है।
अगर पहले से किडनी से जुड़ी समस्या है, तो कोई भी दर्द की दवा लेने से पहले डॉक्टर को अपनी बीमारी और चल रही दवाओं के बारे में बताएं। हर व्यक्ति के लिए एक जैसी दवा सुरक्षित नहीं होती।
दर्द जल्दी ठीक नहीं हो रहा है तो अपनी तरफ से दवा की मात्रा बढ़ाना सही तरीका नहीं है। ज्यादा खुराक लेने से साइड इफेक्ट का खतरा बढ़ सकता है। दवा की मात्रा और अवधि डॉक्टर की सलाह के अनुसार रखें।
कई बार अलग-अलग नाम वाली दवाओं में एक ही तरह का कम्पोजिशन हो सकता है। इसलिए एक साथ कई दवाएं लेने से पहले उनकी कम्पोजिशन देखें और डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछें।
CDSCO की चेतावनी का मतलब यह नहीं है कि हर बार दर्द की दवा लेने से किडनी खराब हो जाएगी। चिंता खासतौर पर बिना जरूरत, ज्यादा मात्रा या लंबे समय तक NSAIDs लेने को लेकर है। अपनी बीमारी और दूसरी दवाओं को ध्यान में रखकर ही इनका इस्तेमाल करें।