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LSD की एक खुराक से हफ्तों तक मिट सकती है चिंता, एंग्जायटी के लक्षणों से देगी राहत, रिसर्च में बड़ा खुलासा

One Dose Of LSD Provides Weeks Of Anxiety Relief: हाल ही में एक अध्ययन में एक पुरानी दवा के फायदों को लेकर जबरदस्त खुलासा किया है। अध्ययन में LSD मेडिसिन को एंग्जायटी के लक्षणों से राहत प्रदान करने में कारगर पाया गया है। इस दवा की सिर्फ एक खुराक ने एंग्जायटी के लक्षणों को कम किया है।

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One Dose Of LSD Provides Weeks Of Anxiety Relief (फोटो: Istock)

One Dose Of LSD Provides Weeks Of Anxiety Relief: हाल के वर्षों में मानसिक स्वास्थ्य उपचार के क्षेत्र में नई खोजों ने कई उम्मीदें जगाई हैं। एक नई स्टडी में LSD (लाइसर्जिक एसिड डाइथाइलामाइड) के संभावित लाभों के बारे में जानकारी सामने आई है, जो एंग्जायटी के उपचार में सहायक हो सकता है। यह अध्ययन, जो बायोटेक कंपनी माइंडमेड (MindMed) द्वारा किया गया, बताता है कि एक बार की LSD खुराक ने एंग्जायटी डिसऑर्डस से ग्रस्त व्यक्तियों में चिंता के लक्षणों को कम किया है। आश्चर्यजनक रूप से, यह प्रभाव तीन महीनों तक बना रहा। यह अध्ययन एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि LSD का उपयोग अब केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि चिकित्सा में भी किया जा सकता है। इस लेख में, हम इस अध्ययन के परिणामों और इसके संभावित प्रभावों पर चर्चा करेंगे।

LSD का चिकित्सा में नया अवतार

LSD, जो पहले 1960 के दशक की काउंटरकल्चर का हिस्सा था, अब चिकित्सा क्षेत्र में एक नई पहचान बना रहा है। माइंडमेड द्वारा किए गए अध्ययन में यह पता चला है कि LSD की एक खुराक ने एंग्जायटी के लक्षणों को काफी हद तक कम किया है। इस अध्ययन के परिणामों ने कई विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है, जो इसे एक संभावित उपचार के रूप में देख रहे हैं।

अध्ययन की विधि

इस अध्ययन में लगभग 200 प्रतिभागियों को शामिल किया गया, जिनमें हल्की से लेकर गंभीर एंग्जायटी के लक्षण थे। प्रतिभागियों को LSD की विभिन्न खुराकें दी गईं, जिसमें एक 100-माइक्रोग्राम की खुराक सबसे प्रभावी रही। इस खुराक के बाद, लगभग 65% प्रतिभागी तीन महीने बाद भी बेहतर महसूस कर रहे थे, और लगभग आधे प्रतिभागियों में एंग्जायटी के लक्षण पूरी तरह से गायब हो गए थे।

साइड इफेक्ट्स का ध्यान

हालांकि अध्ययन में परिणाम उत्साहजनक थे, लेकिन कुछ प्रतिभागियों ने स्पष्ट रूप से LSD का अनुभव किया, जिससे अध्ययन "अनब्लाइंडेड" हो गया। इसके साथ ही, कुछ लोगों ने मतिभ्रम, मितली या सिरदर्द जैसी साइड इफेक्ट्स का अनुभव किया। लेकिन ये साइड इफेक्ट्स एंग्जायटी राहत के मुकाबले अपेक्षाकृत कम थे।

भविष्य की संभावनाएं

माइंडमेड अब बड़े पैमाने पर चरण 3 के परीक्षणों की योजना बना रहा है ताकि इन परिणामों की पुष्टि की जा सके। यदि ये परीक्षण सफल होते हैं, तो LSD को चिकित्सा पर्यवेक्षण के तहत एंग्जायटी उपचार के लिए वैध किया जा सकता है। यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो पारंपरिक चिकित्सा से ठीक नहीं हो पा रहे हैं।

समाज में बदलाव

यह अध्ययन एक व्यापक बदलाव का संकेत देता है कि मनोवैज्ञानिक उपचार के लिए साइकेडेलिक को गंभीरता से लिया जा रहा है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुराने शोध को पुनर्जीवित करने का एक स्पष्ट कदम है, जिससे हमें इन यौगिकों के वास्तविक लाभ और लागत का पता चल सके।

निष्कर्ष

LSD का यह नया अध्ययन एंग्जायटी उपचार के क्षेत्र में एक संभावित गेम-चेंजर साबित हो सकता है। हालांकि, आगे के परीक्षणों की आवश्यकता है ताकि हम इस दवा के वास्तविक प्रभावों को समझ सकें। यह एक नई दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक नई उम्मीद जगाता है।
Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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