हेल्थ

शुगर पेशेंट्स हो जाएं सतर्क, डायबिटीज और टीबी का गहरा कनेक्शन! रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा

Link Between Diabetes And Tuberculosis: हाल ही में एक ताजा रिसर्च में सामने आया है जिन लोगों को डायबिटीज है, उन्हें टीबी की बीमारी होने का खतरा ज्यादा होता है। इलाज में भी मुश्किलें आती हैं और मौत का रिस्क कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में शुगर पेशेंट्स को खास सावधानी बरतनी चाहिए। जानिए कैसे डायबिटीज टीबी को और गंभीर बना सकती है और किन बातों का रखना है ध्यान।

Image

Link Between Diabetes And Tuberculosis

Link Between Diabetes And Tuberculosis: अगर आपको डायबिटीज है तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। हाल ही में हुई एक रिसर्च में ये चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि शुगर के मरीजों को टीबी होने का खतरा ना सिर्फ ज्यादा होता है, बल्कि इलाज में भी उन्हें ज्यादा दिक्कत आती है। इतना ही नहीं, मौत का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में जरूरी है कि डायबिटीज मरीज इस खबर को हल्के में न लें और समय रहते जरूरी कदम उठाएं।

डायबिटीज से कमजोर होती है इम्यूनिटी

जब किसी को लंबे समय तक शुगर की परेशानी रहती है, तो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यून सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है। ऐसे में अगर शरीर को टीबी का इन्फेक्शन लग जाए, तो उससे लड़ना मुश्किल हो जाता है। इस कारण टीबी जल्दी पकड़ लेती है और हालत ज्यादा बिगड़ सकती है।

टीबी होने का रिस्क 2 से 3 गुना ज्यादा

रिसर्च के अनुसार जिन लोगों को डायबिटीज होती है, उनमें टीबी होने की संभावना आम लोगों की तुलना में 2 से 3 गुना ज्यादा पाई गई है। इसका मतलब साफ है कि शुगर के मरीजों को इस बीमारी से ज्यादा खतरा है।

इलाज में आती हैं कई दिक्कतें

टीबी के इलाज में डायबिटीज बड़ा रोड़ा बन सकती है। रिसर्च के मुताबिक ऐसे मरीजों में टीबी का इलाज असर नहीं करता और बीमारी दोबारा लौट सकती है। यानी इलाज के बावजूद टीबी फिर से एक्टिव हो सकती है।

मौत का खतरा भी कई गुना ज्यादा

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि डायबिटीज और टीबी दोनों साथ होने पर मरीज की मौत का खतरा लगभग 5 गुना तक बढ़ जाता है। ये आंकड़े इस बात की गंभीरता को साबित करते हैं कि इस डबल अटैक को नजरअंदाज करना सही नहीं।

स्क्रीनिंग पॉलिसी की है कमी

भारत में फिलहाल केवल ड्रग-रेज़िस्टेंट टीबी मरीजों की ही डायबिटीज की जांच की जाती है। जबकि WHO का कहना है कि सभी टीबी मरीजों की डायबिटीज स्क्रीनिंग होनी चाहिए ताकि वक्त रहते दोनों बीमारियों का बेहतर इलाज हो सके।

लापरवाही भारी पड़ सकती है

अगर आप डायबिटीज से जूझ रहे हैं तो अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सजग हो जाइए। खासतौर पर अगर आपको बार-बार खांसी या थकान जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो टीबी की जांच जरूर कराएं। और अगर टीबी का इलाज चल रहा है, तो ब्लड शुगर पर कंट्रोल बेहद जरूरी है। इस डबल खतरे से बचने का सबसे अच्छा तरीका है समय पर जांच और सही इलाज।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

और पढ़ें
End of Article