बात जब वेट लॉस की आती है, तो इंटरमिटेंट फास्टिंग इसका एक सबसे कारगर तरीका बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंटरमिटेंट फास्टिंग खाने का एक प्लान है, जो आपकी वेट लॉस में काफी मदद कर सकता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदे तो आप अक्सर सुनते हैं, लेकिन आज हम आपको इसके साइड इफेक्ट्स के बारे में बताएंगे। जी हां इतने फायदे वाली इंटरमिटेंट फास्टिंग कुछ लोगों के लिए बिल्कुल भी सेफ नहीं होती है। हम आपको ऐसे लोगों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें इंटरमिटेंट फास्टिंग नहीं करनी चाहिए। ये उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
क्या होती है इंटरमिटेंट फास्टिंग?
इंटरमिटेंट फास्टिंग जिसे हम आंतरायिक उपवास भी कह सकते हैं। ये लोगों की डाइट को लेकर एक खास प्लान बनाता है। जिसे लोगों द्वारा फॉलो किए जाने के पीछे वजह ये है कि इसके टाइम पैटर्न को आप अपनी दिनचर्या के अनुसार चुन सकते हैं। इंटरमिटेंट फास्टिंग के कई मेथड हो सकते हैं, जिसमें 16:8, 5:2, 14:10, और 18:6 जैसे नियम शामिल हैं। आपको बता दें कि ये इंटरमिटेंट फास्टिंग वेट लॉस के लिए काफी असरदार मानी जाती है।
किन लोगों को नहीं करनी चाहिए इंटरमिटेंट फास्टिंग?
- हेल्थ एक्सपर्ट 18 साल से कम के लोगों को इंटरमिटेंट फास्टिंग न करने की सलाह देते हैं।
- ऐसी महिलाएं जो गर्भवती हैं, या जो स्तनपान करा रही हैं, उन्हें भी इंटरमिटेंट फास्टिंग नहीं करनी चाहिए।
- जिन लोगों को ईटिंग डिसऑर्डर है, या खाने से जुड़ी कोई समस्या है। उन्हें भी इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से बचना चाहिए।
- इसके अलावा डायबिटीज टाइप-1 वाले लोग भी इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से बचें।
- वहीं पीरियड्स के दौरान महिलाओं को भी इंटरमिटेंट फास्टिंग नहीं करनी चाहिए।
इन लोगों के लिए फायदेमंद है इंटरमिटेंट फास्टिंग
- जो लोग वेट लॉस करना चाहते हैं, उनके लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग असरदार उपाय साबित हो सकता है।
- टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग करना फायदेमंद हो सकता है।
- हार्ट के रोगियों और ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग कई तरह से फायदेमंद हो सकती है।
- इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से आपकी इम्यूनिटी बूस्ट होती है, जिससे आपका बचाव रोगों से होता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
