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डायबिटीज मरीजों के लिए वरदान है इंसुलिन प्लांट, ब्लड शुगर मैनेज करने में मिलती है मदद

डायबिटीज के मरीजों के लिए इंसुलिन प्लांट किसी वरदान से कम नहीं माना जाता। यह पौधा ब्लड शुगर को मैनेज करने, इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करने और पैनक्रियास को स्वस्थ रखने में मदद करता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, सही तरीके से और डॉक्टर की सलाह के साथ इसका इस्तेमाल किया जाए तो यह डायबिटीज कंट्रोल में सहायक हो सकता है।

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वरदान है इंसुलिन प्लांट

डायबिटीज आज के समय में एक ऐसी बीमारी बन चुकी है, जिससे लगभग हर घर किसी न किसी रूप में जूझ रहा है। दवाइयों के साथ-साथ लोग अब नेचुरल और घरेलू उपायों की भी तलाश कर रहे हैं, जो शरीर को बिना नुकसान पहुंचाए राहत दें। ऐसे में इंसुलिन प्लांट का नाम तेजी से चर्चा में आया है। यह पौधा न सिर्फ घर पर आसानी से उगाया जा सकता है, बल्कि ब्लड शुगर मैनेज करने में भी मददगार माना जाता है। सही जानकारी और समझदारी के साथ इसका इस्तेमाल डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

डायबिटीज में क्यों खास माना जाता है इंसुलिन प्लांट

इंसुलिन प्लांट, जिसे वैज्ञानिक भाषा में कोस्टस इग्नेसस कहा जाता है, डायबिटीज के मरीजों के लिए उपयोगी माना जाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह पौधा ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है। इसके पत्तों में मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर को ग्लूकोज को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने में सहायक होते हैं, जिससे शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।

एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं इसके फायदों पर

सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा के अनुसार, इंसुलिन प्लांट सिर्फ डायबिटीज ही नहीं, बल्कि इंसुलिन रेजिस्टेंस, पीसीओएस और वजन घटाने में भी मददगार हो सकता है। इसमें पाया जाने वाला क्लोरोजेनिक एसिड कोशिकाओं की शुगर सोखने की क्षमता को बढ़ाता है और इंसुलिन के असर को बेहतर बनाता है।

पैनक्रियास पर कैसे करता है असर

डायबिटीज में पैनक्रियास की भूमिका सबसे अहम होती है। इंसुलिन प्लांट पैनक्रियास की बीटा कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में सहायक माना जाता है। यही कोशिकाएं शरीर में इंसुलिन बनाने का काम करती हैं। जब ये कोशिकाएं बेहतर तरीके से काम करती हैं, तो ब्लड शुगर को कंट्रोल करना थोड़ा आसान हो जाता है।

इंसुलिन प्लांट का सही इस्तेमाल कैसे करें

इंसुलिन प्लांट नर्सरी में आसानी से मिल जाता है और घर में गमले में भी उगाया जा सकता है। इसके लाभ पाने के लिए सुबह खाली पेट इसकी 1-2 ताजी पत्तियां चबाने की सलाह दी जाती है। इसके बाद कुछ समय तक कुछ खाने-पीने से बचना चाहिए, ताकि इसका असर बेहतर हो सके।

सावधानी और जीवनशैली में बदलाव क्यों जरूरी

अगर आप डायबिटीज की दवा ले रहे हैं, तो इंसुलिन प्लांट का इस्तेमाल डॉक्टर से सलाह लेकर ही करें। बिना निगरानी इसके सेवन से ब्लड शुगर जरूरत से ज्यादा गिर सकता है। साथ ही, सिर्फ पौधे या घरेलू उपायों पर निर्भर रहना काफी नहीं है। संतुलित आहार, रोजाना हल्का व्यायाम, अच्छी नींद और तनाव कम करना भी उतना ही जरूरी है। सही लाइफस्टाइल और मेडिकल सलाह के साथ ही डायबिटीज को बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है।

Inputs: IANS

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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