हेल्थ

प्रेग्नेंसी में बढ़ सकता है ब्लड प्रेशर, क्रोनिक हाइपरटेंशन से गर्भवती महिला को ऐसे रखें सुरक्षित

  • Edited by: प्रणव मिश्र
  • Updated Mar 30, 2023, 10:37 AM IST

Gestational Hypertension: गर्भकालीन मधुमेह और उच्च रक्तचाप दो सबसे आम स्थितियां हैं जो गर्भवती माताओं को प्रभावित करती हैं। ACOG के अनुसार वैश्विक स्तर पर 10% महिलाएं गर्भधारण बाद वाली स्थितियों से प्रभावित होती हैं। जेस्टेशनल हाइपरटेंशन से गर्भवती महिलाएं खुद को कैसे सुरक्षित रख सकती हैं, आइये जानते हैं-

Image

Gestational Hypertension: प्रेग्नेंसी में हाइपरटेंशन होने पर क्या होता है?

Photo : iStock

Chronic Hypertension in Pregnancy: मां बनना हर महिला का सपना होता है। शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बच्चे को जन्म देना मां के लिए वरदान की तरह होता है, लेकिन आजकल स्वस्थ बच्चे को जन्म देने में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आजकल माहौल बदल गया है। महिलाएं घर के कामों के अलावा बाहर काम करने लगी हैं और खान-पान भी एक जैसा नहीं रहता है, ऐसे में गर्भावस्था के दौरान कई तरह की समस्याएं पैदा होने लगी हैं।

इन समस्याओं में सबसे आम है उच्च रक्तचाप, जो 10 में से 8 महिलाओं को प्रभावित करता है। कुछ महिलाओं को हाइपोटेंशन की भी समस्या होती है। इससे महिलाओं को परेशानी हो सकती है। जैसे सिजेरियन डिलीवरी, समय से पहले डिलीवरी, जन्म के समय कम वजन मां और बच्चे दोनों के लिए समस्या पैदा कर सकता है।

कितने प्रकार का होता है ब्लड प्रेशर ? | Types of Blood Pressure

प्रेगनेंसी में ब्लड प्रेशर की समस्या दो तरह की होती है- क्रॉनिक ब्लड प्रेशर और जेस्टेशनल ब्लड प्रेशर। ये दोनों प्रकार के रक्तचाप गर्भावस्था को प्रभावित करते हैं, लेकिन गंभीर उच्च रक्तचाप में गर्भावस्था से पहले या गर्भावस्था के 20 सप्ताह से पहले, रक्तचाप 140/90 मिमी Hg होता है, जबकि गर्भकालीन रक्तचाप 20 सप्ताह के बाद उच्च रक्तचाप होता है।

किस कारण से गर्भवती महिलाओं में बढ़ता है बीपी ? | High Blood Pressure During Pregnancy

जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप से पीड़ित होती हैं उन्हें शरीर में सूजन, नींद में बार-बार रुकावट, गर्भावस्था के दौरान वजन बढ़ने का सामना करना पड़ता है। हालांकि गर्भावस्था के दौरान वजन बढ़ने की स्थिति होती है, लेकिन अचानक से वजन बढ़ना हाई ब्लड प्रेशर के कारण होता है। साथ ही क्रॉनिक हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित गर्भवती महिलाओं में ब्लड प्रेशर की समस्या के कारण उन्हें नींद न आना, सिरदर्द, चक्कर आने जैसी समस्याएं भी होती हैं।

किस उम्र में होता है ज्यादा खतरा ? | Age Factor for BP

एक अध्ययन के अनुसार, 25 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप का खतरा अधिक होता है। हफ्ते में 3 दिन ब्लड प्रेशर चेक करना चाहिए। जिन महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होती है उन्हें ब्लड प्रेशर सामान्य रखने के लिए हफ्ते में 3 दिन अपना ब्लड प्रेशर चेक कराना चाहिए। शरीर में ब्लड प्रेशर 140/90 mmHg होना चाहिए। हालांकि दो प्वाइंट के बढ़ने या घटने से शरीर पर कोई असर नहीं पड़ता, लेकिन अगर ब्लड प्रेशर में 10 या 20 प्वाइंट का अंतर हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

किस प्रकार से ब्लड प्रेशर से बच सकती हैं महिलाएं ? | How can pregnant women avoid blood pressure?

उच्च रक्तचाप वाली गर्भवती महिलाओं को अपने आहार का ध्यान रखना चाहिए। उदाहरण के लिए सफेद नमक की जगह गुलाबी नमक, सेंधा नमक का प्रयोग करें। इसके अलावा जिन फलों और सब्जियों में तरह-तरह के विटामिन, मिनरल्स और आयरन होता है, उनका अधिक सेवन करना चाहिए। आपको अपने आहार में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम करके विटामिन, खनिज आदि की मात्रा बढ़ानी चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेना चाहिए। चाय, कॉफी या कैफीनयुक्त पेय पदार्थों से बचें।

डॉक्टर से करें संपर्क

गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप के जोखिम को कम करने में डॉक्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का सही तरीके से उपयोग करना और दवाओं का नियमित रूप से उपयोग करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यदि इनका असामान्य रूप से उपयोग किया जाता है, तो उच्च रक्तचाप की संभावना बढ़ जाती है। यदि गर्भवती महिला में हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन के लक्षण हों तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ताकि गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास सही तरीके से हो और गर्भावस्था के दौरान ब्लड प्रेशर का स्तर सामान्य बना रहे।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

प्रणव मिश्र
प्रणव मिश्रauthor

मीडिया में पिछले 5 वर्षों से कार्यरत हैं। इस दौरान इन्होंने मुख्य रूप से टीवी प्रोग्राम के लिए रिसर्च, रिपोर्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम किया है। इससे पहले जनसत्ता, लोकसभा टीवी/संसद टीवी, पेबेल मीडिया नेटवर्क, टाइम 8, डीडी न्यूज़ के लिए काम कर चुके हैं। इस समय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पेशल करेस्पोंडेंट के पद पर कार्यरत हैं।

और पढ़ें
End of Article