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स्मोकिंग से जले फेफड़े भी होंगे क्लीन, Smoking के जहर को निकाल फेंकेगी ये देसी ड्रिंक, पिचके लंग्स में भरेगी हवा

Ayurvedic Drink To Clean Lungs In Hindi: धुएं और स्मोकिंग की वजह से फेफड़ों में जमने वाले टॉक्सिन केवल लंबे समय तक परेशानी ही नहीं बल्कि सांस लेने की क्षमता में कमी, खांसी, कफ और गंभीर बीमारियों जैसे COPD या कैंसर का कारण भी बन सकते हैं। अच्छी बात यह है कि एक खास ड्रिंक फेफड़ों की नेचुरल सफाई में बहुत कारगर साबित हो सकती हैं। आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे।

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Ayurvedic Drink To Clean Lungs In Hindi:

Ayurvedic Drink To Clean Lungs In Hindi: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और स्ट्रेस के बीच कई लोग स्मोकिंग का शिकार हो जाते हैं। सिगरेट का धुआं धीरे-धीरे फेफड़ों को कमजोर कर देता है। इसका असर सिर्फ सांस लेने में दिक्कत तक सीमित नहीं रहता बल्कि फेफड़ों में कफ जमने, बार-बार खांसी आने और सांस फूलने जैसी समस्याएं भी पैदा करता है। अच्छी बात यह है कि आयुर्वेद में कुछ ऐसे देसी और आसान नुस्खे बताए गए हैं, जिनसे फेफड़ों की नेचुरल सफाई की जा सकती है। एक खास ड्रिंक तो इतना असरदार है कि यह फेफड़ों में जमी गंदगी को बाहर निकाल कर उन्हें साफ और हेल्दी बनाने में मदद करता है।

हल्दी और शहद का कमाल

हल्दी और शहद दोनों ही शरीर को डिटॉक्स करने के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। हल्दी की एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण फेफड़ों की सूजन कम करते हैं, जबकि शहद का एंटीऑक्सिडेंट असर लंग्स को रिपेयर करने में मदद करता है। अगर आप स्मोकिंग करते हैं या कर चुके हैं, तो हल्दी-शहद वाले गर्म पानी का सेवन फेफड़ों को राहत पहुंचा सकता है।

तुलसी-अदरक का अर्क

तुलसी और अदरक का कॉम्बिनेशन लंग्स डिटॉक्स के लिए सबसे आसान और असरदार तरीका है। तुलसी बलगम निकालने में मदद करती है और अदरक सांस की नलियों को साफ करने का काम करता है। रोज सुबह इसका सेवन फेफड़ों की सफाई और सांस की तकलीफ को कम करने में मदद करता है।

भाप लेना है जरूरी

स्मोकिंग करने वालों के फेफड़ों में कफ ज्यादा जम जाता है। ऐसे में भाप लेना बहुत फायदेमंद साबित होता है। अगर भाप में पुदीना या नीलगिरी की कुछ बूंदें डाल ली जाएं तो यह और भी असरदार बन जाता है। यह तरीका सांस की नलियों को खोलने और कफ को ढीला कर बाहर निकालने में मदद करता है।

एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर डाइट

फेफड़ों को साफ और हेल्दी बनाए रखने के लिए एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर आहार बेहद जरूरी है। पालक, ब्रोकली, संतरा और सेब जैसे फल-सब्जियां फेफड़ों की डैमेज सेल्स को रिपेयर करने और इन्फ्लेमेशन कम करने में मदद करते हैं। अगर आप डेली डाइट में इन चीजों को शामिल करेंगे तो फेफड़ों की सेहत जल्दी सुधरेगी।

प्राणायाम और व्यायाम

फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्राणायाम और गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज बहुत जरूरी है। योग और वॉकिंग जैसी साधारण एक्टिविटी भी लंग्स को मजबूत बनाने में मदद करती है। रोजाना 10-15 मिनट का प्राणायाम फेफड़ों की सफाई और ऑक्सीजन की सप्लाई बेहतर करने में कारगर है।

स्मोकिंग से खराब हुए फेफड़े पूरी तरह से ठीक होने में समय लेते हैं, लेकिन अगर आप सही डाइट, घरेलू नुस्खे और प्राणायाम जैसे हेल्दी हैबिट्स अपनाएँ तो फेफड़े नेचुरली डिटॉक्स हो सकते हैं। हल्दी-शहद वाला ड्रिंक, तुलसी-अदरक का अर्क और भाप जैसे आसान उपाय पिचके फेफड़ों में भी नई जान डाल सकते हैं। सबसे अहम बात यह है कि स्मोकिंग को तुरंत छोड़ना ही फेफड़ों को बचाने का पहला कदम है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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