कोरोना काल में कितना अहम हो गया है योग? बीमारी, डिप्रेशन से लड़ने में ये कैसे दे रहा सहयोग?

शारीरिक मानसिक रूप से फिट रहने में योग, ए‍क्‍सरसाइज की भूमिका हमेशा से अहम रही है। अब कोरोना काल में इसकी अहमितयत कहीं अधिक बढ़ गई है। कई अध्‍ययनों में इसे स्‍वस्‍थ जीवनशैली के लिए अहम बताया गया है।

शारीरिक मानसिक रूप से फिट रहने में योग, ए‍क्‍सरसाइज की भूमिका हमेशा से अहम रही है
शारीरिक मानसिक रूप से फिट रहने में योग, ए‍क्‍सरसाइज की भूमिका हमेशा से अहम रही है  |  तस्वीर साभार: BCCL

नई दिल्‍ली : शारीरिक और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य में योग-एक्सरसाइज की हमेशा से अहमियत रही है। आज दुनियाभर में कोरोना वायरस महामारी के कारण इसका महत्‍व और भी बढ़ गया है। भारतीय समाज में जहां योग की अहमियत प्राचीनकाल से ही रही है, वहीं पश्चिमी समाज में भी अब इसे मान्‍यता मिल रही है। 21 जून को अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर योग दिवस मनाए जाने की शुरुआत इसी को बयां करता है।

कोरोना काल हो या सामान्‍य परिस्थिति योग-एक्‍सरसाइज स्‍वस्‍थ जीवनशैली का अहम हिस्‍सा रहा है। अब एक स्‍टडी में सप्‍ताह में कम से कम 150 मिनट के योग-एक्‍सरसाइज को स्‍वस्‍थ जीवनशैली के लिए अहम बताया गया है। इसी के आधार पर अमेरिकी नियामक संस्‍था सीडीसी ने अपने नागरिकों के लिए फिजिकल एक्टिविटी गाइडलाइंस जारी की है, जिसमें वयस्‍कों के लिए सप्‍ताह में मध्‍यम तीव्रता वाले कम से कम 150 मिनट के एरोबिक एक्‍सरसाइज गतिविधि को अहम बताया है। वहीं अगर कोई भारी-भरकम एक्‍सरसाइज करता है वह सप्‍ताह में 75 मिनट तक ऐसा कर सकता है।

फिट रहने के लिए एक्‍सरसाइज जरूरी

ब्रिट‍िश जर्नल ऑफ स्‍पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्‍ययन में भी कहा गया है कि जो लोग खुद को फिट रखने के लिए नियमित तौर पर फिजिकल एक्टिविटी करते हैं, उनमें कोविड-19 से संक्रमण के कारण गंभीर रूप से बीमार होने का खतरा कम हो सकता है। इसके अतिरिक्‍त, शरीरिक रूप से कम सक्रिय रहने वाले लोगों में मोटापा, डायबिटीज, हृदय रोग सहित जीवनशैली से जुड़ी कई समस्‍याएं देखी गई हैं, जिनका सीधा संबंध कोविड-19 के संक्रमण और इससे मरीजों की स्थिति बिगड़ने तथा उनकी मौत से है।

योग-ए‍क्‍सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शामिल करने वाले लोग भी इसकी अहमियत बताते रहे हैं कि अगर इसे रोजाना व नियमित तौर पर किया जाए तो यह कितना सकारात्‍मक प्रभाव हमारे शरीर के साथ-साथ मन-मस्तिष्‍क पर भी डालता है। एक्‍सरसाइज हमारे शरीर को चुस्त-दुरुस्‍त रखता है तो मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। नियमित तौर पर एक्‍सरसाइज करने से शरीर के सभी अंग एक्टिव रहते हैं, जो हृदय रोग, डायबिटीज जैसी बीमारियों से जूझने में मददगार होता है।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से भी अहम

नियमित एक्‍सरसाइज मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से भी बेहतर है। alzheimers.org.uk के अनुसार, कई अध्‍ययनों में बताया गया है कि फिजिकल एक्टिविटी का असर उनकी सोच और याददाश्‍त पर भी होता है और यह डिमेंशिया के जोखिम को 30 फीसदी तक कम कर सकता है।

योग-एक्‍सरसाइज को डिप्रेशन को दूर रखने में भी कारगर समझा जाता है, जिसकी चपेट में इन दिनों बहुतेरे लोग आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण कई तरह से लोगों को मानसिक आघात पहुंचा रहा है, जिसमें कई तरह के योग कारगर समझे जाते हैं।

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