Covid 4th Wave: क्या देश में दस्तक देने वाली है कोरोना की चौथी लहर? जानें क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 20, 2022, 01:30 PM IST

चीन, हॉन्ग-कॉन्ग, दक्षिण कोरिया समेत युरोप के कई हिस्सो में कोरोना के बढ़ते मामले ने जाने-अनजाने में भारत की दिल की धड़कन तेज़ कर दी है। सबके मन में ये उठने लगा है कि क्या देश में कोरोना की चौथी लहर आने वाली है।

Covid 4th Wave: क्या देश में दस्तक देने वाली है कोरोना की चौथी लहर? जानें क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट
Photo Credit: BCCL

Covid 19 Fourth Wave News: कोरोना के जद से अभी तो देश की हालत सुधरी थी।  लोगों ने जमकर होली समेत कई अन्य त्योहार का आनंद उठाया, लेकिन कई देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों ने भारत को भी चिंता की दहलीज़ पर लाकर खड़ा कर दिया है. प्रसन्नता के इस माहौल में लोगों के चेहरे पर चिंता की लंकीरें उकेर दी हैं कोरोना के मामलों ने।  तो चलिए देखते हैं कि आखिर किस बिना  पर सबके मन में चिंता खड़ी हुई है और क्या कहते हैं एक्सपर्ट।  

चीन ने एक बार फिर बढ़ाई चिंता

चीन में एक बार फिर से कोरोना के मामलों में जहां बढ़ोतरी देखी जा रही है, वहीं चीन ने 10 से ज्यादा शहरों में पूरी तरह से लॉकडाउन लगा दिया है। चीन में करीब 14 महीने के बाद कोरोना से हुई दो मौतों ने पूरी दुनिया के लिए चिंता की लकीरें उकेर दी हैं. हालांकि 2 की संख्या भले ही आपको कम लगे, लेकिन भूत में कोरोना के इतने भयावह मज़र से लोग गुज़रे हैं कि इसे दरकिनार भी नहीं किया जा सकता। 

बदहाल दक्षिण कोरिया का हाल

सिर्फ चीन ही नहीं, बल्कि दक्षिण कोरिया में भी कोरोना के बढ़ते मामलों ने हिलाकर रख दिया है. साउथ कोरिया में एक दिन में 6 लाख से ज्यादा मामले सामने आए, जो न सिर्फ उस देश के लिए बल्कि दुनिया के सभी देशों की भौंहों को तानकर रख दिया। 

क्या है देश का हाल ?

देश में पिछले कुछ दिनों से कोरोना की संख्या में लगातार गिरावट जारी है। कोरोना के दो हज़ार के आसपास नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं। साफ शब्दों में कहें, तो भारत में कोरोना के मामले अभी डराने वाले नहीं है, लेकिन इतिहास देखेंगे, तो आपको इसे दरकिनार करने में डर लगेगा, क्योंकि आपके आसपास और आपका कोई अपना भी इस रोग की चपेट में आया होगा।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट 

दुनिया के कुछ हिस्सों में तेज़ी से फैल रहे कोरोना के मामले और देश में चौथी लहर के दस्तक पर हमने National AEFI (एडवर्स इवेंट्स फॉलोविंग इम्युनाइज़ेशन) कमिटी के मेंबर राजीब दासगुप्ता से बातचीत की. डॉक्टर राजीब ने कहा कि फिलहाल वैश्विक स्तर पर  BA.2 सबलाइनेज को लेकर चिंता जताई जा रही है। इसे ओमिक्रॉन के रूप में ही वर्गीकृत किया गया है, लेकिन ओमिक्रॉन के एक अलग सब-वेरिएंट के रूप में इसकी निगरानी हो रही है। 

हाल के दिनों में BA.1 परस्पर BA.2 बढ़ रहा है जो विश्व स्तर पर चिंता का विषय है। वर्तमान में यह समझा जाता है कि उन देशों में BA.2 और BA.1 के बीच नैदानिक ​​​​गंभीरता में कोई अंतर नहीं है जहां प्राकृतिक संक्रमण और टीकाकरण दोनों से प्रतिरक्षा अधिक है। यह भारत के लिए भी सच होना चाहिए। फिर भी BA.2 वेरिएंट से आने वाले हफ्तों में भारत में कुछ नए उछाल आने की उम्मीद की जा सकती है। 

क्या कहना है WHO का 

सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर के देशों में इस समय चीन को लेकर लोग अलर्ट पर हैं। हालांकि WHO का कहना है कि BA.2 के बारे में कोई राय बनाना अभी जल्दबाज़ी होगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि ये वेरिएंट अपने पैरेंट स्टेन से अधिक गंभीर लक्षण नहीं देता है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ये भी कहा कि चिंता ये भी है कि BA.1 और BA.2 मिलकर नए सब वेरिएंट में बदल सकते हैं। 

युरोप सहित तमाम देश में भले ही कोरोना के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है, लेकिन साफ है कि भारत में मामलों के बढ़ने की बात एक्सपर्ट कर रहे हैं, लेकिन चौथी लहर को लेकर एक्सपर्ट भी अभी चिंतित नहीं है। हालांकि चीन, दक्षिण कोरिया में बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत सरकार ने राज्य सरकारों से सर्दी-ज़ुकाम के लक्षण पर ध्यान रखने को कहा है। 

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