Hypersomnia Symptoms: अच्छी सेहत के लिए भरपूर नींद बेहद जरूरी है। एक अच्छी नींद आपको पूरे दिनभर तरोताजा रखता है। हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि एक स्वस्थ शरीर के लिए 7 से 8 घंटे की नींद लेना पर्याप्त होता है। नींद कम आना भी बीमारी का संकेत देता है व अत्यधिक नींद आना भी परेशानी खड़ा कर सकता है। कुछ लोगों को दिन भर नींद की झपकियां आती है वे बैठे-बैठे ही सो जाते हैं। यह एक तरह की बीमारी है। जिसे हाइपरसोमनिया कहते हैं। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति को 24 घंटे नींद आती है। इसमें व्यक्ति बैठे बैठे ही कहीं पर भी सो जाता है। इससे कई तरह की समस्याएं हो जाती है। जैसे कब्ज की शिकायत, मोटापा बढ़ना। सिर में दर्द होने जैसी कई समस्याएं होने लगती हैं। आइए जानते हैं क्या है हाइपरसोमनिया व इसके लक्षण।
जानिए क्या है हाइपरसोमनिया
हाइपरसोमनिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति को हर वक्त नींद आती है। इतना ही नहीं वह बैठे-बैठे ही सो जाता है। इस बीमारी के चलते व्यक्ति के अंदर ऊर्जा का स्तर काफी कम हो जाता है। जिसके चलते वह हमेशा थकान और सुस्ती महसूस करता है।
जानिए क्या है इसके कारण
हाइपरसोमनिया स्लीप डिसऑर्डर कई कारणों से हो सकता है। यह बीमारी दिन में ज्यादा सोने की वजह से भी होता है। जिसका व्यक्ति को पता नहीं चलता है। इसका एक और कारण रात में भरपूर नींद न लेना भी हो सकता है। इसके अलावा सोते हुए खर्राटे लेना, अत्याधिक वजन, ज्यादा एल्कोहलिक होना जैसी कई समस्या के कारण यह बीमारी हो सकती है।
हाइपरसोमनिया के लक्षण
हाइपरसोमनिया की वदह से शरीर में भारीपन रहता है और इससे कार्यक्षमता कम होती है। नींद लेने के बाद भी आपको वो ताजगी अनुभव नहीं होती है, जो होनी चाहिए। बल्कि शरीर में ऊर्जा का अभाव और सिर में भारीपन महसूस होता है। रात को पर्याप्त नींद लेने के बाद भी सुबह उठने में समस्या होती है। जानकारी के मुताबिक दुनिया में लगभग 5 प्रतिशत लोग हाइपरसोमिनया से ग्रसित होते हैं।
जानिए क्या है इलाज
इस डिसऑर्डर का सही इलाज आपको किसी अच्छे सायकाइट्रिस्ट से कराना चाहिए। अपनी डायट का ध्यान रखना चाहिए और मेडिटेशन जरूर करना चाहिए। इसके अलावा शराब, कैफीन का सेवन बंद कर देना चाहिए।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

