Causes of Cataract: नजरें लगातार हो रही हैं कमजोर, तो आपको हो सकता मोतियाबिंद

Causes of Cataract: मोतियाबिंद के वैसे तो कई कारण होते हैं, जिनमें डायबिटीज, बढ़ती उम्र, ज्यादा मात्रा में शराब का सेवन, आंखों में चोट लगना या सूजन होना और मोटापा शामिल है। इसके अलावा किसी के परिवार में मोतियाबिंद का इतिहास रहा है, तो भी ये समस्या हो सकती है।

Causes of Cataract
Causes and Symptoms of Cataract 
मुख्य बातें
  • डायबिटीज और बढ़ती उम्र की वजह से होता है मोतियाबिंद
  • मोतियाबिंद से बचाव के लिए नियमित रूप से कराएं आंखों की जांच
  • मायोपिया के बढ़ने से भी हो सकता है मोतियाबिंद

Causes of Cataract: आजकल की खान-पान की खराब आदतों और देर तक कंप्यूटर पर काम करने की वजह से आंखों की कमजोरी की समस्या आम हो गई है। ऐसे में मायोपिया नाम की बीमारी का होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। ये एक ऐसी समस्या है, जिसे निकट दृष्टिदोष के रूप में जाना जाता है। इस समस्या में व्यक्ति बिना चश्मे के दूर की चीजों को स्पष्ट रूप से नहीं देख पाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यदि मायोपिया लगातार बढ़ता जा रहा है तो मोतियाबिंद की समस्या हो सकती है। आज इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं मोतियाबिंद के कारणों और इससे बचने के उपायों के बारे में , तो चलिए जानते हैं-

मोतियाबिंद से आंखों को बचाने के लिए करें रोकथाम के ये उपाय

Also Read: Cancer Symptoms: कैंसर के लक्षण हो सकते हैं मांसपेशियों में ऐंठन व मरोड़ के संकेत, यहां जानें डीटेल्स

क्या कहते हैं आंकड़े 

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्टडी के अनुसार भारत में 5-15 साल के बच्चों में 6 में से एक बच्चा मायोपिया की जकड़ मे है। वहीं, अन्य स्टडीज में सामने आया है कि जिन लोगों को 20 साल की उम्र से पहले ही ये समस्या हो गई थी, उनमें मोतियाबिंद होने का खतरा ज्यादा होता है।  

मोतियाबिंद के कारण

मोतियाबंद के वैसे तो कई कारण होते हैं, जिनमें डायबिटीज, बढ़ती उम्र, ज्यादा मात्रा में शराब का सेवन, आंखों में चोट लगना या सूजन होना और मोटापा शामिल है। इसके अलावा किसी के परिवार में मोतियाबिंद का इतिहास रहा है, तो भी ये समस्या हो सकती है। 

Also Read: Benefits of Sesame oil: बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में कारगर होता है तिल का तेल, ऐसे करें इस्तेमाल

मोतियाबिंद की रोकथाम के उपाय

मोतियाबिंद की रोकथाम के कोई सही-सटीक उपाय तो नहीं है, फिर भी इस समस्या से राहत पाने के लिए नियमित रूप से आंखों की जांच की जानी चाहिए। इसके अलावा धूप में निकलने से पहले सनग्लासेज लगाएं, इससे खतरनाक सूर्य की किरणों से बचाव होता है। इसके साथ ही अपनी डाइट में हरी सब्जियों को शामिल करें। इसके अलावा धूम्रपान और शराब का सेवन कम करें। इसके साथ ही डायबिटीज और मोटापे से बचने के लिए उचित उपाय करें, इन समस्याओं से शरीर में अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। 

( डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का आई केयर प्रोग्राम शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

Times Now Navbharat
Times now
zoom Live
ET Now
ET Now Swadesh
Live TV
अगली खबर