Gurugram में दर्दनाक हादसाः टावर के 17वें माले से श्रमिकों सहित नीचे जा गिरी क्रेन, चार की दबकर मौके पर मौत

Gurugram Crane Accident: गुरुग्राम के एम्मार पाल्म हिल्स सोसायटी में हुए एक बड़े हादसे में चार श्रमिकों की जान चली गई। ये श्रमिक एक निर्माणाधीन टॉवर की 17वीं मंजिल पर टॉवर क्रेन चढ़ाने का कार्य कर रहे थे तभी क्रेन सहित नीचे गिर गए। सभी मजदूरों की घटनास्‍थल पर ही मौत हो गई।

Gurugram Crane Accident
टॉवर क्रेन समेत गिरकर चार श्रमिकों की मौत   |  तस्वीर साभार: Representative Image
मुख्य बातें
  • एम्मार पाल्म हिल्स सोसायटी में टावर निर्माण के समय हुआ हादसा
  • श्रमिक क्रेन को टॉवर के 17वीं मंजिल पर ले जा रहे थे, तभी गिर गया
  • एक मजबूर की 12वीं मंजिल के जाल में लटक कर बची जान, गंभीर

Gurugram Crane Accident: गुरुग्राम के सेक्टर-77 स्थित एम्मार पाल्म हिल्स सोसायटी में एक बड़े हादसे में चार श्रमिकों की जान चली गई। यहां निर्माणाधीन एक टॉवर की 17वीं मंजिल पर टॉवर क्रेन लगाते समय वह श्रमिकों सहित नीचे गिर गया। जिससे चार श्रमिकों की क्रेन के नीचे दबकर घटनास्‍थल पर ही मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से जख्‍मी एक श्रमिक का अस्‍पताल में इलाज चल रहा है। घायल श्रमिक 12वीं मंजिल पर लगी एक जाली में फंसने के कारण नीचे नहीं गिरा।

यह हादसा मंगलवार देर शाम का है। हादसे के बाद हर तरफ हड़कंप मच गया। प्रशासन द्वारा इस हादसे की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि निर्माण कंपनी द्वारा साइट पर सुरक्षा मानक नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। घटना के बाद से ठेकेदार फरार है। वहीं इस हादसे में मारे गए श्रमिकों की पहचान कुमोद, नवीन, मोहम्मद तहमीद तथा परमेश्वर के तौर पर हुई है, सभी मृतक बिहार के किशनगंज जिला के रहने वाले थे। घायल की पहचान नहीं हो पाई है।

श्रमिकों को नहीं दिए गए थे सेफ्टी बेल्ट

घटनास्थल पर जांच के लिए पहुंचे सहायक पुलिस आयुक्त सुरेश कुमार ने बताया की इस हादसे के प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इस टॉवर का निर्माण जय जय राम सिंह इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी कर रही थी। इस कंपनी द्वारा सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। क्रेन में सवार श्रमिकों को सेफ्टी बेल्ट तक नहीं दिए गए थे। जिसके कारण हादसे के समय श्रमिक अपना बचाव नहीं कर सके। कंपनी को हादसे का दोषी मानते हुए उसके खिलाफ मामला दर्ज कर गहनता से जांच शुरू की जाएगी। इस हादसे के बाद से ही यहां पर काम रोक दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार जहां पर हादसा हुआ, वह सोसायटी कुल 29 एकड़ में विकसित की जा रही है जिसमें कुल 78 टावरों का निर्माण किया जाना है। यहां के कई टावरों में रिहायश शुरू हो गई है। यह एकमात्र टावर था जिसका निर्माण कार्य चल रहा था।

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