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अमेरिकी प्रस्ताव में ऐसा क्या, जिस पर बर्बाद होने के बाद भी सीजफायर को तैयार नहीं हो रहा हमास? पांच प्वाइंट में समझिए

अमेरका ने हमास और इजराइल के बीच समझौते के लिए एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसे इजराइल ने मान लिया है, लेकिन हमास ने इसपर अभी तक हामी नहीं भरी है। रिपोर्ट्स के अनुसार हमास इसमें संसोधन की मांग कर रहा है।

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हमास के लड़ाके

Photo : AP

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजराइल और हमास के बीच भी समझौते की कोशिश में जुटे हैं। अमेरिकी समझौते को इजराइल ने तो मान लिया है, लेकिन हमास इसे प्रस्ताव पर तैयार नहीं दिख रहा है। जबकि हमास इस लड़ाई में बर्बाद हो चुका है, उसके ठिकाने तबाह हो चुके हैं, मुखिया से लेकर लड़ाके तक मारे जा चुके हैं, फिर भी हमास तैयार नहीं है। पहले विचार करने की बात कहते रहा और अब संशोधन की। अब सवाल ये है कि अमेरिकी समझौते में ऐसा क्या है कि हमास इसके लिए तैयार नहीं हो रहा है। जबकि इजराइल तुरंत तैयार हो गया।

हमास की मांग

हमास ने गाजा के लिए अमेरिका के नवीनतम युद्धविराम प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसमें संशोधन की मांग की है। हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपनी पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर 'एसोसिएटेड प्रेस' को बताया, "कुछ बिंदुओं पर कुछ नोट्स और संशोधन हैं, विशेष रूप से अमेरिकी गारंटी, बंधकों की रिहाई का समय, सहायता की आपूर्ति और इजराइली सेना की वापसी पर।"

किन बातों पर है हमास को आपत्ति

हमास के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने कहा है कि गाजा पट्टी में युद्ध रोकने के लिए अमेरिका का जो प्रस्ताव आया है, उस पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, यह प्रस्ताव हमास और फिलिस्तीनी लोगों की मुख्य मांगों को पूरा नहीं करता। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, हमास के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य बासम नईम ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि उन्हें अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ द्वारा पिछले हफ्ते दिए गए युद्धविराम प्रस्ताव पर इजरायल की प्रतिक्रिया मिल गई है।

  • नईम के मुताबिक, इजरायल ने फिलिस्तीन की मुख्य मांगों को नहीं माना।
  • इनमें लड़ाई को पूरी तरह खत्म करना और गाजा पर लगी पुरानी नाकेबंदी हटाना शामिल है।
  • यह प्रस्ताव युद्धविराम के दौरान भी इजरायल के कब्जे और लोगों की तकलीफों को जारी रहने देगा।
  • प्रस्तावित समझौते में केवल 60 दिन का युद्धविराम शामिल है, मतलब सिर्फ कुछ दिनों की राहत।
  • हमास इजराइल पर आरोप लगाते रहा है कि इजराइल युद्धविराम को नहीं मानता है, कुछ दिनों के बाद वो फिर से हमला कर सकता है, जैसा पिछली बार किया था।

प्रस्ताव पर हमास ने क्या कहा था

हमास ने पहले कहा था कि उसे मध्यस्थों के जरिए नया युद्धविराम प्रस्ताव मिला है। वह इसका मूल्यांकन इस तरह कर रहा है कि यह फिलिस्तीनी लोगों के हितों की रक्षा करे और गाजा के लोगों के लिए स्थायी शांति और राहत लाने में मदद करे।

इजराइल की धमकी

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज़ ने हमास को चेतावनी दी है कि वह गाजा युद्ध रोकने के लिए अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ द्वारा पेश किए गए समझौते को स्वीकार कर ले, नहीं तो उसे पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। अपने कार्यालय से जारी एक बयान में रक्षा मंत्री कैट्ज ने कहा कि इजरायली सेना गाजा में पूरी ताकत से अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि हर इलाके में सैनिकों के प्रवेश की तैयारी के तहत, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जमीन, हवा और समुद्र से बड़े पैमाने पर हमले किए गए हैं।

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ट्रंप और नेतन्याहू

समझौते में क्या

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने सीबीएस न्यूज के हवाले से बताया कि एक इजरायली अधिकारी और मामले से परिचित एक अमेरिकी सूत्र ने पुष्टि की है कि प्रस्तावित समझौते में न केवल 60 दिन का युद्धविराम शामिल है, बल्कि 10 जीवित बंधकों और 18 मृत बंधकों के अवशेषों को सौंपने की योजना भी शामिल है। हमास और मिस्र के अधिकारियों के अनुसार, युद्ध विराम से 60 दिनों के लिए लड़ाई रुक जाएगी, गाजा में अभी भी बंधक बनाए गए 58 लोगों में से कुछ को रिहा किया जाएगा, जिसके बदले में फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया जाएगा, साथ ही उन्हें अत्यंत आवश्यक खाद्य सहायता और अन्य सहायता भी दी जाएगी।

इजराइल का हमला जारी

मध्य गाजा में एक घर पर इजराइली हवाई हमले में 22 लोग मारे गए हैं, जिनमें नौ महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। अस्पताल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दीर अल-बलाह शहर में अल-अक्सा शहीद अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार यह हमला मध्य गाजा के शहरी शरणार्थी शिविर बुरेज में एक घर पर हुआ।

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इजराइल के हमले में तबाह गाजा

इजराइल के फैसले से भी बढ़ रहा विवाद

इजराइल ने कहा है कि वह कब्जे वाले वेस्ट बैंक में 22 नयी यहूदी बस्तियां बसाएगा। इनमें नयी बस्तियां बसाना और बिना सरकारी अनुमति के पहले से निर्मित बस्तियों को वैध बनाना शामिल होगा। इजराइल ने 1967 के पश्चिम एशिया युद्ध में गाजा, पूर्वी यरूशलम और वेस्ट बैंक पर कब्जा कर लिया था और फलस्तीनी चाहते हैं कि उनके भविष्य के राष्ट्र में ये तीनों क्षेत्र शामिल हों। ज्यादातर देश बस्तियों को अवैध और दशकों पुराने संघर्ष को हल करने में बाधा मानते हैं। रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज ने कहा कि बस्तियां बसाने से हमारी पकड़ मजबूत होगी।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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