Sharad Pawar With Rahul Gandhi: शह और मात का खेल भले ही शतरंज में होता है, मगर सियासत का सबसे दमदार नियम यही है। यहां कोई किसी का सगा नहीं होता, समय बदलते ही अच्छे से अच्छे वफादार नेता भी पाला बदल लेते हैं। लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो चुकी है, विपक्षी गठबंधन एकता के दावे कर रहा है, मगर अब तक इस गठबंधन में शामिल दलों के बीच सीट बंटवारे पर समझौता नहीं हो पाया। सीट बंटवारे के फॉर्मूले में हो रही देरी कहीं न कहीं इस ओर इशारा कर रही है कि मैं बड़ा-मैं बड़ा वाला मामला अटक रहा होगा।
विपक्षी गठबंधन के बीच कब सेट होगा सीट बंटवारे का फॉर्मूला?
क्षेत्रीय पार्टियां अपना खेमा मजबूत रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा सीटें की चाहत पाले बैठी हैं, तो वहीं इस गठबंधन में शामिल सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस की इसी सोच में होगी कि उसके खाते में अधिक सीटें आएं। इसी बीच कभी नीतीश के नाराज होने की खबर आती है, तो कभी ममता बनर्जी उखड़ जाती हैं। सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव भी कांग्रेस से खफा-खफा दिखते हैं। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच छिड़ तनातनी किसी से नहीं छिपी है। इसी बीच शुक्रवार को राहुल गांधी ने शरद पवार से मुलाकात की और सीटों के मुद्दे पर चर्चा की।
राहुल और पवार की मुलाकात, सीट बंटवारे पर बनी बात?
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCR) के प्रमुख प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में सीट बंटवारे पर शुक्रवार को चर्चा की। दरअसल, 146 सांसदों के निलंबन का विरोध करते हुए संयुक्त विपक्ष ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया, इसी के बाद राहुल गांधी, शरद पवार के साथ उनके 6 जनपथ स्थित आवास पर पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में कुछ समय के लिए बातचीत हुई। सूत्रों ने ऐसा दावा किया है कि इन दोनों नेताओं के बीच महाराष्ट्र में सीट बंटवारे को लेकर चर्चा हुई।
सीट बंटवारे को लेकर क्या है शरद पवार की चाहत?
लोकसभा चुनाव के लिए राहुल और पवार ने महाराष्ट्र विकास आघाड़ी के सहयोगियों शिव सेना (यूबीटी), कांग्रेस और राकांपा के बीच सीट बंटवारे पर चर्चा की। ऐसा कहा जा रहा है कि शरद पवार विपक्षी गठबंधन में वाम दलों, पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी और वंचित बहुजन आघाड़ी जैसे छोटे दलों को भी शामिल करने के पक्ष में हैं। पवार की ऐसी चाहत है कि महाराष्ट्र में सीट बंटवारे को जल्द से जल्द फॉर्मूला सेट कर लिया जाए, जिससे लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए गठबंधन की संयुक्त सभाएं आयोजित की जा सकें।
चौथी बैठक में भी खाली हाथ लौटे नेता, फैसला कब?
बीते 19 दिसंबर, 2023 को विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (INDIA) के घटक दलों के प्रमुख नेताओं ने देश की राजधानी दिल्ली में बैठक की। इस दौरान अगले लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे, साझा जनसभाओं और नए सिरे से रणनीति बनाने समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई। हालांकि पिछली तीन बैठकों की तरह इस बार भी सभी नेताओं के हाथ खाली रह गए, मतलब सीट बंटवारे को लेकर फाइनल फैसला नहीं हो सका। हालांकि ये दावा किया जा रहा है कि इस बैठक में ये फैसला किया गया कि जनवरी, 2024 के दूसरे सप्ताह तक सीट बंटवारे को अंतिम रूप देना है। बता दें, पटना, बेंगलुरु और मुंबई के बाद दिल्ली में आयोजित की गई गठबंधन की ये चौथी बैठक थी।
