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राहुल-प्रियंका की जोड़ी क्या गांधी परिवार को वापस दिलाएगी अमेठी? समझिए कांग्रेस का प्लान

Lok Sabha Chunav: कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाली अमेठी लोकसभा सीट पर फिर गांधी परिवार का कब्जा होगा? सोनिया गांधी ने रायबरेली सीट छोड़ दी है, कयास जताए जा रहे हैं कि अब प्रियंका इस सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। राहुल-प्रियंका की जोड़ी का उत्तर प्रदेश के इन दोनों सीटों पर कितना प्रभाव डालेगी?

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अमेठी और रायबरेली में क्या है कांग्रेस का प्लान?

Photo : Times Now Digital

Congress Plan For Amethi Raebareli: उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 2 सीटें कांग्रेस का गढ़ मानी जाती रही हैं। मगर 2019 के चुनाव में कांग्रेस के किले अमेठी में भाजपा ने जीत का परचम फहराया था। तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को इस सीट से करारी हार झेलनी पड़ी थी, उन्हें भाजपा की स्मृति ईरानी ने पटखनी दी थी, मगर इस बार राहुल और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा जरा भी कोताही बरतने के मूड में नहीं हैं।

क्या अमेठी में होगी कांग्रेस की वापसी?

स्मृति ईरानी ने पिछली बार राहुल को अमेठी में करारी शिकस्त दी थी। हालांकि राहुल गांधी ने उस वक्त केरल के वायनाड सीट से चुनाव जीता था। अब माना जा रहा है कि वो एक बार फिर से अमेठी से ताल ठोकने के लिए तैयार हैं। इस बार वो जहा भी ढिलाई नहीं बरतने वाले हैं, तभी यहां वो अपनी बहन प्रियंका के साथ भारत जोड़ो न्याय यात्रा के जरिए हुंकार भरने जा रहे हैं।

कांग्रेस के हौसले को मिलेगी मजबूती

राहुल गांधी अगर अमेठी में लोकसभा चुनाव लड़ते हैं और वापस इस पर अपना कब्जा जमाते हैं तो निश्चित तौर पर कांग्रेस के मनोबल को मजबूती मिलेगी। जिस तरह मां सोनिया और बेटा राहुल रायबरेली-अमेठी में एकतरफा कब्जा जमा रखे थे, उसी तरह प्रियंका और राहुल की जोड़ी इन दोनों सीटों पर कब्जा जमाने के मूड में होंगे।

न्याय यात्रा में शामिल होंगी प्रियंका गांधी

राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ सोमवार को दोपहर करीब तीन बजे अमेठी में प्रवेश करेगी। इस यात्रा में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल होंगी। पार्टी ने ये जानकारी साझा की है। बताया गया है कि राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राहुल गांधी का पहला स्वागत ककवा में होगा।

यात्रा प्रतापगढ़ जिले के रामपुर खास विधानसभा क्षेत्र से अमेठी की सीमा में प्रवेश करेगी। राहुल गांधीनगर टोल प्लाजा के पास एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे और फुरसतगंज के पास अकेलवा मैदान में रात्रि विश्राम करेंगे और वहां से 20 फरवरी को सुबह 10:00 बजे रायबरेली के लिए प्रस्थान करेंगे। राहुल गांधी की यात्रा जब अमेठी में प्रवेश करेगी, उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा भी इसमें शामिल होंगी।

वाराणसी में मोदी पर जमकर बरसे राहुल

शनिवार को वाराणसी के गोदौलिया चौराहे पर लोगों को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि 'यह देश मोहबत का देश है, नफरत का नहीं। भाई-भाई के टकराव से देश कमजोर होगा। देश को जोड़ना ही सच्ची देश भक्ति है।' राहुल गांधी की इस यात्रा में अपना दल (कमेरावादी) की नेता और कौशांबी के सिराथू से विधायक पल्लवी पटेल भी शामिल हुई थीं। उत्तर प्रदेश में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ शुक्रवार को चंदौली जिले से शुरू हुई।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि वह रायबरेली में इस यात्रा में शामिल होंगे। यात्रा उत्तर प्रदेश से राजस्थान की ओर रुख करेगी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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