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'भारत के साथ संघर्ष दोबारा शुरू होने की आशंका बहुत कम', बोले PAK विदेश मंत्री इशाक डार, क्या फिर सता रहा डर?

संघर्ष के नए दौर की संभावना के बारे में पूछे जाने पर डार ने कहा कि वह भविष्य की भविष्यवाणी नहीं कर सकते, लेकिन ऐसी संभावना बहुत कम है। उन्होंने कहा कि युद्धविराम कायम है। क्या हैं डार के बयान के मायने?

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पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार

Photo : AP

India-Pakistan Conflict: ऑपरेशन सिंदूर में भारत के हाथों बुरी तरह पिटे पाकिस्तान को दोबारा संघर्ष के नाम से ही घबराहट होने लगी है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान और भारत के बीच सशस्त्र संघर्ष फिर से शुरू होने की संभावना बहुत कम है, साथ ही शेखी बघारी कि ऐसा होने पर जवाब दिया जाएगा। डार की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की हाल ही में तुर्की, ईरान, अजरबैजान और ताजिकिस्तान की यात्रा के मद्देनजर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूछे गए सवाल के जवाब में आई। सवाल है कि बात-बात पर भड़काऊ बयान और गीदड़भभकी देने वाला पाकिस्तान बैकफुट पर है और क्या उसे अब भारत की कार्रवाई का डर स्थायी रूप से सताने लगा है।

कहा, युद्धविराम कायम है

संघर्ष के नए दौर की संभावना के बारे में पूछे जाने पर डार ने कहा कि वह भविष्य की भविष्यवाणी नहीं कर सकते, लेकिन ऐसी संभावना बहुत कम है। उन्होंने कहा कि युद्धविराम कायम है। इसलिए मेरी राय में नए युद्ध की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, अगर भारत सशस्त्र संघर्ष का सहारा लेता है तो हम जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए बेताब नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक समग्र वार्ता चाहता है जिसमें आतंकवाद के साथ-साथ सिंधु जल संधि सहित अन्य मुद्दे भी शामिल हों।

पाकिस्तान के आतंकी अड्डे तबाह

पाकिस्तान के आतंकी अड्डे तबाह

डार बोले, आईडब्ल्यूटी को निलंबित नहीं किया जा सकता

उन्होंने यह भी दावा किया कि आईडब्ल्यूटी (IWT) को निलंबित नहीं किया जा सकता। 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के तुरंत बाद भारत ने आईडब्ल्यूटी को स्थगित करने की घोषणा की थी। दोनों देशों ने अपने बीच जल विवाद को सुलझाने और सिंधु बेसिन की छह मुख्य नदियों के पानी को साझा करने के लिए 1960 में IWT पर हस्ताक्षर किए थे। डार ने पहलगाम घटना की निष्पक्ष जांच के प्रस्ताव को दोहराया, जिसके कारण पाकिस्तान और भारत के बीच हाल ही में तनाव बढ़ा है।

सऊदी अरब का दौरा करेंगे शहबाज

डार, जो उप प्रधानमंत्री भी हैं, संघर्ष के दौरान और शांति लाने में अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, यूएई, कतर, ईरान और अन्य देशों द्वारा निभाई गई भूमिका की भी सराहना की। डार ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री शरीफ अगले 24 घंटों के दौरान सऊदी अरब का दौरा करने वाले हैं। शरीफ की हाल की चार देशों की यात्रा के बारे में बोलते हुए डार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के साथ संघर्ष के दौरान इन देशों के रुख पर पाकिस्तान की कृतज्ञता जताने के लिए तुर्की, ईरान, अजरबैजान और ताजिकिस्तान की यात्रा की थी। उन्होंने पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के नेतृत्व में कूटनीतिक प्रयासों की भी प्रशंसा की।

क्या बताता है डार का बयान?

डार का बयान साफ तौर पर बताता है कि पाकिस्तान हालिया संघर्ष की चोट को नहीं भुला पाया है। उसे अच्छी तरह पता है कि अगर उसने दोबारा आतंकी गतिविधि वाली हरकत की तो भारत उसे सबक सिखाने के लिए तैयार है। भारत साफ तौ पर कह चुका है कि किसी भी आतंकी हरकत को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। इसके अलावा भारत ने संधि जल संधि स्थगित करके भी पाकिस्तान को करारी चोट दी है। धीरे-धीरे ये भी साफ हो रहा है कि पहलगाम हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है। नूर खान जैसे उसके कई एयरफोर्ट बेस तबाह हुए हैं और उसने कई लड़ाकू जेट भी गंवाए हैं। इनकी संख्या 10 के करीब बताई जा रही है। संघर्ष के दौरान पाकिस्तान की गुहार पर भारत ने सीजफायर पर सहमति दी थी जिसके बाद सीमा पर फिलहाल शांति बनी हुई है। पाकिस्तान समझता है कि उसने दोबारा आतंकी हमले की हिमाकत की तो इससे भी बुरा अंजाम तय है। शहबाज शरीफ, डार जैसे पाकिस्तानी नेता कई बार भारत के साथ सिंधु जल संधि सहित अन्य मुद्दों पर बातचीत की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान के साथ आतंकवाद और पीओके के मुद्दे पर ही बात होगी।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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