Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया कि भारत हर मामले में पाकिस्तान पर भारी पड़ा है। न सिर्फ भारत ने सधे हुए हमले से पाकिस्तान की हर मिसाइल और ड्रोन को तबाह किया, बल्कि चीनी मिसाइलों और पाकिस्तान को दिए उसके डिफेंस सिस्टम को भी आईना दिखा दिया। भारत ने चीनी हथियार सिस्टम पर बड़ी चोट करते हुए दोनों दुश्मनों पर अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी। भारतीय सेना ने खुद बताया कि किस तरह उसने चीनी मूल के पाकिस्तान के वायु रक्षा सिस्टम को दरकिनार कर आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूत कर दिया।
भारत का बेजोड़ स्वदेशी डिफेंस सिस्टम
इस दौरान भारत ने अपनी स्वदेशी डिफेंस सिस्टम नेटवर्क का इस्तेमाल करके पाकिस्तान के कई जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि वायुसेना ने पाकिस्तान की चीन द्वारा आपूर्ति की गई वायु रक्षा प्रणालियों जैसे HQ-9 मिसाइल बैटरी और रडार को नाकाम कर दिया। भारत ने 7 मई को सिर्फ 23 मिनट में ही मिशन पूरा कर लिया था। इससे साबित हुआ कि तकनीक के मामले में भारत ने अव्वल प्रदर्शन किया।
इसमें कहा गया, पाकिस्तान द्वारा विदेश से आयात किए गए उन्नत हथियारों का इस्तेमाल करने के बावजूद भारत के एयर डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध नेटवर्क बेहतर साबित हुए। पाकिस्तान के हथियारों में चीनी निर्मित PL-15 LR मिसाइलें, तुर्की मूल के बाइकर यिहा कामिकेज ड्रोन और एसिसगार्ड सोंगर ड्रोन शामिल थे। लेकिन भारत ने इन सभी को नाकाम कर साबित कर दिया कि उसकी ताकत के आगे पाकिस्तान कहीं नहीं ठहरता।
सेना किसी भी दुस्साहस को नाकाम करने के लिए तैयार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ नए मानक सेट किए जाने के बाद, भारतीय सशस्त्र बल किसी भी दुस्साहस को नाकाम करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। पिछले सप्ताह जब चार दिनों तक संघर्ष जारी था, तब भारतीय वायुसेना की पूरी तरह से स्वचालित एकीकृत वायु कमान और नियंत्रण प्रणाली (IACCS) ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अहम भूमिका निभाई थी। यह कई तरह के राडार को एयर डिफेंस हथियार सिस्टम की एक विस्तृत श्रृंखला के साथ-साथ सेना की छोटी आकाशतीर प्रणाली से जोड़ता है ताकि एक समग्र रियल टाइम हवाई स्थिति की तस्वीर पेश की जा सके।
आकाशतीर के साथ पाक के हवाई हमले बेअसर
बीईएल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, आकाशतीर के साथ एकीकृत ग्राउंड-आधारित रक्षा प्रणालियों ने पाकिस्तान के हवाई हमलों बेअसर कर दिया। सिस्टम ने उम्मीदों से परे प्रदर्शन किया और मौजूदा संघर्ष के दौरान भारत को मजबूत हवाई रक्षा प्रदान की। एयर डिफेंस नेटवर्क में शामिल प्रमुख एयर डिफेंस सिस्टम में लंबी दूरी की रूसी एस-400 'ट्रायम्फ' सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली, बराक-8 मध्यम दूरी की एसएएम प्रणालीऔर स्वदेशी आकाश प्रणाली शामिल रहीं। इसके अलावा पिकोरा मिसाइलें, एल-70 एंटी-एयरक्राफ्ट गन, कंधे से दागी जाने वाली इग्ला-एस मिसाइलों ने भी अपनी ताकत दिखाई।
पाक के एयरबेस हुए ध्वस्त
सीजफायर से पहले भारत ने पाकिस्तान और पीओके में नौ एयरबेस के साथ-साथ नूर खान, रहीमयार खान और सरगोधा एयरबेस सहित कई रडार साइट्स पर सटीकता के साथ कार्रवाई की। इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों और अन्य स्टैंड-ऑफ हथियारों का उपयोग शामिल था। बयान में कहा गया, ये सभी हमले भारतीय हथियारों को किसी तरह का नुकसान पहुंचाए बिना किए गए। इससे हमारी निगरानी, योजना और सिस्टम की ताकत साबित होती है। लंबी दूरी के ड्रोन से लेकर युद्ध सामग्री के इस्तेमाल तक आधुनिक स्वदेशी तकनीक के इस्तेमाल ने इन हमलों को अत्यधिक प्रभावी और संतुलित बनाया।
