Train To Kashmir : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के साथ पूरे देश को एक बड़ी सौगात दी। दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल पुल का उन्होंने उद्घाटन किया। साथ ही कटरा और श्रीनगर के बीच चलने वालीं दो वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह ऐतिहासिक उपलब्धि है क्योंकि श्रीनगर पहली बार देश के बाकी हिस्सों से रेल नेटवर्क से जुड़ गया। इसके बहुत ही दूरगामी और जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था, कारोबार एवं पर्यटन के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव होंगे। खासकर पर्यटन क्षेत्र में इसका बहुत बड़ा असर पड़ेगा।
पर्यटन क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
पर्यटन जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ हैं। बीते दो सालों में दो करोड़ से ज्यादा पर्यटक यहां पहुंचे हैं। पहले यह संख्या लाखों में होती थी लेकिन अब बेहतर रेल कनेक्टिविटी हो जाने से इस क्षेत्र को सीधे तौर पर मजबूती मिलेगी। दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों से श्रीनगर/जम्मू तक तेज और आरामदायक यात्रा अधिक पर्यटकों को आकर्षित करेगी, विशेष रूप से गर्मी, बर्फबारी और अमरनाथ यात्रा जैसे पीक सीजन में।

Vande Bharat Train
यही नहीं पहलगाम में ट्रेकिंग या गुलमर्ग में स्कीइंग जैसे ईको-पर्यटन और साहसिक पर्यटन घरेलू यात्रियों के लिए अधिक सुलभ हो जाएगा। यह उन पर्यटकों को भी आकर्षित कर सकता है जो प्रीमियम रेल अनुभव की तलाश में होते हैं। वैष्णो देवी, अमरनाथ और चरार-ए-शरीफ जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा भी बेहतर पहुंच के कारण बढ़ेगी।
व्यापार में आएगी तेजी
यह ट्रेन जम्मू-कश्मीर और औद्योगिक केंद्रों के बीच की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी, जिससे माल ढुलाई की लागत और समय दोनों में कमी आएगी। कश्मीरी हस्तशिल्प, केसर, अखरोट, सेब और सूखे मेवे जैसे स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय बाजारों तक तेजी पहुंच सकेंगे, जिससे निर्यात और किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। कच्चे माल और तैयार वस्तुओं की आसान आवाजाही से लघु एवं मध्यम उद्यमों को समर्थन मिलेगा।
स्थानीय रोजगार में वृद्धि
पर्यटन और व्यापार में वृद्धि से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और खुदरा क्षेत्र में रोजगार के अवसर स्वाभाविक रूप से बढ़ेंगे। स्थानीय युवा होमस्टे, रेस्तरां और टूर सेवाएं शुरू करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। रेलवे स्टेशनों और उससे जुड़ी आधारभूत संरचना के विकास से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।

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निवेश और आधारभूत संरचना का विकास
तेज रेल संपर्क पर्यटन, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में बाहरी निवेश को आकर्षित कर सकता है। स्मार्ट रेलवे स्टेशनों, आस-पास के टाउनशिप और बिजनेस हब का विकास क्षेत्र को आधुनिक बनाएगा। बेहतर लॉजिस्टिक्स के चलते सार्वजनिक और निजी कंपनियाँ कोल्ड चेन, एग्रो-प्रोसेसिंग और ई-कॉमर्स वेयरहाउसिंग की संभावनाएं तलाश सकती हैं। परंपरागत रूप से कश्मीर की सड़क यात्रा सर्दियों में बर्फबारी और भूस्खलन के कारण प्रभावित होती रही है। हाई-स्पीड रेल सेवा साल भर स्थायी और सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करती है, जिससे व्यापार में निरंतरता और आपातकालीन स्थितियों में प्रतिक्रिया बेहतर होती है।
खूबसूरत वादियों से गुजरेगी वंदे भारत ट्रेन
यह रेलगाड़ी संकरी घाटियों, हरे-भरे जंगलों और हिमालय की ऊंची चोटियों से घिरी गहरी घाटियों तथा शिवालिक पर्वत श्रृंखला में बनाई गई सुरंगों के बीच से होकर गुजरती है, जिसके समानांतर चिनाब नदी बहती है। मानव निर्मित इंजीनियरिंग अजूबों में सबसे ऊंचा चिनाब पुल, भारत का पहला केबल आधारित रेलवे पुल और 13 किलोमीटर लंबी टी-50 सुरंग शामिल हैं। देश भर के यात्रियों, खासतौर पर प्रकृति प्रेमी पर्यटकों के लिए यह यात्रा दुनिया के सबसे खूबसूरत और विस्मयकारी मार्गों में से एक पर अविस्मरणीय यात्रा करने का अवसर देगी।
