यूक्रेन के साथ जंग में अभी तक रूस बाजी मार रहा था, एक के बाद एक बड़े हमले, बड़ी तबाही मचा रहा था। पुतिन की सेना अपराजित, यूक्रेन को चोट पर चोट पहुंचा रही थी, लेकिन अब यूक्रेन ने ऐसा वार किया है, जिसकी चोट से पुतिन जरूर बौखला जाएंगे। यूक्रने रूस के कई हजार किलोमीटर अंदर तक घुसकर ड्रोन से हमला किया है, वो भी उसके सबसे सुरक्षित इलाकों में से एक उन एयरबेसों पर जहां, रूस के सबसे खतरनाक बॉम्बर खड़े रहते थे। रूस के 40 से अधिक बॉम्बर इस हमले में तबाह हो गए हैं।
रूस के अंदर से ही हमले को दिया गया अंजाम
अब सवाल ये है कि आखिर यूक्रेन के ड्रोन रूस के इतना अंदर घुसे कैसे? रूस का एयर डिफेंस सिस्टम कहां था? रूस, इस हमले को क्यों नहीं रोक पाया? इन सारे सवालों के जवाब हैं यूक्रेन की तैयारी में। यूक्रेन ने इस बार ड्रोन को सीमा के पार से नहीं भेजा, बल्कि रूस के अंदर से ही इस हमले को अंजाम दिया है। यूक्रेन का यह मिशन अपने हथियार से लैस ड्रोन को ट्रक के जरिए रूस में भेजना था और फिर हमले को अंजाम देना था, जिसमें वो सफल रहा है।
जेलेंस्की की देख रेख में अंजाम दिया गया मिशन
यूक्रेनी सुरक्षा अधिकारी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि एक यूक्रेनी ड्रोन हमले ने रूस के क्षेत्र में 40 से अधिक रूसी विमानों को नष्ट कर दिया है। इसी अधिकारी ने सारी प्लानिंग को भी शेयर किया है। अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बात करते हुए कहा कि हमले को अंजाम देने में डेढ़ साल से अधिक का समय लगा और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी की।

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की
रूस के अंदर कैसे पहुंच यूक्रेनी ड्रोन
इस मिशन को अंजाम देने के लिए ड्रोन को ट्रकों द्वारा रूसी क्षेत्र में बड़े कंटेनरों में ले जाया गया। ये ड्रोन से भरे कंटेनर आराम से रूस में ट्रैवल करते हुए उन एयरबेस के पास पहुंचे जहां हमला करना था। रूस को इस हमले का जरा भी इल्म नहीं था, एयरबेस के पास खड़े ट्रकों के कंटेनर से एक के बाद एक ये ड्रोन निकले और रूसी बमबर्षक को निशाना बनाने लगे। ड्रोन ने रविवार दोपहर को कई एयरबेसों पर तैनात 41 बमवर्षकों को निशाना बनाया, जिसमें रूस के इरकुत्स्क क्षेत्र में बेलाया एयर बेस भी शामिल है, जो यूक्रेन से 4,000 किलोमीटर (2,500 मील) से अधिक दूर है। स्थानीय गवर्नर इगोर कोबज़ेव ने कहा कि यह पहली बार है कि इस क्षेत्र में एक यूक्रेनी ड्रोन देखा गया है।
रूस ने माना हमला हुआ है
हमले के काफी देर बाद रूस ने इस ड्रोन अटैक को स्वीकार किया और कहा कि पांच एयरबेस पर हमला हुआ है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में हमलों की पुष्टि की, जिसमें पांच हवाई क्षेत्र शामिल थे। बयान में कहा गया है कि एफपीवी ड्रोन ने इरकुत्स्क और रूस के उत्तरी मरमंस्क में एयरबेस पर विमानों को नुकसान पहुंचाया है। स के सुदूर पूर्व में अमूर क्षेत्र और इवानोवो और रियाज़ान के पश्चिमी क्षेत्रों में हमलों को विफल कर दिया गया।

रूस पर हमले की तैयारी के दौरान यूक्रेनी सैन्य अधिकारी
रूस भी नहीं है शांत
यूक्रेन की वायु सेना ने कहा कि रूस ने रविवार को फरवरी 2022 में पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद से यूक्रेन पर सबसे बड़ी संख्या में ड्रोन - 472 - लॉन्च किए। वायु सेना के संचार प्रमुख यूरी इग्नाट ने कहा कि रूसी सेना ने ड्रोन के साथ-साथ सात मिसाइलें भी लॉन्च कीं। इससे पहले रविवार को, यूक्रेन की सेना ने कहा कि सेना के प्रशिक्षण इकाई पर रूसी मिसाइल हमले में कम से कम 12 यूक्रेनी सेवा सदस्य मारे गए और 60 से अधिक घायल हो गए। बयान में कहा गया कि हमला दोपहर 12:50 बजे हुआ, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि उस समय कर्मियों का कोई गठन या सामूहिक जमावड़ा नहीं हो रहा था। यूक्रेनी सेना के कमांडर मायखाइलो ड्रापाती ने हमले के बाद रविवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
यूक्रेन के अंदर घुसते जा रहा है रूस
रूस के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि उसने यूक्रेन के उत्तरी सुमी क्षेत्र में ओलेक्सिवका गांव पर नियंत्रण कर लिया है। वहीं सुमी में यूक्रेनी अधिकारियों ने शनिवार को 11 और बस्तियों में अनिवार्य निकासी का आदेश दिया, क्योंकि रूसी सेना क्षेत्र में लगातार बढ़त हासिल कर रही है।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन
पुतिन लेंगे बदला?
यूक्रेन के इस ड्रोन हमले के बाद पुतिन और खफा होंगे, ये तो तय है। इस हमले से उस शांति वार्ता पर असर पड़ सकता है जो तुर्की में दोनों देशों के बीच होने वाली है। पुतिन, शांति के पक्ष में तो हैं, लेकिन हमले वो तेज ही करते दिख रहे हैं। पुतिन के रवैये को देखकर शांति की कोशिशों में जुटे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भड़क भी चुके हैं। पुतिन को चेतावनी भी दी थी कि पुतिन आग से खेल रहे हैं। अब जिस तरह से यूक्रेन ने हमला किया है, उसमें अमेरिकी और यूरोपीय सपोर्ट की रिपोर्ट्स भी आ रही हैं, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पुतिन इस हमले पर कैसे रिएक्ट करेंगे, कहना मुश्किल है। हालांकि पुतिन, यूक्रेन के सामने झुकेंगे? ये मुश्किल ही दिख रहा है।
