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बिहार में बॉर्डरलाइन पर कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन, टूट सकता है महागठबंधन

  • Authored by: रंजीता झा
  • Updated Mar 24, 2024, 09:08 AM IST

Bihar Politics: लोकसभा चुनाव का ऐलान हो गया। एनडीए ने बिहार के अंदर सीट बंटवारे का ऐलान कर दिया है, लेकिन इंडिया गठबंधन के अंदर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। बात यहां तक पहुंच गई है कि राजद और कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व ने अलग-अलग चुनाव लड़ने तक की बात कह दी है।

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बिहार में राजद-कांग्रेस में अब तक नहीं बन पाई सीट शेयरिंग पर सहमति

Photo : Twitter

Bihar Politics: लोकसभा चुनाव की तारीख़ों का ऐलान हो गया है, लेकिन 40 लोकसभा सीटो वाले बिहार में INDIA गठबंधन ने अबतक उम्मीदवारों के नाम तय करना तो दूर सीटों पर भी सहमति नही बना सकी है। सूत्रों की माने तो कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन में सीटों को लेकर तालमेल नहीं बैठ पा रहा है और नाराज़गी इस कदर है कि दोनों पार्टी का प्रदेश नेतृत्व अकेले चुनाव लड़ने की बात कह रहा है।

2024 में इंडिया गठबन्धन का भविष्य 2009 जैसा तो नहीं होने जा रहा?

2004 में कांग्रेस के साथ गठजोड़ में जीतने वाले तत्कालीन रेल मंत्री लालू यादव ने 2009 में बड़ा सियासी खेल किया। तब कांग्रेस के लिए उन्होंने तीन सीटें छोड़ीं थी, इसलिए नाराज़ कांग्रेस ने गठबंधन तोड़ा दिया था। बिहार में 21 सीटों वाले लालू 4 पर आ गए, उनके गठजोड़ के साथी पासवान खुद हार गए थे। वही गठबंधन में 2019 में 9 सीटें लड़कर कांग्रेस एक सीट जीती, और आरजेडी शून्य पर अटक गई।

जो सीट आरजेडी कांग्रेस को दे रही है

  • सासाराम
  • मुज़फ़्फ़रपुर
  • किशनगंज
  • बेतिया
  • पटना साहिब
  • समस्तीपुर
  • कटिहार
  • नवादा

2024 में कहां फंसा पेंच

आखिर में लालू यादव ने कटिहार सीट तारिक़ अनवर के लिए देने पर हामी भर दी है। आरजेडी पूर्णिया की बजाय पप्पू यादव को मधेपुरा देना चाहती है। जबकि, कांग्रेस और पप्पू पूर्णिया चाहते हैं। मीरा कुमार के लिए सासाराम-सुरक्षित छोड़ने को लालू तैयार हैं। लेकिन मीरा कुमार ने लड़ने से मना किया, वो ओबीसी समुदाय से आने वाले अपने बेटे अंशुल को काराकाट से लड़ाना चाहती हैं। लेकिन लालू ने इनको कुशवाहा समाज के नाम पर पटना से लड़ने का ऑफर दिया है। वही औरंगाबाद सीट लालू ओबीसी को देने का मन बनाये हैं, निखिल कुमार को नहीं देना चाहते हैं।

रंजीता झा
रंजीता झाauthor

13 साल के राजनीतिक पत्रकारिता के अनुभव में मैंने राज्य की राजधानियों से लेकर देश की राजधानी तक सियासी हलचल को करीब से देखा है। प्लांट की गई बातें ख़बरें नहीं होती बल्कि बातों के पीछे छुपी सच्चाई असली ख़बर होती है। खबरें वही जो आपके सरोकार की हो वो आपतक लेकर आऊंगी।

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