पिता की फ्लॉप फिल्मों की वजह से रूपाली गांगुली को करना पड़ा था वेट्रेस का काम, एक घंटे के मिलते थे इतने रुपए 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 21, 2022, 11:58 PM IST

Rupali Ganguly Worked In Boutiques And As A Waitress: टीवी की जानी-मानी अदाकारा रूपाली गांगुली ने हाल ही में यह साझा किया कि किस तरह जीवन के मुश्किल दौर में उन्हें अपने परिवार का सहारा बनने के लिए बुटीक में काम करना पड़ा था।

पिता की फ्लॉप फिल्मों की वजह से रूपाली गांगुली को करना पड़ा था वेट्रेस का काम, एक घंटे के मिलते थे इतने रुपए 
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Rupali Ganguly Opened Up About Working In Boutiques And As A Waitress: अनुपमा टीवी सीरियल से एक बार फिर लाइमलाइट में आने वाली टीवी अदाकारा रूपाली गांगुली ने हाल ही में अपने जीवन के उस मुश्किल दौर के बारे में साझा किया जब उन्हें अपने परिवार का सहारा बनने के लिए बुटीक में काम करना पड़ा था। उन्होंने यह भी बताया कि घर चलाने के लिए वह वेट्रेस का भी काम करती थीं। हाल ही में अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर अदाकारा ने एक लंबा चौड़ा पोस्ट साझा किया है जिसमें उन्होंने अपने पिता से लेकर परिवार और अपने जीवन के मुश्किल समय के बारे में बताया है। रूपाली गांगुली ने लिखा 'मेरे पिता एक नेशनल अवॉर्ड विनिंग डायरेक्टर थे और मेरे सबसे बड़े हीरो। जब उनकी फिल्म रिलीज हुई थी तब लोग राजेश खन्ना को बहुत बड़ा सितारा मानते थे लेकिन मैं यह कहना चाहूंगी कि मेरे पिता असली सितारा हैं।'

वेट्रेस का काम करती थीं रूपाली गांगुली 

इसके बाद अदाकारा ने यह लिखा 'स्कूल के बाद मैं सेट पर जाती थी और उन्हें काम करते हुए देखती थी। इस बीच हीरोइन कैसे बन गई पता ही नहीं चला। एक बार एक एक्ट्रेस ने पापा की फिल्म को ठुकरा दिया था और पापा ने उसकी जगह मुझे रख लिया था। ऐसे ही 12 साल की उम्र में मुझे एक्टिंग का कीड़ा काटा। जल्द ही मेरे पिता की दो फिल्में फ्लॉप हो गईं। जिसकी वजह से हमारा मुश्किल समय शुरू हो गया था और मेरे सपने पीछे छूट गए थे। मैंने उस समय सब कुछ किया- बुटीक में काम करने के साथ मैं वेट्रेस का भी काम करती थी। एक बार मैं ऐसे पार्टी में वेट्रेस बनी थी जहां मेरे पिता गेस्ट थे। मैंने ऐड में भी काम किया और इसी तरह मैं अपने पति अश्विन से मिली। उन्होंने मुझे टीवी में काम करने की सलाह दी और मैंने सोचा 'क्यों नहीं'।' ई टाइम्स से बात करते हुए अदाकारा ने साझा किया कि जब वह कैटरिंग का काम करती थीं तब उन्हें हर एक घंटे के 180 रुपए मिलते थे।  

ऐसे मिला था साराभाई वर्सेज साराभाई शो 

अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर अदाकारा ने आगे लिखा 'इसके बाद मुझे सुकन्या का किरदार मिला। एक बार मैंने अपने पिता को एक सीन दिखाया और उन्होंने कहा 'खुद रोना नहीं है, ऑडियंस को रुलाना है!' मेरे पिता ने मेरी कला को बेहतरीन बनाने में बहुत मदद की। चार साल बाद साराभाई हुआ। और हम में से किसी को भी नहीं पता था कि यह इतना हिट हो जाएगा, हम बस मस्ती कर रहे थे। अभी भी सतीश काका हाल-चाल लेने के लिए कॉल करते हैं और रत्ना बेन मेरे बेटे के लिए हर ट्रिप पर तोहफें लाती हैं। 

जब अचानक अदाकारा ने ले लिया था ब्रेक 

इसके बाद रूपाली गांगुली ने कहा कि 'इसके कुछ साल बाद, जब मेरा करियर आसमान छू रहा था तब मैंने ब्रेक लेकर लोगों को हैरान कर दिया था। लेकिन मुझे इस बात का पछतावा नहीं है। एक बार मुझे कहा गया था कि मैं मां नहीं बन सकती हूं, इसीलिए अपने बेटे को पहला कदम लेते हुए देखना मेरे लिए एक आशीर्वाद था। इसके बाद के 6 साल मेरे परिवार को समर्पित थे। इस दौरान, मैंने अपने पिता को खो दिया था। मैं उस समय भी गहरे दुख में थी जब मुझे अनुपमा का ऑफर मिला था। अश्विन ने मुझे हौसला दिया था और यह कहा था कि वह सब कुछ संभाल लेंगे। लेकिन मैं हिचकिचा रही थी।'

जब प्रोड्यूसर राजन शाही ने दिया था ताना 

अदाकारा आगे लिखती हैं 'मैं प्रोड्यूसर राजन शाही के पास गई जिन पर मुझे बहुत विश्वास था। मैंने उनसे कहा 'मुझे शेप में आने के लिए कुछ समय दीजिए' लेकिन उन्होंने मुझसे कहा 'मुझे एक मां चाहिए, हीरोइन नहीं!' उनके दृढ़ विश्वास ने इस शो को वह बना दिया जो आज यह है। जब मैं सेट पर होती हूं तो मुझे ऐसा महसूस होता है कि मैं अपने पिता के करीब हूं।' 

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