Indira Krishnan on Ramayana Movie: एक्टर यश (Yash) की फिल्म रामायण (Ramayana) को लेकर दर्शकों के बीच काफी चर्चा है। फिल्म में रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) भगवान राम के किरदार में नजर आ रहे हैं। वहीं, टीवी और फिल्मों में अपनी पहचान बना चुकीं इंदिरा कृष्णन (Indira Krishnan) माता कौशल्या का रोल निभा रही हैं। रणबीर और इंदिरा इससे पहले फिल्म एनिमल (Animal) में भी साथ काम कर चुके हैं, लेकिन इस बार दोनों का रिश्ता पर्दे पर बिल्कुल अलग है। ‘एनिमल’ में इंदिरा ने रणबीर के किरदार की सास का रोल किया था, जबकि ‘रामायण’ में वो उनकी मां बनी हैं। अब इंदिरा कृष्णन ने Zoom से बात करते हुए फिल्म की शूटिंग से जुड़ा एक ऐसा एक्सपीरियंस बताया है, जो इस बात की झलक देता है कि मां कौशल्या और राम के बीच के सीन कितने भावुक रहे।
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वनवास वाले सीन में नहीं लिया ग्लिसरीन
फिल्म रामायण में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में नजर आ रहे हैं। ल्म में एक ऐसा सीन है, जिसमें भगवान राम 14 साल के वनवास पर जाने से पहले अपनी मां माता कौशल्या (इंदिरा कृष्णन) का आशीर्वाद लेते हैं। इस सीन को लेकर इंदिरा कृष्णन ने एक खास बात बताई है। उन्होंने बताया कि डायरेक्टर नितेश तिवारी (Nitesh Tiwari) इस सीन को किस तरह शूट करना चाहते थे, इसे लेकर बिल्कुल साफ थे। इंदिरा कृष्णन ने बताया, 'मुझे याद है, हम वो सीन शूट कर रहे थे, जिसमें भगवान राम वनवास के लिए चले जाते हैं। नितेश जी इस बात को लेकर बहुत स्पष्ट थे। उन्होंने कहा था कि मैं चाहता हूं कि जैसे ही राम कौशल्या माता के सामने से जाने वाले हों, उससे ठीक एक सेकंड पहले उनकी आंख से आंसू निकल आए। मुझे याद है कि उस शॉट के लिए मैंने ग्लिसरीन का इस्तेमाल भी नहीं किया था। मुझे लगता है कि वो सीन बिल्कुल वैसा ही आया, जैसा हम चाहते थे और मेरी आंख से आंसू ठीक उसी समय निकला। रणबीर और उस पूरे सीक्वेंस की वजह से मैं भी उस भावना को महसूस कर पा रही थी। वहां का पूरा माहौल ही कुछ ऐसा था।'
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माता कौशल्या के किरदार पर क्या बोलीं इंदिरा कृष्णन?
बातचीत के दौरान इंदिरा कृष्णन ने 'रामायण' में माता कौशल्या का किरदार निभाने के अपने अनुभव भी शेयर किया। इंदिरा कृष्णन ने कहा, 'मैंने नितेश तिवारी के निर्देशन में पूरे किरदार को इसी तरह निभाने की कोशिश की। नितेश जी इस बात को लेकर बहुत खास थे कि माता कौशल्या कैसी दिखनी चाहिए। अगर कभी मैं उस किरदार से थोड़ा भी हटती थी, तो हम उस सीन को दोबारा देखते थे। वो कहते थे कि देखो, मैं चाहता हूं कि इसमें तुम्हें माता कौशल्या वाला भाव लाना है। वो इस बात को लेकर बिल्कुल स्पष्ट थे। अगर आप फिल्म में माता कौशल्या को देखते हैं, तो राम के वनवास पर जाने तक उनके हाव-भाव में बहुत सारी दबी हुई भावनाएं नजर आती हैं, लेकिन इसके बावजूद वो एक आत्मविश्वास से भरी महिला हैं।' एक्ट्रेस ने आगे बताया कि माता कौशल्या को भरोसा था कि उनका बेटा कभी कोई गलत फैसला नहीं लेगा। इंदिरा कृष्णन के इंटरव्यू को लेकर आपकी क्या राय है, कमेंट करके हमें जरूर बताएं।
