Babita back to staying with Randhir Kapoor: बबीता और रणधीर कपूर अब एक साथ रहने के लिए वापस आ गए हैं। करिश्मा कपूर और करीना कपूर के लिए खुशी का मौका सामने आया है। बेबो और लोलो की मां बबीता अब अपने पति रणधीर कपूर के साथ बांद्रा स्थित नए घर में पूरा सामान लेकर शिफ्ट हो गई हैं। करिश्मा और करीना इस बात से बेहद खुश हैं कि बबीता और रणधीर एक ही छत के नीचे एक-दूसरे का ख्याल रख रहे हैं।
ये ठीक वैसा ही है जैसा कि साल 1971 में रणधीर कपूर द्वारा निर्देशित 'कल आज और कल' फिल्म में गाया एक गाना था- 'हम जब होंगे साठ साल के और तुम होंगी पचपन की, बोलो प्रीत निभाओगी ना तब भी अपने बचपन की...'। यह रीयूनियन 7 महीनों में हो चुका है, हालांकि इसकी चर्चाएं नहीं हुईं। हमने सुना है कि रणधीर ने जैसे ही अपने पैतृक चेंबूर घर से दूर नए बांद्रा वाले हाउस में शिफ्ट किया, वैसे ही तुरंत बाद बबीता उनके साथ आकर रहने लगीं। रणधीर के लिए उस घर से बदलाव के साथ तालमेल बिठाना आसान नहीं था, जहां वह सालों-साल रहे थे।
दरअसल, बबीता 2007 में रणधीर के साथ रहने वालीं थीं। रणधीर कपूर ने तब मुंबई मिरर को खुलासा किया था- 'यह यह अभी तक नहीं हुआ है, लेकिन हां, यह हो सकता है।' हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था और अब जाकर ये संभव हो पाया। किन्हीं कारणों से दोनों को साथ आने में देर हुई।
आपको बताते चलें, 80 के दशक के बीच में रणधीर और बबीता अलग हो गए थे। जब बबीता आरके बंगला (चेंबूर में) छोड़कर अपनी दोनों बेटियों को लेकर लोखंडवाला के एक अपार्टमेंट में रहने लगी थीं। सुनने में आया था कि दोनों के बीच कभी कोई दुश्मनी नहीं थी। वास्तव में, बबीता हमेशा रणधीर के लिए जरूरत के वक्त मौजूद रही थीं। वो कभी भी कपूर खानदान के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटीं। आखिरकार अब कई सालों बाद जाकर दोनों ने साथ रहने का फैसला किया है।
