शोविक चक्रवर्ती और सैम्युल मिरांडा पर इन धाराओं के तहत मामला दर्ज, 10 साल तक की हो सकती है सजा

Showik Chakraborty Arrested: नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रिया चक्रवर्ती के भाई शोविक चक्रवर्ती और सैम्युल मिरांडा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के तहत एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

Showik Chakraborty
Showik Chakraborty 
मुख्य बातें
  • रिया चक्रवर्ती के भाई शोविक को एनसीबी ने गिरफ्तार कर लिया है।
  • शोविक पर NDPS एक्ट की कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
  • आरोप सिद्ध होने पर शोविक और सैम्युल को 10 साल की जेल हो सकती है।

मुंबई. रिया चक्रवर्ती के भाई शोविक चक्रवर्ती और सैम्युल मिरांडा को नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, शोविक चक्रवर्ती और सैम्युल मिरांडा पर आरोप सिद्ध होने पर 10 साल की जेल हो सकती है। अब सुशांत के स्टाफ मेंबर दीपेश सावंत को एनसीबी के अधिकारी जिरह के लिए ऑफिस लाए हैं। 

नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो सैम्युल मिरांडा और शोविक चक्रवर्ती के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों पर NDPS के सेक्शन 8 (c), 20 (B), 27 (A), 28 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है।  

NDPS की ये सभी धाराएं ड्रग्स की खरीद, बिक्री या फिर प्रोडक्शन से संबंधित है। शोविक और सैम्युल मिरांडा पर अगर आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो उन्हें अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है। वहीं, सेक्शन 29 के तहत अधिकतम सजा कोर्ट तय करता है।

दीपेश सावंत से एनसीबी कर रही है पूछताछ
सुशांत के स्टाफ मेंबर दीपेश सावंत से नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो जिरह करेगा। दीपेश सावंत को एनसीबी के पांच अधिकारी लेकर आए हैं। दीपेश उस वक्त घर पर ही थे, जब सुशांत की बॉडी उनके घर से मिली थी। दीपेश इस मामले में सरकारी गवाह बनने को तैयार हैं। 

NCB से जुड़े सूत्रों ने Times Now को बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने रिया के फोन के क्लोन से पता लगता है कि वह एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्जित ड्रग्स की खरीद, बिक्री और खपत में शामिल थीं। एनसीबी जल्द ही रिया चक्रवर्ती को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है। केंद्रीय एजेंसी ने रिया के फोन को क्लोन कर लिया है। 

रिया के क्रेडिट कार्ड का हुआ इस्तेमाल
एनसीबी के सूत्रों ने बताया कि ड्रग्स की खरीद फरोख्त के लिए सैम्युल मिरांडा और शोविक  रिया चक्रवर्ती के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते थे। एनसीबी ने डिजिटल रिकॉर्ड की छानबीन की है। इसमें ड्रग्स के कुल 12 ट्रांजेक्शन हुए हैं। 

नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो से जुड़े सूत्रों ने बताया कि जांच एजेंसियों के पास अभी भी 23 जीबी डाटा है। एजेंसियां अभी भी इसकी जांच कर रही है। इस डाटा की जांच से एजेंसियां अभी और लोगों को भी ट्रेस कर सकती है। 

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