पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में सियासी पारा चढ़ गया है। राजनीतिक पार्टियों और उनके नेताओं की बयानबाजी अपने चरम पर पहुंच गई है। वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने चुनाव प्रचार के दौरान टीएमसी और उसके सरपरस्तों को बुलडोजर एक्शन की सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के कांथी दक्षिण विधान सभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने बांग्ला भाषा के अस्तित्व और कानून-व्यवस्था को राज्य का बड़ा मुद्दा बताया।
एक चुनावी संबोधन के दौरान कोलकाता के मेयर के बयान का जिक्र करते हुए आरोप लगाया गया कि मेयर चुनौती दे रहे हैं कि बंगाल की आधी आबादी उर्दू बोलेगी। योगी आदित्यनाथ ने इसे टीएमसी की साजिश बताते हुए आरोप लगाया कि वे बांग्ला भाषा और बंगालियों को समाप्त करना चाहते हैं। उन्होंने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि जिन्हें उर्दू बोलनी है,वे वहां जाएं जहां उर्दू बोली जाती है,क्योंकि बंगाल में केवल बांग्ला (बंग)ही बोली जाएगी।
यूपी में बुलडोजर केवल सड़कें नहीं बनाता बल्कि...
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो कोई भी बंगाल की कला, संस्कृति, अध्यात्म, बहन-बेटियों की सुरक्षा और नौजवानों के रोजगार के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे उत्तर प्रदेश का बुलडोजर ठीक ढंग से जवाब देगा। उन्होंने दावा किया कि यूपी का बुलडोजर केवल निर्माण नहीं करता, बल्कि माफियाओं का भी "इलाज" करता है।
डबल इंजन सरकार की वकालत
इस दौरान उन्होंने बंगाल में 'डबल इंजन' सरकार (केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार) की आवश्यकता पर भी जोर दिया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लेकिन यह बुलडोजर वहीं चल सकता है और उसे चलाने की सामर्थ्य भी उसी में होगी, जहां डबल इंजन की स्पीड हो। उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि आज यूपी में बेटियां, बहनें और व्यापारी पूरी तरह सुरक्षित हैं और वहां के युवाओं के सामने पहचान का कोई संकट नहीं है।
'कांग्रेस, वामपंथियों और फिर टीएमसी ने बंगाल को नोंच डाला'
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वही बंगाल जो कभी भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन था, भारत की अर्थव्यवस्था में जिस बंगाल का योगदान एक-तिहाई से भी अधिक था, आज पहले कांग्रेस ने, फिर वामपंथियों ने और पंद्रह वर्षों में TMC की सरकार ने इस बंगाल को नोंच डाला है। कंगाल बनाकर रख दिया है। यहां पर इस हद तक भ्रष्टाचार होता है। गरीबों के हक का पैसा कटमनी में TMC के गुंडे खा जाते हैं, मछुआरों और किसानों के साथ सिर्फ झूठे वादे किए जाते हैं। यहां विकास नहीं केवल वसूली का तंत्र हावी है। याद कीजिए कि कभी शिक्षा, संस्कृति, कला और उद्यम की भूमि रहा बंगाल आज अपनी पहचान के लिए मोहताज है।
