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कन्हैया कुमार पर किसने कराया हमला? मनोज तिवारी पर उठ रहे सवाल; खुद कांग्रेस उम्मीदवार ने लगाया गंभीर आरोप

Delhi News: लोकसभा चुनाव के बीच उत्तर-पूर्वी दिल्ली सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवार कन्हैया कुमार पर हमले के बाद मामला गरमा गया है। खुद कन्हैया ने ये आरोप लगाया है कि मनोज तिवारी ने मुझ पर हमला कराया क्योंकि लोग अब उन्हें स्वीकार नहीं कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने भी हमले की आलोचना की है।

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कन्हैया कुमार ने मनोज तिवारी पर लगाया गंभीर आरोप।

Photo : Times Now Digital

Manoj Tiwari vs Kanhaiya Kumar: देश की राजधानी दिल्ली में चुनावी लड़ाई, असल मारपीट वाली लड़ाई में तब्दील हो गई। मनोज तिवारी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवार कन्हैया कुमार पर हमला हुआ, जिसके बाद ये विवाद गरमा गया है। खुद कन्हैया ने ये आरोप लगाया है कि भाजपा सांसद तिवारी ने उन पर हमला कराया है, तो वहीं कांग्रेस पार्टी भी भाजपा पर भड़क गई है। आपको बताते हैं कि इस मामले में कन्हैया कुमार ने क्या दावा किया है।

मनोज तिवारी पर हमला कराने का आरोप

उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के उम्मीदवार कन्हैया कुमार ने शनिवार को दावा किया कि मौजूदा सांसद मनोज तिवारी ने उन पर हमला कराया क्योंकि उन्हें यह एहसास हो गया है कि इस निर्वाचन क्षेत्र के लोग अब उन्हें स्वीकार नहीं कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अपने प्रतिद्वंद्वी तिवारी के खिलाफ कुमार का यह आरोप कुछ लोगों द्वारा उन पर कथित तौर पर हमला करने और स्याही फेंकने के एक दिन बाद आया है।

कन्हैया कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कही ये बात

न्यू उस्मानपुर इलाके में आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यालय के बाहर यह घटना उस समय हुई थी, जब वह स्थानीय पार्षद छाया शर्मा के साथ पार्टी की बैठक में शामिल होने के बाद बाहर निकल रहे थे। कन्हैया कुमार ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तिवारी पर अफवाहों और छेड़छाड़ की गई वीडियो के जरिए लोगों को उनके खिलाफ भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'जब से मुझे उत्तर-पूर्वी दिल्ली से उम्मीदवार बनाया गया है, वह (तिवारी) खुद के द्वारा किये गए कार्यों को बताने के बजाय लगातार झूठ बोल रहे हैं और आम लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।'

10 वर्ष की उपलब्धियां दिखाने का दिया चैलेंज

उन्होंने आरोप लगाया कि इस निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा सांसद के पास पिछले 10 वर्ष की उपलब्धियां दिखाने के लिए 10 परियोजनाएं भी नहीं हैं। कुमार ने आरोप लगाया, 'मुझे लगता है कि कहीं न कहीं उन्हें यह विश्वास होने लगा है कि शायद क्षेत्र की जनता उन्हें स्वीकार नहीं कर रही है। इसीलिए हम उत्तर- पूर्वी दिल्ली के लोगों की ओर से जो सवाल उठा रहे हैं, उनका जवाब देने के बजाय वह इस तरह के हमले कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि उन पर हुए ‘हमले’ के बाद देशभर के लोगों ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों से कहा कि वे उनकी चिंता न करें क्योंकि वह ‘ठीक’ हैं।

'मनोज तिवारी सबसे अमीर और मैं सबसे गरीब'

कन्हैया ने कहा, 'मनोज तिवारी सबसे अमीर उम्मीदवार हैं और मैं सबसे गरीब। हमारे पास पैसा नहीं है, लेकिन हिम्मत है।' लोगों से लोकसभा चुनाव में वोट डालने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि यह उनका आखिरी हथियार है। वे आम लोगों को गुमराह करेंगे ताकि लोगों का ध्यान चुनावी मुद्दों से भटक जाये। लेकिन आपको अपना ध्यान नहीं भटकाना चाहिए।'

कन्हैया पर हमले को लेकर भाजपा ने दी ये प्रतिक्रिया

कन्हैया कुमार पर पूरे देश में ‘टुकड़े-टुकड़े’ (विभाजनकारी) विचारधारा को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए भाजपा की दिल्ली प्रदेश इकाई के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने शनिवार को कहा कि जिस दिन कांग्रेस ने कुमार को पार्टी का टिकट दिया, यह स्पष्ट था कि उन्हें जनता के विरोध का सामना करना पड़ेगा।

प्रवीण कपूर ने दावा किया, 'उत्तर-पूर्वी दिल्ली के युवा राष्ट्रवाद के सिद्धांतों को मानते हैं। चाहे वे ब्राह्मण हों, गुर्जर हों, यादव हों या किसी अन्य जाति के युवा हों, वे राष्ट्र विरोधी विचारधारा को बर्दाश्त करने के लिए तैयार नहीं हैं।' कुमार ने एक बयान में कहा था कि शुक्रवार को उन पर हमले का आदेश उनके प्रतिद्वंद्वी मनोज तिवारी ने दिया था। उन्होंने कहा था कि तिवारी उनकी बढ़ती लोकप्रियता से निराश हैं और इसीलिए उन्होंने उन पर हमला करने के लिए ‘‘गुंडे’’ भेजे। राष्ट्रीय राजधानी में लोकसभा चुनाव के छठे चरण में 25 मई को मतदान होगा।

कांग्रेस ने पूछा- क्या हमले की निंदा करेंगे प्रधानमंत्री?

कांग्रेस ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से अपने उम्मीदवार कन्हैया कुमार पर हमले की शनिवार को निंदा की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से यह सवाल किया कि क्या वह इस संसदीय क्षेत्र में होने वाली अपनी जनसभा में इस घटना की निंदा करेंगे। उत्तर-पूर्वी लोकसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान शुक्रवार को एक युवक ने कन्हैया कुमार के साथ मारपीट की थी। कांग्रेस का आरोप है कि हमला करने वाला युवक भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा हुआ है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा का हवाला देते हुए 'एक्स' पर पोस्ट किया, "क्या प्रधानमंत्री सांसद मनोज तिवारी के सहयोगी द्वारा कन्हैया कुमार पर किए गए हिंसक हमले की भर्त्सना करेंगे या कोई कदम उठाएंगे? उत्तर-पूर्वी दिल्ली में बढ़ते अपराध को रोकने में मोदी सरकार नाकाम क्यों रही है?" उन्होंने यह भी पूछा कि यमुना को साफ करने की मनोज तिवारी की योजना का क्या हुआ?

उन्होंने कहा, "कल, उत्तर-पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के लोकसभा उम्मीदवार कन्हैया कुमार पर भाजपा से जुड़े एक गुंडे ने नियोजित ढंग से हमला किया। हमलावर मौजूदा सांसद मनोज तिवारी के साथ मंच साझा कर चुका है और उसे सांप्रदायिक हिंसा भड़काने के प्रयास के आरोप में तीन महीने पहले ही गिरफ़्तार भी किया गया था।" रमेश ने सवाल किया, "क्या प्रधानमंत्री इस हिंसा के खिलाफ़ कुछ बोलेंगे? क्या उनमें मनोज तिवारी और आरोपियों के साथ उनके संबंधों को नकारने का साहस होगा? क्या वह आरोपियों के ख़िलाफ कोई कार्रवाई करेंगे? या यह हमला विपक्ष को डराने-धमकाने की प्रधानमंत्री की रणनीति का एक और उदाहरण था?" उन्होंने यह प्रश्न भी किया कि मोदी सरकार उत्तर-पूर्वी दिल्ली में बढ़ते अपराध को रोकने में क्यों विफल रही है?

(इनपुट- भाषा)

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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