Bihar Politics: बिहार की समस्तीपुर लोकसभा सीट से चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने शांभवी चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया है। खास बात ये है कि शांभवी भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन एनडीए की ओर से सबसे युवा उम्मीदवार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राजग की ‘सबसे युवा उम्मीदवार’ के रूप में प्रशंसा पाने वाली 25 वर्षीय शांभवी चौधरी पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा है कि वो पीएम मोदी की आभारी हैं। आपको बताते हैं कि आखिर शांभवी कौन हैं और समस्तीपुर में इस बार का चुनाव क्यों दिलचस्प हो गया है।
चिराग ने चचेरे भाई का टिकट काट शांभवी पर किया भरोसा
जब चिराग पासवान ने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की थी, उसी वक्त हर कोई हैरान रह गया था। शांभवी चौधरी को उन्होंने समस्तीपुर लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। अपने चचेरे भाई प्रिंस राज का टिकट काटकर उन्होंने अशोक चौधरी की बेटी पर भरोसा जताया। अशोक चौधरी जदयू नेता हैं और बिहार की नीतीश सरकार में मंत्री हैं। छोटी सी उम्र में सत्ताधारी गठबंधन से टिकट मिलना वाकई कई बड़े सरप्राइज से कम नहीं था। समस्तीपुर की दलित आरक्षित सीट से चिराग ने शांभवी को मैदान में उतारा, आपको शांभवी के बारे में बताते हैं।
पूर्व आईपीएस आचार्य किशोर कुणाल की बहू हैं शांभवी
बिहार सरकार में मंत्री और नीतीश कुमार की पार्टी जदयू नेता की बेटी शांभवी चौधरी को समस्तीपुर सीट से लोजपा (रामविलास) ने अपना उम्मीदवार बनाया है। बता दें, शांभवी पूर्व आईपीएस अधिकारी आचार्य किशोर कुणाल की बहू हैं। वो लंबे समय से समाज सेवा से जुड़ी रही हैं। उन्होंने अपनी स्कूलिंग नॉट्रेडम एकेडमी पटना से की। शांभवी ने लेडी श्री राम कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। फिलहाल शांभवी मगध विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही हैं।
पीएम मोदी से मुलाकात पर क्या बोलीं शांभवी चौधरी?
तीसरी पीढ़ी की नेता चौधरी बिहार की समस्तीपुर सीट से चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के टिकट पर मैदान में हैं। शांभवी चौधरी ने कहा, 'शनिवार को दरभंगा की रैली में प्रधानमंत्री से मिले ‘आशीर्वाद’ से मैं अभिभूत हूं। यह उनके मन में दलितों, विशेषकर महिलाओं के प्रति सम्मान को दर्शाता है... इससे मुझे बड़ी जिम्मेदारी का भी एहसास होता है।' उन्होंने कहा, 'इस प्यार, आशीर्वाद और स्नेह के लिए मैं प्रधानमंत्री की बहुत आभारी हूं...प्रधानमंत्री ने मुझे बेटी कहा, उन्होंने समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र के लोगों से अपील की...देश की सबसे कम उम्र की बेटी चुनाव लड़ रही है। कृपया उन्हें (चौधरी) आशीर्वाद दें और अपना वोट उनके पक्ष में दें।'
‘वंशवाद’ के आरोपों पर क्या बोलीं शांभवी चौधरी?
शांभवी चौधरी ने उम्मीद जताई कि 13 मई को होने वाले मतदान में समस्तीपुर की जनता ‘हेलीकॉप्टर’ (चुनाव चिह्न) पर रिकॉर्ड वोट डालेगी। उन्होंने कहा कि वह अपनी प्रगति में ‘वंशवाद’ के आरोपों को स्वीकार कर रही हैं क्योंकि ‘जिस किसी के भी पूर्वज इसी पेशे में हैं, उन्हें यह स्वीकार करना होगा।’ चौधरी ने कहा, 'मेरी शुरू से ही राजनीति में रुचि थी। मेरा जन्म और पालन-पोषण एक राजनीतिक परिवार में हुआ और इसका निश्चित रूप से मेरे व्यक्तित्व पर प्रभाव पड़ा है, लेकिन मैं एक बात स्पष्ट कर दूं कि राजनीतिक परिवार से आना जीत की गारंटी नहीं है...यह प्रदर्शन पर निर्भर करता है। लोगों का दिल जीतना आसान नहीं है। यह कठिन काम है। मुझे खुद को साबित करना होगा।'
शांभवी चौधरी के पिता अशोक चौधरी जनता दल (यूनाइटेड) में हैं और नीतीश कुमार कैबिनेट में मंत्री हैं। अशोक चौधरी पहले कांग्रेस में थे और पार्टी की प्रदेश इकाई के प्रमुख थे। शांभवी के दादा दिवंगत महावीर चौधरी कांग्रेस में थे और बिहार में तत्कालीन कांग्रेस सरकार में मंत्री थे।
