Mamata Banerjee Plan For UP: आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर ममता बनर्जी उत्तर प्रदेश के लिए कुछ खास प्लान तैयार कर रही हैं। उन्होंने साफ-साफ इस बात का ऐलान कर दिया है कि यूपी की एक सीट पर वो अपनी पार्टी का उम्मीदवार उतारना चाहती हैं। विपक्षी दलों के गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूजिव अलायंस (INDIA) से अलग होने के बावजूद वो अखिलेश से इसके लिए बात कर रही हैं।
ममता और अखिलेश के बीच पक रही है खिचड़ी!
दरअसल, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने राज्य की सभी 42 लोकसभा सीट के लिए पार्टी उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने सात सांसदों को टिकट नहीं दिया है और कुछ नये चेहरों को मैदान में उतारा है जिनमें पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान का नाम भी शामिल है। इसके ऐलान करते हुए सीएम ममता ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस उत्तर प्रदेश में एक लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ने के लिए समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव से बातचीत कर रही है। अब आपको ये समझाते हैं कि ममता आखिर किस नेता के लिए कौन सी लोकसभा सीट चाहती हैं।
किसके लिए अखिलेश से समझौता कर रहीं ममता?
मीरजापुर के मड़िहान से विधायक रह चुके ललितेशपति त्रिपाठी पहले कांग्रेस पार्टी के नेता थे। वो कांग्रेस के दिग्गज नेता, पूर्व सीएम और देश के पूर्व रेल मंत्री कमलापति त्रिपाठी के चौथी पीढ़ी हैं। ललितेश औरंगाबाद हाउस में रहते हैं, जहां एक वक्त यूपी, बिहार और दिल्ली तक के नेताओं का जमावड़ा लगा करता था। ललितेश यूपी कांग्रेस के उपाध्यक्ष रहे हैं और प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी कहे जाते थे। साल 2014 में ललितेश को कांग्रेस ने लोकसभा प्रत्याशी भी बनाया था, मगर वो अचानक कांग्रेस छोड़ ममता बनर्जी की टीएमसी में शामिल हो गए।
अखिलेश से मुलाकात के बाद सुर्खियों में आए थे ललितेश
हाल ही में तृणमूल कांग्रेस नेता ललितेश पति त्रिपाठी ने एक्स पर अखिलेश यादव के साथ एक तस्वीर साझा की थी, जिसके बाद से वो सुर्खियों में आ गए थे। उन्होंने समाजवादी पार्टी के मुखिया से मुलाकात की थीस इसके बाद ये चर्चा होने लगी थी कि सपा और टीएमसी के बीच यूपी की मीरजापुर लोकसभा सीट को लेकर समझौता हो गया है। हालांकि अब ममता ने भी ये साफ कर दिया है कि उनकी बात अखिलेश से चल रही है।
बंगाल की सभी 42 लोकसभा सीट के लिए उम्मीदवार घोषित
तृणमूल कांग्रेस ने पुराने नेताओं और अगली पीढ़ी के नेताओं के बीच जारी कथित सत्ता संघर्ष के बीच अनुभवी नेताओं और नई प्रतिभा का सामंजस्य बनाए रखा। अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा को असानसोल से फिर से चुनाव मैदान में उतारा गया है। सिन्हा ने पिछला चुनाव भी आसनसोल से जीता था। बसीरहाट लोकसभा सीट से पार्टी ने पूर्व सांसद हाजी नुरुल इस्लाम को मैदान में उतारा है और यहां से सांसद नुसरत जहां को टिकट नहीं मिला है। हाल ही में चर्चा में रहा संदेशखालि इसी लोकसभा क्षेत्र में स्थित है।
पार्टी ने 23 सांसदों में से 16 पर भरोसा जताया है। तृणमूल कांग्रेस ने सात मौजूदा सांसदों को टिकट नहीं दिया है जिनमें बैरकपुर से सांसद अर्जुन सिंह भी शामिल हैं जो दो साल पहले भाजपा छोड़कर सत्तारूढ़ दल में शामिल हो गये थे। नए चेहरों में 12 महिला और 26 पुरुष शामिल हैं, जिनमें मौजूदा सांसद और पिछले दावेदार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पश्चिम बंगाल कैबिनेट के दो मंत्रियों -पार्थ भौमिक और बिप्लब मित्रा- सहित नौ विधायकों को लोकसभा का टिकट दिया गया है।
