Indira Gandhi's Siyasi Kisse: बात 1977 की है जब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने तब 'बॉबी' (Bobby Movie) का दूरदर्शन पर प्रसारण करा दिया था क्योंकि उन्हें अपने एक प्रतिद्वंदी नेता की रैली में लोगों की भीड़ को रोकना था ये नेता बेहद प्रभावशाली और प्रमुख दलित नेता थे जी हां बात बाबू जगजीवन राम (Babu Jagjivan Ram) की हो रही है जिनका प्रभाव और लोकप्रियता उस दौर में इतनी ज्यादा थी कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी उनसे घबरा गई थीं, ये है वो सियासी किस्सा...
क्या था ये सियासी माजरा, जरा उसे भी समझ लें
उस वक्त किन्ही वजहों से बाबू जगजीवन राम ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया था और इसके बाद विपक्ष ने दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली का आयोजन करने की बात कही और इसका बकायदा एलान भी हो गया, इसके बाद इंदिरा गांधी परेशान हो उठीं और उन्हें लगा कि जनता कहीं विपक्ष की बातों से प्रभावित न हो जाए और ऐसा ना हो इसके लिए उस वक्त के इंदिरा समर्थकों ने इससे निपटने का एक तरीका सुझाया।
दूरदर्शन पर चलवा दी फिल्म 'बॉबी', ताकि लोग उसमें उलझें रहें
उस वक्त रविवार को दूरदर्शन पर शाम 4 बजे फीचर फिल्म का प्रसारण हुआ करता था जिसका लोग बेसब्री से इंतजार करते थे क्योंकि तब वही मनोरंजन का एक बड़ा आसरा था और उस फिल्म का लोग इंतजार करते थे खैर, उस रविवार को शाम चार बजे फिल्म 'वक्त' दिखाई जानी थी, पर उस समय के सूचना व प्रसारण मंत्री विद्याचरण शुक्ल ने तय फिल्म 'वक्त' की जगह उस समय की बेहद रोमांटिक और सुपर-डुपर हिट फिल्म 'बॉबी' चलाने का निर्देश दे दिया।
'आज बाबूजी ने 'बॉबी' पर जीत हासिल की'
ऐसा करने का मकसद था कि जो जनता बाबू जगजीवन राम की रैली में जा रही है वो इस फिल्म में उलझी रहे और विपक्ष की रैली फ्लॉप हो जाए, लेकिन बाबू जगजीवन राम की जनसभा के लिए लोगों ने फिल्म छोड़ दी और लोग जगजीवन राम की रैली में उन्हें सुनने के लिए उमड़ पड़े ऐसे में इंदिरा गांधी का ये प्लॉन फ्लॉप साबित हुआ था और अगले दिन तब के एक अखबार की हेडलाइन कुछ ऐसी बनी थी-'आज बाबूजी ने 'बॉबी' पर जीत हासिल की'
फिल्म के कुछ सीन उस वक्त के हिसाब से ज्यादा ही 'उत्तेजक और बोल्ड' थे
गौर हो कि फिल्म बॉबी की मुख्य भूमिका में ऋषि कपूर और डिंपल कपाड़िया थीं, बताते हैं कि इस फिल्म के कुछ सीन उस वक्त के हिसाब से ज्यादा 'उत्तेजक और बोल्ड' थे जिसके चलते युवाओं में इस फिल्म का काफी क्रेज था जिससे इंदिरा सरकार को लगा कि लोग बॉबी देखने का मोह नहीं छोड़ेंगे और रैली फ्लॉप हो जाएगी पर ऐसा हो ना सका वहीं बताते हैं कि इंदिरा ने रैली से भीड़ को दूर रखने के लिए रामलीला मैदान के आसपास बसों की आवाजाही रोक दिया था पर ये दांव भी काम ना आया और भारी तादाद में जनता पैदल चलकर ही जगजीवन राम की रैली में शामिल हुई।
