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वीके सिंह, वरुण गांधी और रीता बहुगुणा...BJP ने काटा इन दिग्गजों का टिकट, आज जारी हो सकती है 5वीं लिस्ट

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 24, 2024, 07:58 AM IST

BJP Candidate List: बीजेपी अपनी 5वीं सूची जल्द ही जारी कर सकती है। इसमें यूपी की बची हुई 24 सीटों समेत अन्य राज्यों में लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान होगा। इसमें गाजियाबाद से सांसद जनरल वीके सिंह, पीलीभीत से वरुण गांधी और प्रयागराज से रीता बहुगुणा जोशी का टिकट कटना तय माना जा रहा है।

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बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक

Photo : Twitter

BJP Candidate List: लोकसभा चुनाव को लेकर BJP की पांचवी सूची का इंतजार हर किसी को है। इस सूची में पार्टी कई दिग्गजों के टिकट काट सकती है, जिसमें वीके सिंह, रीता बहुगुणा जोशी समेत वीके सिंह का नाम भी शामिल है। सूत्रों के अनुसार, कल भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में कई हाई प्रोफाइल सीटों पर नए चेहरों को मौका दिए जाने का फैसला किया गया है। सूत्रों ने बताया कि यह बैठक करीब 3 घंटे तक चली, जिसमें पीएम मोदी, अमित शाह से लेकर कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।

माना जा रहा है कि बीजेपी अपनी 5वीं सूची जल्द ही जारी कर सकती है। इसमें यूपी की बची हुई 24 सीटों समेत अन्य राज्यों में लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान होगा। इसमें सबसे ज्यादा नजर उत्तर प्रदेश के लिए जारी होने वाली कैंडिडेट लिस्ट पर है। बता दें, पार्टी ने अबतक 291 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है।

इन दिग्गजों का कट गया टिकट

बीजेपी के सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय चुनाव समिति ने कई बड़े नामों का टिकट काटने का फैसला किया है। इसमें गाजियाबाद से सांसद जनरल वीके सिंह, पीलीभीत से वरुण गांधी और प्रयागराज से रीता बहुगुणा जोशी जैसे नाम शामिल हैं। बलिया से वीरेंद्र सिंह मस्त, हाथरस से राजवीर दिलेर, जयपुर से रामचरण बोहरा और बंदायू से संघमित्रा मौर्या का नाम भा शामिल है।

मेनका गांधी समेत इनका टिकट हुआ पक्का

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने कई नामों पर मुहर लगा दी है। इसमें सुल्तानपुर से मेनका गांधी का नाम भी शामिल है। यानी इनका टिकट पक्का माना जा रहा है। इसके अलावा गाजियाबाद से वीके सिंह की जगह अतुल गर्ग, पीलीभीत से जितिन प्रसाद, हाथरस से अनूप बाल्मीकि, सहारनपुर से राघव लखनपाल, अलीगढ़ से सतीश गौतम, मुरादाबाद से सर्वेश कुमार सिंह को टिकट मिल सकता है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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