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'मिनी मुंबई' में वर्षा गायकवाड़ vs उज्ज्वल निकम, बड़ी दिलचस्प है इस बार की चुनावी लड़ाई; जानें मुंबई उत्तर मध्य सीट का इतिहास

Hot Seat: महाराष्ट्र की मुंबई उत्तर मध्य लोकसभा सीट पर इस बार की चुनावी लड़ाई बेहद दिलचस्प होने वाली है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही इस बार नए चेहरे पर दांव लगाया है। भाजपा ने अपनी सांसद पूनम महाजन का टिकट काट दिया तो, कांग्रेस ने इस बार पूर्व सांसद प्रिया सुनील दत्त का टिकट काट दिया है। आपको समीकरण समझाते हैं।

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मुंबई उत्तर मध्य लोकसभा सीट का इतिहास।

Photo : Times Now Digital

History of Mumbai North Central Constituency: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए भाजपा ने 370 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है, जबकि NDA के 400 से अधिक सीटें जीतने का दावा किया जा रहा है। महाराष्ट्र की 48 सीटों पर होने वाले चुनाव का समीकरण हर बार की तुलना में इस बार बिल्कुल अलग है। क्योंकि शरद पवार की एनसीपी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना में टूट के बाद ये पहला आम चुनाव है।

BJP ने पूनम महाजन का काट दिया टिकट, समझें समीकरण

मुंबई की मुंबई उत्तर मध्य सीट पर होने वाले चुनाव में भी इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही नए उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। भाजपा ने अपने मौजूदा सांसद पूनम महाजन का टिकट काट दिया और इस बार उज्ज्वल निकम को मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने प्रिया दत्त का टिकट काट दिया है और उनकी जगह धारावी से विधायक वर्षा गायकवाड़ को टिकट दिया है। पिछले तीन बार से कांग्रेस इस सीट पर सुनील दत्त की बेटी को उम्मीदवार बना रही थी, 2009 में प्रिया ने इस सीट से कांग्रेस के ही टिकट पर चुनाव जीता था। इस बार दोनों ही पार्टियों की ओर से अलग चेहरे चुनावी जंग में हिस्सा ले रहे हैं।

'मिनी मुंबई' में भाजपा के निकम vs कांग्रेस की गायकवाड़

अगर मुंबई को 'मिनी इंडिया' कहा जाता है तो मुंबई उत्तर मध्य लोकसभा सीट 'मिनी मुंबई' है जहां एक ओर बांद्रा और खार जैसे पॉश इलाकों में फिल्मी सितारे तथा जानी-मानी हस्तियां रहती हैं तो वहीं कुर्ला की गलियों में प्रवासियों और मजदूरों का बसेरा है। यह निर्वाचन क्षेत्र विले पार्ले, चांदीवली, बांद्रा, कलीना और कुर्ला जैसे इलाकों में फैला है। इस निर्वाचन क्षेत्र के कई हिस्सों में महंगे मकान और जमीन हैं जबकि कई इलाकों में झोपड़पट्टियां हैं। क्षेत्र की 17.44 लाख की आबादी में दिग्गज क्रिकेटर सचिव तेंदुलकर और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे भी शामिल हें।

कसाब के मुकदमे के वकील उज्ज्वल निकम भाजपा प्रत्याशी

भाजपा ने इस सीट से 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों और 26/11 मुंबई हमले के आतंकी अजमल कसाब के मुकदमे समेत देश के चर्चित आतंकी और आपराधिक मामलों में विशेष लोक अभियोजक रहे प्रख्यात वकील उज्ज्वल निकम को प्रत्याशी बनाया है। निकम कांग्रेस की मुंबई इकाई की प्रमुख और धारावी से विधायक वर्षा गायकवाड़ के खिलाफ पहला चुनाव लड़ रहे हैं। वंचित बहुजन आघाडी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने भी इस सीट से अपने उम्मीदवार उतारे हैं।

कब-कब कौन बना 'मिनी मुंबई' का सांसद?

वर्षनामपार्टी
1952नारायण सदोबा काजरोलकरकांग्रेस
1957श्रीपाद अमृत डांगेभारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
1957गोपाल कालूजी माने (माने)अनुसूचित जाति महासंघ
1962नारायण सदोबा काजरोलकरकांग्रेस
1967आरडी भंडारेकांग्रेस
1971आरडी भंडारेकांग्रेस
1973 (उपचुनाव)रोज़ा विद्याधर देशपांडेभारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
1977अहिल्या रंगनेकरभारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
1980प्रमिला दंडवतेजनता पार्टी
1984शरद दिघेकांग्रेस
1989विद्याधर गोखलेशिवसेना
1991शरद दिघेकांग्रेस
1996नारायण आठवलेशिवसेना
1998रामदास अठावलेरिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया
1999मनोहर जोशीशिवसेना
2004एकनाथ गायकवाडकांग्रेस
2009प्रिया दत्तकांग्रेस
2014पूनम महाजनभारतीय जनता पार्टी
2019पूनम महाजनभारतीय जनता पार्टी
भाजपा की पूनम महाजन के ‘मोदी लहर’ के बल पर 2014 में इस सीट से जीत हासिल करने से पहले यह क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ था। महाजन ने 2019 में भी यहां से जीत हासिल की थी। इस लोकसभा क्षेत्र में छह लाख से अधिक मराठी भाषी, उत्तरी राज्यों के करीब तीन लाख लोग, देश के दक्षिणी हिस्से के एक लाख से अधिक लोग और मूल रूप से गुजरात तथा राजस्थान के करीब 1.9 लाख लोगों के साथ ही तीन लाख से अधिक मुसलमान हैं।

क्या बोले भाजपा उम्मीदवार उज्ज्वल निकम?

निकम ने कहा कि राजनीति में आना उनकी दूसरी पारी की शुरुआत है। उन्होंने कहा, 'मैं लोगों के बेहतर भविष्य के लिए कानून बनाने पर काम करना चाहता हूं और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रत्यर्पण कानूनों में बदलाव लाना चाहता हूं कि अधिक से अधिक अपराधियों को मुकदमे का सामना करने के लिए देश वापस लाया जाए।' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नेतृत्व देश की प्रगति और विकास के लिए अहम है।

क्या बोलीं कांग्रेस उम्मीदवार वर्षा गायकवाड़?

कांग्रेस की वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि 2024 का लोकसभा चुनाव लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई है। गायकवाड़ ने कहा कि मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर उनका अनुभव प्रचार अभियान में काम आ रहा है। भाजपा अपने प्रचार अभियान के तौर पर निकम को ऐसा व्यक्ति बता रही है जिन्होंने कसाब को फांसी के फंदे तक पहुंचाया। वहीं, कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि गायकवाड़ पार्टी के लिए फिर से यह सीट हासिल करने के वास्ते उचित प्रत्याशी हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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