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मोदी हैं तो मुमकिन है- CAA के तहत जब मिली पहली नागरिकता तो बाले सीएम योगी

संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के लिए नियम अधिसूचित होने के करीब दो महीने बाद बुधवार को 14 लोगों को भारत की नागरिकता प्रदान की गई। इसके साथ ही पड़ोसी देशों में प्रताड़ना के शिकार होकर भारत आए गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

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यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ

Photo : PTI

बुधवार को कई शरणार्थियों भारत की नागरिकता दे दी गई। सीएए कानून के तहत मिलने वाली इस नागरिकता को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रसन्नता जताई है। सीएम योगी ने पीएम मोदी और अमित शाह को धन्यावाद भी किया है।

सच में, मोदी हैं तो मुमकिन है- सीएम योगी

सीएम योगी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा- "आज का दिन ऐतिहासिक और मानवता के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ने वाला है। दशकों की प्रतीक्षा के पश्चात आज नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के माध्यम से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में मजहबी कट्टरता से प्रताड़ित होकर भारत में शरणागत हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई बहनों-भाइयों को भारतीय नागरिकता मिलने का शुभारंभ हो गया है। नागरिकता पाए सभी बहनों-भाइयों को हार्दिक बधाई! आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का हार्दिक आभार एवं माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी का अभिनंदन! सच में, मोदी हैं तो मुमकिन है...।"

गैर मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता

संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के लिए नियम अधिसूचित होने के करीब दो महीने बाद बुधवार को 14 लोगों को भारत की नागरिकता प्रदान की गई। इसके साथ ही पड़ोसी देशों में प्रताड़ना के शिकार होकर भारत आए गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सूत्रों ने बताया कि एक विशेष समारोह में 14 लोगों को प्रतीकात्मक रूप से प्रमाणपत्र सौंपे गए, जबकि डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र ‘‘कुछ सौ’’ अन्य आवेदकों को ईमेल के माध्यम से भी भेजे जा रहे हैं।

इसी साल मार्च में लागू हुआ है सीएए

सीएए को 31 दिसंबर 2014 तक या उससे पहले भारत आए बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में प्रताड़ना के शिकार गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता प्रदान करने के लिए दिसंबर 2019 में लाया गया था। इनमें हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोग शामिल हैं। कानून बनने के बाद, सीएए को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई लेकिन जिन नियमों के तहत भारत की नागरिकता दी जानी थी, उन्हें चार साल से अधिक की देरी के बाद इस साल 11 मार्च को जारी किया गया।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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