Jayant Chaudhary: कुछ दिनों पहले तक सपा के साथ रहे जयंत चौधरी ने बीजेपी के साथ जाने के बाद पहली बार अखिलेश यादव पर इशारों ही इशारों में हमला बोला है। आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी ने एक रैली के दौरान कहा कि उनके पुराने साथी उन्हें बेगम देकर राजा लेना चाहते थे।
शतरंज के सहारे विपक्ष पर हमला
जयंत चौधरी ने शतरंज के खेल की याद दिलाते हुए कहा- "राजनीतिक और सामाजिक जीवन में रणनीति बहुत जरूरी है और यही राजनेता का काम है। शतरंज के खेल में विरोधी यह साबित करने की कोशिश करते हैं कि वे कमजोर हैं और फिर सामने वाले खिलाड़ी को हरा देते हैं। हमारा गठबंधन सहयोगी भी यही चाहता था। वो बेगम देना चाह रहे थे और बादशाह लेना चाह रहे थे।"
'हमें शिकायत नहीं'
जयंत चौधरी ने आगे कहा कि उन्हें अपने पूर्व गठबंधन सहयोगी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है। सबकी अपनी जिम्मेदारी है। हर कोई अपनी पार्टी के बारे में सोचता है। चौधरी ने कहा- "हमें कोई शिकायत नहीं है। उनकी अपनी ज़िम्मेदारी है और हम अपने लोगों के बारे में सोचते हैं। यदि आप नेता हैं तो कुछ कठोर निर्णय लेना पड़ता है।"
जयंत का इशारा
जयंत चौधरी का इशारा उन सीटों की ओर था, जो सीट बंटवारे के तहत पहले सपा उनकी पार्टी को दे रही है। जयंत ने कहा कि ऐसे तीन क्षेत्र हैं, जहां के लोग मुझे जानते हैं। मथुरा, बागपत और तीसरा कैराना। आप इशारे से समझ जाइए।
जयंत क्यों नाराज
दरअसल सपा सीटें भले ही जयंत को 7 दे रही थी, लेकिन कुछ सीटों पर उम्मीदवार सपा के ही रहने वाले थे, इसी से जयंत के नाराज होने की खबरें थी, बाद में जयंत ने इंडिया गठबंधन छोड़ एनडीए को चुना और बीजेपी के साथ चले गए।
