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लालू यादव ने कितने नेताओं पर दोबारा जताया भरोसा, कितनों का काटा टिकट? RJD की लिस्ट में हेरफेर की रणनीति समझिए

RJD List For Election: बिहार में लालू यादव की पार्टी ने राष्ट्रीय जनता दल ने मंगलवार की रात को 22 लोकसभा सीट पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। सीवान सीट पर अभी फैसला नहीं हो सका है। दिलचस्प बात ये है कि इन 22 में से 17 सीटों पर विपक्षी दलों के गठबंधन में शामिल राजद की ओर से अलग उम्मीदवार मैदान में होंगे।

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आरजेडी के लोकसभा उम्मीदवारों की लिस्ट के सियासी मायने समझिये।

Photo : Times Now Digital

Lok Sabha Chunav: लोकसभा चुनाव के मद्देनजर लालू यादव की पार्टी ने बिहार की 22 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों पर आधिकारिक मुहर लगा दी है। इस बार राजद के खाते में 9 ऐसी सीटें आई हैं, जो पिछले लोकसभा चुनाव 2019 में उसकी सहयोगी पार्टियों को दी गई थीं। जबकि राजद 13 उन्हीं सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जिसपर पिछली बार उसे हार झेलनी पड़ी थी। इन 13 में से 8 सीटों पर आरजेडी ने अपने उम्मीदवार बदल दिए हैं, जबकि उन 5 उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जिन्हें पिछली बार हार झेलनी पड़ी थी। इनमें लालू की बेटी मीसा भारती का नाम भी शामिल है।

वो 9 सीटें, जहां राजद पिछली बार नहीं लड़ी थी चुनाव

राजद उम्मीदवारसीटपिछला उम्मीदवारपार्टी
कुमार सर्वजीतगयाजीतन राम मांझी HAM
अर्चना रविदास जमुईभूदेव चौधरी RLSP
बीमा भारती पूर्णियाउदय सिंह कांग्रेस
चंद्रहास चौपालसुपौलरंजीत रंजनकांग्रेस
अभय कुमार कुशवाहाऔरंगाबादउपेंद्र प्रसाद HAM
अनिता कुमारी महतो मुंगेरनीलम देवी कांग्रेस
आलोक कुमार मेहताउजियारपुरउपेंद्र कुशवाहाRLSP
अली अशरफ फातमी मधुबनीबद्रीनाथ पूर्वेVIP
दीपक यादववाल्मीकिनगरशाश्वत केदार कांग्रेस

राजद ने की 22 सीट पर उम्मीदवारों की घोषणा

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मंगलवार रात को राज्य की 22 सीट पर औपचारिक रूप से अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी, जिनमें पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद की बेटियां रोहिणी आचार्य और मीसा भारती का भी नाम शामिल है। राजद की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जगदानंद सिंह द्वारा हस्ताक्षरित पार्टी के उम्मीदवारों की सूची को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद ने मंजूरी दी है।

विकासशील इंसान पार्टी को दी थीं तीन सीटें

बिहार में विपक्षी महागठबंधन के बीच सीट बंटवारे को लेकर बनी सहमति के अनुसार राजद राज्य की 40 लोकसभा सीट में से 26, कांग्रेस नौ और वाम दल पांच सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले सप्ताह राजद ने बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी की पार्टी के साथ समझौता कर उनकी विकासशील इंसान पार्टी को अपने हिस्से की तीन सीटें दी थीं। राजद ने मंगलवार को 22 सीट पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की, जिनमें पांच सीट पर शुरुआती दो चरणों में चुनाव होना हैं। पार्टी उम्मीदवार पहले ही अपना नामांकन पत्र दाखिल कर चुके हैं।

किस सीट से राजद ने बदल दिया उम्मीदवार?

सीट2024 में उम्मीदवार2019 में उम्मीदवार
नवादाश्रवण कुमार कुशवाहाविभा देवी
सारणरोहिणी आचार्यचंद्रिका राय
दरभंगाललित यादवअब्दुल बारी सिद्दीकी
बक्सरसुधाकर सिंह जगदानंद सिंह
वैशालीविजय कुमार शुक्लारघुवंश प्रसाद सिंह (मृत्य)
अररियाशाहनवाज आलमसरफराज आलम
शिवहररितू जायसवालसैयद फैसल अली
मधेपुराकुमार चंद्र दीपशरद यादव (मृत्यु)

किन 5 नेताओं पर आरजेडी ने दोबारा जताया भरोसा?

सीटउम्मीदवार
बांकाजय प्रकाश यादव
पाटलीपुत्रामीसा भारती
हाजीपुरशिवचंद्र राम
जहानाबादसुरेंद्र प्रसाद
सीतामढ़ीअर्जुन राय

RJD ने किन 5 सीटों को छोड़ा?

लोकसभा सीट2019 में उम्मीदवार
झांझरपुरगुलाब यादव
गोपालगंजसुरेंद्र राम
महाराजगंजरणधीर कुमार सिंह
भागलपुरशैलेश कुमार
आरा (CIPML)L का समर्थनराजू यादव
फिलहाल राजद ने सीवान सीट पर अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। इस सीट पर पिछली बार मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब ने चुनाव लड़ा था। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य (सारण), सुधाकर सिंह (बक्सर), अली अशरफ फातमी (मधुबनी) और सुरेंद्र प्रसाद (जहानाबाद) सहित कई अन्य उम्मीदवारों के नामों को पहले ही लालू मंजूरी दे चुके हैं। सूची में अनिता कुमारी महतो (मुंगेर) का भी नाम भी शामिल है। राजद उम्मीदवारों में शामिल कुमार सर्वजीत (गया), श्रवण कुमार कुशवाहा (नवादा), बीमा भारती (पूर्णिया), अर्चना रविदास (जमुई) और अभय कुशवाहा (औरंगाबाद) पहले ही अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं।
Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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