पूर्व कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम कहते हैं, '4 जून के बाद सभी विपक्षी नेता कहेंगे कि बीजेपी को 400 सीटें नहीं मिलीं, उन्हें केवल 325 सीटें मिलीं। हमने उन्हें 400 पाने से रोक दिया। यह '300 पार' है।' उन्हें इसी में खुशी मिलेगी...इसमें कोई शक नहीं कि पीएम मोदी की सरकार भारी बहुमत से बनेगी...जनता उसी की सरकार बनाएगी जो 'अखंड भारत' बनाएगा और पीओके वापस लाएगा...
राहुल गांधी कभी पीएम नहीं बनेंगे, वह शरद पवार, ममता बनर्जी, लालू यादव और अखिलेश यादव को भी पीएम नहीं बनाएंगे, वह अपने किसी नौकर को पीएम बनाएंगे उन्हें कूड़ेदान का बहुत अनुभव है। उन्होंने मनमोहन सिंह के अध्यादेश को कूड़ेदान में फेंक दिया... उन्होंने पूरी पार्टी को कूड़ेदान में फेंक दिया... उनका बस चले तो देश को कूड़ेदान में फेंक देंगे, वह 'कूडे़दान मास्टर' हैं और वह सनातन को कूड़ेदान में फेंकना चाहते हैं..."
'कुछ लोग संविधान का मजाक बना रहे हैं, जिसके मन में जो आता है, भाषण दे देता है'
राहुल गांधी ने एक सम्मेलन के दौरान कहा था कि जब से वह जन्म लिए हैं तब से सिस्टम में हैं, सिस्टम को अंदर से जानते हैं। सिस्टम कैसे चलता है, किसे और कैसे फेवर करता है, किसकी रक्षा करता है और किसे अटैक करता है, ये सब उन्हें मालूम है, प्रमोद कृष्णम ने कहा कि कुछ लोग संविधान का मजाक बना रहे हैं, जिसके मन में जो आता है, भाषण दे देता है। कोई 50, तो कई 70, तो कोई 80 परसेंट आरक्षण देने की बात करता है। संविधान में आरक्षण को लेकर व्यवस्था भी की गई है और सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया है कि 50 परसेंट की लिमिट के अंदर ही आरक्षण दिया जा सकता है।
'विपक्ष के नेता दिल्ली की गद्दी पाने के लिए पागल हो चुके हैं'
उन्होंने कहा कि जो लोग संविधान मानने की बात कर रहे हैं, जो लोग कहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी संविधान को खत्म करना चाहते हैं। वह खुद संविधान के खिलाफ हैं। विपक्ष के नेता दिल्ली की गद्दी पाने के लिए पागल हो चुके हैं और ये पागलों की तरह जो मन में आता है, बोलते हैं। इनकी कोशिश है कि किसी तरह से दिल्ली की गद्दी मिल जाए और देश को लूटने का मौका मिले। अगर इनको मौका मिले तो देश को लूट लेंगे, लेकिन, इस रास्ते में जो सबसे बड़ा रोड़ा है, वह नरेंद्र मोदी हैं। इसलिए, वो लोग लगातार पीएम मोदी को हटाना चाहते हैं।
'केजरीवाल बहुत समझदार हैं, उनको अच्छा फैसला लेना चाहिए'
उन्होंने स्वाति मालीवाल के साथ हुई मारपीट और बदसलूकी के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीएम केजरीवाल को सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए। इस देश में महिलाओं को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। केजरीवाल बहुत समझदार हैं, उनको अच्छा फैसला लेना चाहिए।
