Times Now Navbharat के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि वह एडवांस प्लानिंग करते हैं और यह उनके नेचर में है। उन्होंने कहा मैं बहुत एडवांस में सोचता हूं। उन्होंने कहा कि गुजरात में उन्होंने इसी तरह से एडवांस प्लानिंग की थी। 2014 और 2019 में भी उन्होंने पहले ही सोच लिया था कि उन्हें सरकार में आने के बाद क्या करना है। उनका कहना है कि वह बिल्कुल भी समय बर्बाद नहीं करना चाहते। टाइम्स नाउ नवभारत के कंसल्टिंग एडिटर सुशांत सिन्हा ने पीएम मोदी से पूछा, क्या आप सिर्फ 2024 की तैयारी करके बैठे हैं, या 2029 की भी तैयारी कर चुके हैं?
पीएम मोदी ने कहा, देखिए मैं चुनाव की तैयारी करता ही नहीं हूं। न मैं चुनाव के लिए सोचता हूं, न ही मैं चुनाव का टाइम टेबल देखकर काम करता हूं। मेरे सामने साफ है कि ये देश जब 100 साल का होगा, जब आजादी के 100 साल पूरे होंगे, तब देश कहां होगा। और ये रातों-रात नहीं होता है।
बजट में बोला एक वाक्य
पीएम मोदी ने कहा, मैंने इस बार बजट में एक वाक्य बोला है कि 'हम डेमोग्राफी को लेकर एक कमीशन बनाएंगे।' अब ये क्या है? देखिए दुनिया के बहुत से देश परेशान हैं। वहां पर एजिंग के कारण बहुत बड़ी पॉपुलेशन अब एक डमोग्राफी का एक रूप है। मैं नहीं चाहता कि 2047 में जब देश आजादी के 100 साल बनाए तो बुजुर्गों के लिए कुछ न हो। देश में उस समय बुजुर्ग होंगे, उनके लिए कोई प्लानिंग होनी चाहिए।प्रधानमंत्री ने कहा, आज हम युवा हैं... लेकिन कभी तो बूढ़े होंगे, तो सरकार का काम है अभी से सोचे। मैं वो सोचता हूं कि आज आप जो नौजवान हैं वो 2047 में बूढ़े होंगे, तब आप असहाय न अनुभव करें, इसके लिए प्लानिंग अभी से होना चाहिए। मैं इस लेवल पर काम कर रहा हूं। मैंने ऑलरेडी बजट में एक वाक्य बोला, लेकिन देश में मीडिया पकड़ नहीं पाया। लेकिन मैं इस सोच से काम कर रहा हूं।
29 में उनका चांस है?
टाइम्स नाउ नवभारत के कंसल्टिंग एडिटर सुशांत सिन्हा ने कहा, ये प्रश्न इसलिए पूछा क्योंकि कई लोग यह सोच कर बैठे हैं कि इस बार तो गया हुआ है मामला, 29 में मोदी जी हटेंगे 29 में उनका चांस है?इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, राजनीति में कौन आए, कौन जाए... कोई देश ऐसा नहीं होना चाहिए, जो किसी व्यक्ति के आधार पर चलता हो। मोदी के आधार पर देश चले, यह मोदी कभी नहीं चाहेगा। मेरा देश तो बहुरत्न वसुंधरा है जी। यहां तो अनेक रत्न पैदा होते रहे हैं, आगे भी होते रहने वाले हैं और देश आगे चलने ही वाला है। लेकिन एक प्रकार की माला जपने से कोई अपना भविष्य नहीं बना सकता है। हर एक को अपना भविष्य बनाने के लिए मेहनत करनी चाहिए, जनता का विश्वास जीतना चाहिए, जनता के सुख का साथी बनना चाहिए और वेकेशन थोड़े कम करनी चाहिए।
