PM Narendra Modi Exclusive Interview : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के दंगों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बीते समय में गुजरात में आए दिन दंगे हुआ करते थे लेकिन 2002 के बाद इस राज्य में एक भी दंगा नहीं हुआ। गुजरात में मुस्लिम समाज के लिए आज सुरक्षित हैं। साथ ही पीएम ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में मुस्लिम समाज के साथ क्या हुआ, इस पर उन्हें आत्ममंथन करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने ये बातें टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर इन चीफ नाविका कुमार और टाइम्स नाउ नवभारत के कंसल्टिंग एडिटर सुशांत सिन्हा के साथ बातचीत में कहीं।
गुजरात दंगों का जिक्र किया
सुशांत सिन्हा के इस सवाल पर कि सरकार की योजनाओं में हिंदू-मुसलमान के साथ भेदभाव नहीं होता, फिर भी आपको एंटी-मुस्लिम कहा जाता है। इस सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि 'मुझे सरकार चलाते हुए करीब-करीब 25 साल हो गए। गुजरात में दंगे होते थे, इस पर 18वीं या 19वीं शताब्दी से रिकॉर्ड मौजूद हैं। 10 साल में सात साल दंगे होते थे। 2002 के बाद गुजरात में एक भी दंगा नहीं हुआ। आज गुजरात में मुस्लिम सुरक्षित हैं। वे भाजपा को वोट दें या न दें यह अलग बात है।'
'कांग्रेस के समय में क्या हुआ मुस्लिम समाज आत्ममंथन करे'
पीएम ने कहा कि 'मैं आज पहली बार कह रहा हूं। मैं मुस्लिम समाज और उनके पढ़े-लिखे लोगों से कह रहा हूं कि आप आत्ममंथन करिए, सोचिए। देश इतना आगे बढ़ रहा है। आपके समाज में अगर कमी है तो योजनाओं का लाभ कांग्रेस के समय में आपको क्यों नहीं मिला? कांग्रेस के समय में आपके साथ क्या हुआ? इस पर आत्ममंथन करिए। सत्ता में हम बिठाएंगे और उतारेंगे, इस सोच में आप अपने बच्चों का भविष्य खराब कर रहे हैं। मुसलमान समाज दुनिया भर में बदल रहा है। मैं खाड़ी देशों में जाता हूं जहां व्यक्तिगत रूप से मुझे और भारत को सम्मान मिलता है लेकिन हमारे यहां विरोध हो रहा है। सऊदी अरब में योगा स्कूलों में आधिकारिक रूप से पढ़ाया जाता है।'
मुस्लिम समाज के लोगों को भाजपा कार्यालय में बैठना चाहिए-पीएम
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि 'यहां योगा की बात करने पर मुझे एंटी-मुस्लिम बताया जाता है। खाड़ी देशों में लंच या डिनर के समय वहां के अमीर लोग मुझसे योगा के बारे में पूछते हैं। लेकिन यहां योगा को भी हिंदू-मुसलमान बना दिया है। मैं मुसलमानों से अपना और अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सोचने की अपील करता हूं। मैं नहीं चाहता कि कि कोई डरा रहा है इसलिए कोई समाज बंधुआ मजदूर की तरह जिंदगी जिए। मैं तो कहता हूं कि मुस्लिम समाज के 40-50 लोग भाजपा कार्यालय में बैठे रहें, मैं पूछता हूं कि भाजपा वाले आपको वहां से निकाल देंगे क्या? जाकर भाजपा कार्यालय में कब्जा करो न..कौन रोक रहा है?'
