इलेक्शन

बिहार के हाजीपुर में गरजे पीएम मोदी, राजद और कांग्रेस पर बोला तीखा हमला; पढ़ें 10 बड़ी बातें

Lok Sabha Chunav: पीएम मोदी ने हाजीपुर रैली में राजद और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। प्रधानमंत्री ने अपने विरोधियों पर अपनी संतानों को आगे बढ़ाने के लिए चिंतित होने का आरोप लगाते हुए कहा, 'मेरा कोई वारिस नहीं है। आप लोग मेरे वारिस हैं।' आपको बताते हैं उन्होंने अपने संबोधन में क्या-क्या कहा।

Image

पीएम मोदी ने हाजीपुर में की जनसभा।

Photo : Twitter

PM Modi Rally in Bihar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोपों के बीच भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के अपने प्रण को सोमवार को एकबार फिर दोहराया। बिहार के हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रत्याशी चिराग पासवान के पक्ष में एक चुनावी रैली को संबोधित किया और अपने विरोधियों पर जमकर प्रहार किया।

'भ्रष्टाचारियों को खोज करके सजा देंगे'

पीएम मोदी ने कहा, 'हमारा ट्रैक रिकॉर्ड भ्रष्टाचारियों को खोज करके सजा देने का है। मैं देश को, आप लोगों को एक आंकड़ा देता हूं। आप लोग ध्यान से सुनें क्योंकि यह आंकड़ा आपके काम आएगा। ये जो टीवी पर आप नोटों के पहाड़ देखते हैं। ये राजनेताओं के यहां से पकड़े जाते हैं। मुझे ये सोने नहीं देते थे।' उन्होंने कहा, 'जब केंद्र में राजद और कांग्रेस वाले सरकार चलाते थे। कांग्रेस के 10 साल में सिर्फ 35 लाख रुपये जब्त किये गये थे। जब से हमने सत्ता संभाली है, ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने 2,200 करोड़ रुपये की वसूली की है जिसे ले जाने के लिए 70 छोटे ट्रकों की आवश्यकता होगी।'

मेरा कोई वारिस नहीं है- पीएम मोदी

मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, 'इन लोगों ने आपको लूटकर नौकरी के बदले जमीन लिखवाकर दिल्ली और देश में जायदाद बनाई है। मैं आपको गारंटी देता हूं जिसने गरीबों से जमीन छीनी है, वह बचकर नहीं जा पाएगा।' प्रधानमंत्री ने अपने विरोधियों पर अपनी संतानों को आगे बढ़ाने के लिए चिंतित होने का आरोप लगाते हुए कहा, 'मेरा कोई वारिस नहीं है। आप लोग मेरे वारिस हैं।'

'उसका वोट तो बेकार जाना तय है...'

उन्होंने कहा, 'राजग को दिया आपका वोट केंद्र में मोदी की मजबूत सरकार बनाएगा। राजद-कांग्रेस, ये ‘इंडिया’ गठबंधन को तो अगर किसी ने गलती से भी बटन दबा दिया ना तो उसका वोट तो बेकार जाना तय है... और बिहार के लोग समझदार हैं, वे बेकार जाने वाली चीज करते ही नहीं। इसलिए अपना वोट सरकार और देश बनाने, अपने और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दीजिए। आप अपना वोट राजग को दीजिए।'

'लोगों को गरीबी में धकेल दिया'

मोदी ने कहा, 'बिहार के लोगों के सामर्थ्य और यहां के लोगों की समझदारी का मैं बहुत सम्मान करता हूं लेकिन मुझे यह देखकर दुख भी होता है कि सामाजिक न्याय के नाम पर 'लालटेन वालों' ने बिहार में कितनी अंधेरगर्दी फैलाई। इन लोगों ने बिहार के लोगों को गरीबी और अभाव में धकेल दिया। ‘जंगल राज’ दिया।' प्रधानमंत्री ने कहा, 'इन लोगों ने सबको बर्बाद किया और खुद अपने आलीशान महल खड़े कर लिए। क्या ऐसे लोग बिहार का कभी भी भला कर सकते हैं। राजद-कांग्रेस में बिहार को आगे बढ़ाने की इच्छा शक्ति ही नहीं है। वे तो सोच रहे हैं अभी जितना समय बचा है खुद के लिए जितना लूट सके लूट लें। वो अपने बच्चों को सेट करने में लगे हैं। उनको आपके बच्चों के परवाह नहीं है।'

'हमें बिहार को बचाकर रखना है'

मोदी ने कहा, 'आप लोग यहां एक कहावत कहते हैं न, ‘ना निमन गीतया गाई, ना मडवा में जाई।’ राजद कांग्रेस का हाल यही है। ये लोग विकास के कार्यों से भागते हैं क्योंकि उसमें मेहनत लगती है। खुद को खपाना होता है। इन लोगों के नकारेपन ने बिहार के कई अमूल्य दशक बर्बाद किये हैं। ऐसे लोगों से हमें बिहार को बचाकर रखना है।'

'राम मंदिर के लिए भद्दी-भद्दी बातें'

उन्होंने कहा, 'राजद हो, कांग्रेस हो, इन दोनों पार्टियों ने अब तुष्टीकरण को अपना सबसे बड़ा राजनीतिक हथियार बना लिया है। ‘इंडिया’ गठबंधन का हर दल राम मंदिर के लिए भद्दी-भद्दी बातें करता है। राम मंदिर को गाली देकर, उसका बहिष्कार करके, ये आपको चिढा रहे हैं। क्या ऐसे लोगों को आप माफ करेंगे। ऐसे लोगों को कोई माफ कर सकता है क्या।'

आरक्षण के मुद्दे पर क्या बोले मोदी?

मोदी ने कहा, 'राजद-कांग्रेस की प्राथमिकता आप लोग नहीं है बल्कि उनका अपना वोट बैंक ही है। अभी आपने सुना होगा बिहार में जंगल राज लाने वाले जो व्यक्ति हैं, जिन्हें चारा घोटाले में अदालत में सजा मिल चुकी है, उन्होंने कहा है कि मुसलमान को आरक्षण दिया जाना चाहिए और वह भी पूरा का पूरा, यानी दलितों पिछड़ों, आदिवासियों को मिलने वाला पूरा आरक्षण ये अब सिर्फ मुसलमानों को देना चाहते हैं।'

राजद-कांग्रेस को सुनाई खरी-खोटी

प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैं भी आपकी तरह अति पिछडे समाज से आता हूं। मैं जानता हूं कि ऐसा सुनकर उनकी बेचैनी कितनी बढ़ जाती है। उनको लगता है कि हमारा तो भविष्य डूब जाएगा। हमारे दलित, आदिवासी भाई-बहन, पिछड़े, अति पिछड़े ... अगर धर्म के आधार पर आरक्षण के नाम पर उनको बाबासाहेब (आंबेडकर) ने जो अधिकार दिया है, संविधान में जो अधिकार दिया है वह अगर लूट लिया जाएगा तो इनकी तो आने वाली सारी पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी। लेकिन भाई उन्हें (इंडिया गठबंधन) न बाबासाहेब और ना ही संविधान की परवाह है। क्या बिहार का दलित, पिछड़ा, आदिवासी हो, यह हमारे समाज के लोग अपना हक राजद-कांग्रेस वालों को छीनने देंगे क्या।'

'जब तक मोदी जिंदा है....'

उन्होंने कहा, 'और मैं आपको गारंटी देता हूं, जब तक मोदी जिंदा है, ये आपके अधिकारों पर डाका नहीं डाल सकते, ये आपके आरक्षण को छीन नहीं सकते। वे समझ लें कि वो वक्त चला गया जब महिलाओं को मिलने वाले आरक्षण के कागज फाड़ दिये गए थे। आगे ऐसी कोशिश करेंगे तो लेने के देने पड जाएंगे।' उन्होंने कहा, 'यह भाजपा है, राजग है, जो सामाजिक न्याय की पहरेदार हैं। आज देश में एससी, एसटी और ओबीसी के सबसे अधिक सांसद, विधायक भाजपा और राजग के हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल में 60 प्रतिशत मंत्री इन वर्गों के है। इतना ही नहीं 2014 में हमारी सरकार बनी तो हमने एक दलित बेटे रामनाथ कोविंद जी को राष्ट्रपति बनाया और आज आदिवासी समाज की बेटी द्रौपदी मुर्मू जी हमारे देश की राष्ट्रपति होने के नाते मार्गदर्शन कर रही हैं। यह होता है ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र।'

'उनके सपनों को किया है तबाह'

मोदी ने कहा, 'कांग्रेस और राजद ने मिलकर बिहार में अनेक पीढ़ियों को और उनके सपनों को तबाह किया है। आज यहां इतनी बड़ी संख्या में माताएं-बहनें आशीर्वाद देने आई हैं। 40 साल से लटका हुआ एक मामला था जिसे राजद वालों ने संसद में छीन करके फाड़ दिया था, वह मामला था इस देश की माताओं और बहनों को संसद, विधानसभाओं में अधिकार देने, आरक्षण देने का। राजद की मानसिकता के कारण, कांग्रेस की विकृत मानसिकता के कारण महिलाओं को अधिकार नहीं मिला। मैंने नया संसद भवन बनते ही महिलाओं के लिए आरक्षण का भी काम पूरा कर दिया है।'

उन्होंने आरोप लगाया कि ‘इंडिया’ गठबंधन वाले अगर सत्ता में आए तो वे महिलाओं को मिले आरक्षण को फिर से छीन लेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि राजग के शासनकाल में बिहार में 3,300 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों और 400 रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण हुआ है।

(इनपुट- भाषा)

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article