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बिहार के काराकाट में गरजेंगे पीएम मोदी, जहां उपेंद्र कुशवाहा के गले की फांस बने पवन सिंह; जानें क्या है प्लान

Modi in Karakat: पीएम मोदी शनिवार को बिहार की तीन-तीन लोकसभा क्षेत्र में रैली करने वाले हैं। वो पाटलिपुत्र, काराकाट और बक्सर सीट के लिए आज चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। इसमें सभी की निगाहें काराकाट सीट पर होगी। हर किसी को इस बात का इंतजार होगा कि क्या मोदी पवन सिंह पर कोई टिप्पणी करते हैं या नहीं।

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आज काराकाट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली।

Photo : Times Now Digital

Bihar Election News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार के काराकाट में हुंकार भरेंगे। उनकी ये रैली कई मायने में बेहद खास है। वो भोजपुरी अभिनेता जिन्हें भाजपा ने आसनसोल ने अपना उम्मीदवार बनाया, जिसके बाद उनके गाने की वजह से पश्चिम बंगाल में विरोध झेलना पड़ा- पवन सिंह बतौर निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं। ये सीट एनडीए गठबंधन में भाजपा की सहयोगी पार्टी आरएलएसपी के उपेंद्र कुशवाह के खाते में गई है। वो खुद यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में आज मोदी की जनसभा पर सभी की निगाहें टिकी होंगी।

पीएम मोदी की काराकाट रैली पर बोले पवन सिंह

काराकाट सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने के कारण हाल ही में भाजपा से निष्कासित किए गए भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह ने प्रधानमंत्री की काराकाट में जनसभा के मद्देनजर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कल रात में टिप्पणी करते हुए कहा, 'खबर आ रही है कि कल देश के प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी डेहरी में आयोजित जनसभा में ‘डालमिया नगर’ में बंद पड़ी फैक्टरी को फिर से चलाने की घोषणा करने जा रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो हमारे वचन पत्र का एक वचन चुनाव से पहले ही पूरा हो जायेगा। काराकाट लोकसभा क्षेत्र के लोगों की तरक्की ही मेरी असली जीत है।'

पवन सिंह को भाजपा ने कर दिया है निष्कासित

बिहार भाजपा ने राज्य की काराकाट लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने पर भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह को पार्टी से 22 मई को निष्कासित कर दिया था। बिहार भाजपा के प्रदेश मुख्यालय प्रभारी अरविंद शर्मा द्वारा जारी और पवन सिंह को संबोधित एक पत्र में कहा गया था ‘लोकसभा चुनाव में आप राजग के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध चुनाव लड़ रहे हैं। आपका यह कार्य दल विरोधी है, जिससे पार्टी की छवि धूमिल हुई है तथा पार्टी अनुशासन के विरुद्ध आपने यह कार्य किया है। अतः आपको दल विरोधी इस कार्य के लिए पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के आदेशानुसार पार्टी से निष्कासित किया जाता है।’

पवन सिंह ने बढ़ाई उपेंद्र कुशवाहा की मुसीबत

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) उम्मीदवार के रूप में काराकाट सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। पवन सिंह पश्चिम बंगाल के आसनसोल से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने से इनकार करने के बाद काराकाट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में उतरे हैं। बिहार में राजग के घटक दलों में शुमार भाजपा 17 सीट पर चुनाव लड़ रही है, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू 16 सीट, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) पांच सीट तथा हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा एक-एक सीट पर चुनाव लड़ रही है।

पीएम मोदी आज काराकाट के अलावा पाटलिपुत्र और बक्सर संसदीय क्षेत्रों में भी अलग-अलग चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार इकाई द्वारा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक पोस्ट के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को पाटलिपुत्र, काराकाट और बक्सर संसदीय क्षेत्रों में क्रमशः पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे, दोपहर डेढ़ बजे और अपराह्न 3:15 बजे अलग-अलग जनसभाओं को संबोधित करेंगे। पाटलिपुत्र, काराकाट और बक्सर बिहार की उन आठ लोकसभा सीट (अन्य पांच नालंदा, पटना साहिब, आरा, सासाराम और जहानाबाद) में शामिल हैं जहां अंतिम चरण में एक जून को मतदान होना है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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