PM Narendra Modi Exclusive Interview: लोकसभा चुनाव 2024 के चुनाव प्रचार में पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। विपक्षी नेता आरोप लगा रहे हैं कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीसरे बार प्रधानमंत्री बने तो वह देश का संविधान बदल देंगे। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर-इन-चीफ नाविका कुमार और टाइम्स नाउ नवभारत के कंसल्टिंग एडिटर सुशांत सिन्हा ने खास बातचीत की। पढ़ें, पीएम मोदी ने 'संविधान बदल देंगे' के आरोपों पर क्या कहा।
'किसी का हक नहीं छीन रहे'
इस खास बातचीत में जब विपक्ष के आरोप संविधान बदलने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल किया गया तो पीएम मोदी ने कहा कि मैं संविधान की भावना को जीना चाहता हूं, मैं संविधान के शब्दों का प्रतिष्ठा बढ़ाना चाहता हूं और ऐसा मैं पहले दिन से कह रहा हूं। पीएम मोदी ने कहा कि हम किसी का हक नहीं छीन रहे हैं, हम धर्म को आधार मानने का विरोध कर रहे हैं। संविधान की भावना के विरुद्ध धर्म के आधार पर आरक्षण, इसका मतलब ये नहीं कि मुसलमान को फायदा नहीं मिलेगा।

PM Narendra Modi Exclusive Interview
लोगों में संविधान का भाव पैदा करना जरूरी: पीएम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ऐसा तो नहीं है कि संविधान सिर्फ वकीलों और जजों के लिए ही हो, संविधान देश के कॉमन मैन से जुड़ना चाहिए। इन्होंने (विपक्ष) संविधान की कभी परवाह नहीं की। जब मैंने पार्लियामेंट में प्रस्ताव लाया कि हम संविधान दिवस मनाना चाहते हैं, खड़गे जी ने खुद संसद में विरोध किया। उन्होंने कहा था कि 26 जनवरी तो है अलग से संविधान दिवस मनाने की जरूरत क्या है? इस पर मैंने कहा ये जो ग्रंथ है उसके लिए आने वाली पीढ़ियों को उसके प्रति श्रद्धा का भाव पैदा करना चाहिए। स्कूल, कॉलेज, डिबेट सब जगह चर्चा हो।
संविधान बदलने के आरोप पर क्या बोले पीएम मोदी?
संविधान बदलने के आरोपों पर विपक्ष को करारा जवाब देते हुए खास बातचीत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोई बताए हमारे मेनिफेस्टो में कहीं लिखा है क्या? हमारे भाषण में निकला है क्या? कोई किसी कार्यक्रम में किसी संदर्भ में बोल दिया और उसी चीज को उछालकर पूरी तरह हमारी पार्टी पर आरोप लगाए जा रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हम खुद कहते हैं कि बताओ हमारे मेनिफेस्टो में कहां लिखा है। ऐसे दोगलापन नहीं चल सकता है, उन्होंने विपक्ष को कहा कि आपको जवाब देना पड़ेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जिस समय संविधान बन रहा था, देश के गणमान्य लोग संविधान सभा में बैठे थे। डॉक्टर राजेंद्र बाबू, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, पंडित नेहरू सब बैठे थे। उसमें तो कोई आरएसएस या बीजेपी वाला जैसा सवाल ही नहीं था। ऐसे और सभी सम्प्रदाय के लोग बैठे थे और सब ने बैठकर के लंबी चर्चा के बाद तय किया कि भारत जैसे देश में धर्म के आधार पर आरक्षण भारत को नुकसान करेगा, ये लंबी सोच के लिए ठीक नहीं है।
