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मनोज तिवारी-कन्हैया, खट्टर और निरहुआ...छठे चरण में कई दिग्गजों के बीच मुकाबला, जानें हर हाईप्रोफाइल सीट का चुनावी समीकरण

Top Candidates Battle in Lok Sabha Election 2024 6th Phase: लोकसभा चुनाव के छठे चरण के प्रमुख उम्मीदवारों में मेनका गांधी, दिनेश लाल यादव निरहुआ, धर्मेंद्र प्रधान, मनोज तिवारी, कन्हैया कुमार, महबूबा मुफ्ती, मनोहर लाल खट्टर जैसे नाम शामिल हैं। आइए जानते हैं लोकसभा चुनाव के छठे चरण में किन-किन हाईप्रोफाइल सीटों पर मुकाबला है...

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लोकसभा चुनाव का छठा चरण

Photo : Times Now Digital

Top Candidates Battle in Lok Sabha Election 2024 6th Phase: लोकसभा चुनाव धीरे-धीरे अपने छठे चरण में पहुंच चुका है। इस चरण में छह राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों की 58 लोकसभा सीटों पर 25 मई (शनिवार) को मतदान होना है। इसमें दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्य भी शामिल हैं, जिनकी सभी सीटों पर वोटिंग शनिवार को होगी। चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, छठे चरण में 58 लोकसभा सीटों पर 889 प्रत्याशी मैदान में हैं और 11 करोड़ से अधिक मतदाता इन प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे।

आम चुनाव के इस चरण में उत्तर प्रदेश की सबसे ज्यादा 14 सीटों पर मतदान हो रहे हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की 8, दिल्ली की सभी 7, हरियाणा की सभी 10, बिहार की 8, झारखंड की 4, ओडिशा की 6 और जम्मू-कश्मीर की 1 सीट पर मतदान होगा। छठे चरण के प्रमुख उम्मीदवारों में मेनका गांधी, दिनेश लाल यादव निरहुआ, धर्मेंद्र प्रधान, मनोज तिवारी, कन्हैया कुमार, महबूबा मुफ्ती, मनोहर लाल खट्टर जैसे नाम शामिल हैं। आइए जानते हैं लोकसभा चुनाव के छठे चरण में किन-किन हाईप्रोफाइल सीटों पर मुकाबला है...

मनोज तिवारी Vsकन्हैया कुमार

मनोज तिवारी बनाम कन्हैया कुमार

मनोज तिवारी बनाम कन्हैया कुमार

राजधानी दिल्ली की उत्तर पूर्वी लोकसभा सीट पर दो पूर्वांचलियों के बीच कड़ा मुकाबला है। यहां से भारतीय जनता पार्टी ने मौजूदा सांसद मनोज तिवारी को तीसरी बार मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने कन्हैया कुमार को प्रत्याशी बनाया है। यह सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई इसलिए भी बन गई है क्योंकि दिल्ली की सात लोकसभा सीटों में केवल उत्तर पूर्वी दिल्ली ही एक ऐसी सीट है, जहां से बीजेपी ने अपने मौजूदा सांसद पर फिर से भरोसा जताया है। बाकी 6 सीटों पर पार्टी ने सभी सांसदों के टिकट काट दिए हैं।

निरहुआ Vsधर्मेंद्र यादव

निरहुआ बनाम धर्मेंद्र यादव

निरहुआ बनाम धर्मेंद्र यादव

देश की सबसे हॉट सीटों की चर्चा होगी तो उत्तर प्रदेश की आजमगढ़ लोकसभा सीट का नाम जरूर आता है। कभी मुलायम परिवार का गढ़ रही यह सीट पर बीजेपी के पास है। यह सीट बीजेपी के साथ-साथ सपा के लिए भी नाक का सवाल बन चुकी है। भारतीय जनता पार्टी ने यहां से मौजूदा सांसद व भोजपुरी कलाकाल दिनेश लाल यादव पर फिर से भरोसा जताया है तो वहीं समाजवादी पार्टी ने पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव को मैदान में उतारा है।

मनोहर लाल खट्टर Vsदिव्यांशु बुद्धिराजा

छठे चरण में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी करनाल लोकसभा सीट से किस्मत आजमा रहे हैं। मार्च, 2024 में हरियाणा की राजनीति में चौंकाने वाला घटनाक्रम देखा गया था। यहां मनोहर लाल खट्टर ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद नायब सिंह सैनी की ताजपोशी की गई। इसके बाद पार्टी ने खट्टर को करनाल लोकसभा सीट से मैदान में उतारा। वहीं, कांग्रेस ने खट्टर जैसे दिग्गज नेता के सामने युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धराजा को उतारा है।

मेनका गांधी Vsरामभुआल निषाद

इस चरण में सुल्तानपुर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता मेनका गांधी भी किस्मत आजमा रही हैं। पहले इस बात की संभावना कम थी कि भाजपा मेनका गांधी को दोबारा इस चुनाव में मौका देगी। हालांकि, बाद में पीलीभीत से उनके बेटे वरुण गांधी का टिकट काटकर मेनका गांधी को सुल्तानपुर से फिर से मौका दिया गया। हालांकि, इस बार जातीय समीकरण ने उनकी राह को कठिन कर दिया है। सपा ने यहां से भाजपा नेता व पूर्व विधायक रहे रामभुआल निषाद को उम्मीदवार बनाया है तो वहीं बसपा ने जिला पंचायत सदस्य उदयराज वर्मा को प्रत्याशी बनाया है।

बांसुरी स्वराज Vsसोमनाथ भारती

बांसुरी स्वराज बनाम सोमनाथ भारती

बांसुरी स्वराज बनाम सोमनाथ भारती

छठे चरण में नई दिल्ली लोकसभा सीट पर भी सभी की नजर होगी। यहां दो वकीलों के बीच लड़ाई है। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने यहां से दिवंगत नेता सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज को मैदान में उतारा है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने वरिष्ठ नेता और विधायक सोमनाथ भारती जैसे दमदार प्रत्याशी को मैदान में उतारकर मुकाबले को कड़ा बना दिया है। कभी इस सीट पर कांग्रेस का दबदबा था और 2004 व 2009 में कांग्रेस ने इस सीट पर जीत हासिल की थी। हालांकि, बीते दो चुनाव में यहां से भाजपा ने जीत हासिल की।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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