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चुनावी सरगर्मी में मनमोहन सिंह ने पहली बार तोड़ा मौन; पीएम मोदी पर लगाया ये 3 गंभीर आरोप

Election News: मनमोहन सिंह ने पंजाब के मतदाताओं से विकास और समावेशी प्रगति के लिए वोट देने तथा प्रेम, शांति, भाईचारे और सद्भाव को मौका देने की अपील की है। साथ ही उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए ये आरोप लगाया कि मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने सार्वजनिक संवाद और प्रधानमंत्री पद की गंभीरता को कम किया है।

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PM मोदी पर बरसे मनमोहन सिंह।

Photo : Times Now Digital

Manmohan Singh vs PM Modi: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए आखिरी चरण की वोटिंग बची है। तमाम पार्टियां अपनी-अपनी आखिरी कोशिश में जुटी हुई हैं, वार-पलटवार का सिलसिला सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। इसी बीच देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पीएम मोदी पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने इस चुनाव में पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। साथ ही पंजाब के मतदाताओं से प्रेम, शांति, भाईचारे के लिए वोट करने की अपील की है।

पीएम मोदी पर लगाया तीन गंभीर आरोप

मनमोहन सिंह ने पंजाब के मतदाताओं से विकास और समावेशी प्रगति के लिए वोट देने तथा प्रेम, शांति, भाईचारे और सद्भाव को मौका देने की अपील की। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पंजाब के मतदाताओं से कहा कि केवल कांग्रेस ही विकासोन्मुख प्रगतिशील भविष्य सुनिश्चित कर सकती है जहां लोकतंत्र और संविधान की रक्षा होगी। साथ ही उन्होंने पीएम मोदी पर तीन प्रहार किया है।

1). 'प्रधानमंत्री पद की गंभीरता को किया कम'

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने सार्वजनिक संवाद और प्रधानमंत्री पद की गंभीरता को कम किया है।

2). 'घृणित, असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल'

मनमोहन सिंह ने कहा कि अतीत में किसी भी प्रधानमंत्री ने समाज के किसी विशेष वर्ग या विपक्ष को निशाना बनाने के लिए ऐसे घृणित, असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया।

3). 'सर्वाधिक नफरत फैलाने वाले भाषण दिए'

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान मोदी ने सर्वाधिक नफरत फैलाने वाले द्वेषपूर्ण भाषण दिए हैं, जो पूरी तरह विभाजनकारी प्रकृति के हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अग्निवीर योजना थोपी। उसे लगता है कि देशभक्ति, सेवा का मूल्य केवल चार साल है। यह उनके नकली राष्ट्रवाद को दर्शाता है।

खड़गे ने पीएम मोदी पर कसा तीखा तंज

कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने महात्मा गांधी पर टिप्पणी को लेकर प्रधानमंत्री पर तंज कसा और कहा कि हो सकता है कि प्रधानमंत्री ने गांधी के बारे में नहीं पढ़ा हो लेकिन महात्मा गांधी को पूरी दुनिया जानती है। चार जून के बाद जब प्रधानमंत्री मोदी को खाली वक्त मिले तो उन्हें महात्मा गांधी की आत्मकथा पढ़नी चाहिए।

'पीएम मोदी ने बेरोजगारी पर नहीं की बात'

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए अनगिनत प्रयास किए लेकिन लोगों ने हमारे द्वारा उठाए गए वास्तविक मुद्दों को चुना। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पिछले 15 दिन में भाषणों में कांग्रेस का नाम 232 बार और अपना नाम 758 बार लिया लेकिन एक भी बार भी बेरोजगारी पर बात नहीं की। जनता हमारे इस विचार से सहमत है कि अगर इस सरकार को दोबारा मौका दिया गया तो यह लोकतंत्र का अंत होगा।

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने कहा कि जाति, धर्म के आधार पर वोट नहीं मांगे जाएंगे लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर-मस्जिद और विभाजनकारी मुद्दों पर 421 बार बोला। ‘इंडिया’ गठबंधन स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाएगा। यह देश को समावेशी और राष्ट्रवादी सरकार देगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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