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Maharashtra Elections: कांग्रेस ने इन 62 सीटों पर फाइनल कर लिया उम्मीदवारों का नाम? जानें कब होगी CEC की बैठक

Maharashtra Chunav: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोर पकड़ लिया है। सभी सियासी पार्टियां अपनी एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं, इसी बीच कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी ने 62 सीट पर नामों को मंजूरी दे दी है। आगामी 20 अक्टूबर को सीईसी की बैठक होगी, इसमें उम्मीदवारों के नामों पर फाइनल मुहर लग सकती है।

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कांग्रेस ने महाराष्ट्र चुनाव के लिए तेज की तैयारी।

Election News: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए गठित कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी ने बुधवार को 62 सीट पर संभावित उम्मीदवारों के नामों को मंजूरी दे दी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) 20 अक्टूबर की बैठक होगी। कांग्रेस की सीईसी, स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा भेजे गए नामों में से उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगाती है।

नांदेड़ लोकसभा सीट पर उपचुनाव का प्लान

उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी ने नांदेड़ संसदीय उपचुनाव के लिए सिर्फ एक नाम दिवंगत संतराव चव्हाण पुत्र रवींद्र चव्हाण के नाम को मंजूरी दी है। संतराव चव्हाण का इस साल अगस्त में निधन हो गया था, इसलिए नांदेड़ लोकसभा सीट पर उपचुनाव हो रहा है।

हिमाचल भवन में हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री ने की। इसमें महाराष्ट्र के कांग्रेस प्रभारी रमेश चेन्निथला, पटोले, बालासाहेब थोराट और कई अन्य नेता शामिल हुए।

महाराष्ट्र में एक चरण में 20 नवंबर को वोटिंग

बैठक के बाद पटोले ने कहा, "62 सीट के लिए मंजूरी मिल गई है। हमारी 20 अक्टूबर को सीईसी की बैठक होगी।" उधर, कांग्रेस ने झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए बी के हरिप्रसाद, गौरव गोगोई और मोहन मरकाम को वरिष्ठ समन्वयक नियुक्त किया। महाराष्ट्र में एक चरण में 20 नवंबर को जबकि झारखंड में दो चरणों में 13 और 20 नवंबर को मतदान होगा। दोनों राज्यों में मतगणना 23 नवंबर को होगी।

भाजपा ने किन सीटों के लिए बनाया चुनावी प्लान

इसके अलावा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की चुनाव समिति की बैठक हुई। सूत्रों की मानें तो महाराष्ट्र की 150 सीटों पर उम्मीदवार तय कर लिए गए हैं। हालांकि, उम्मीदवारों की घोषणा कब होगी इसकी घोषणा नहीं की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और सीईसी के अन्य सदस्यों के अलावा बैठक में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले सहित राज्य के कुछ अन्य प्रमुख नेता शामिल हुए। सूत्रों की मानें तो सीईसी ने उन सीटों पर विचार-विमर्श किया, जिन पर भाजपा 288 सदस्यीय विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने को इच्छुक है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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