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भाजपा ने शेयर किया देवेंद्र फडणवीस के बैग की चेकिंग का वीडियो, उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना

Uddhav Thackeray Bag Checking News: भारतीय जनता पार्टी ने 'एक्स' हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है। यह वीडियो महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री व दिग्गज नेता देवेंद्र फडणवीस की बैग चेंकिंग का है। देवेंद्र फडणवीस ने कहा, बैग की जांच में क्या गलत है? प्रचार के दौरान हमारे बैग की भी जांच की गई और इसमें इतना हताश होने की कोई जरूरत नहीं है।

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Devendra Fadnavis bag checking

Photo : PTI

Uddhav Thackeray Bag Checking News: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बीच उद्धव ठाकरे के बैग की चेकिंग को लेकर हंगामा जारी है। विपक्ष ने इसको लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने 'एक्स' हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है। यह वीडियो महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री व दिग्गज नेता देवेंद्र फडणवीस की बैग चेंकिंग का है। वीडियो में दिखाया गया है कि एक एयरपोर्ट पर देवेंद्र फडणवीस के बैग की चेकिंग की जा रही है। भाजपा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह केवल संविधान की किताब हाथ में लेकर दिखावा करते हैं।

भाजपा महाराष्ट्र ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एयरपोर्ट का वीडियो शेयर कर बताया कि 7 नवंबर को यवतमाल ज़िले में देवेंद्र फडणवीस का बैग चेक किया गया। लेकिन उन्होंने न तो इसका कोई वीडियो बनाया, न ही किसी तरह का हंगामा किया। इससे पहले, 5 नवंबर को कोल्हापुर हवाई अड्डे पर भी देवेंद्र फडणवीस का बैग चेक किया गया था।

संविधात की बातें करना नहीं, उसका पालन जरूरी

भाजपा ने पोस्ट में आगे कहा कि सिर्फ संविधान की बातें करना ही नहीं, बल्कि संविधान के प्रावधानों का पालन करना भी ज़रूरी है। हमारी बस इतनी सी गुज़ारिश है कि हर किसी को संविधान का सम्मान और पालन करना चाहिए। इस बीच देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उद्धव ठाकरे चुनाव अधिकारियों द्वारा उनके बैग की जांच किए जाने का अनावश्यक रूप से विरोध कर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं और यह और कुछ नहीं केवल वोट मांगने की उनकी तिकड़म है। उन्होंने कहा कि बैग की जांच में क्या गलत है? ठाकरे की हताशा दिख रही है। बैग की जांच में क्या गलत है? प्रचार के दौरान हमारे बैग की भी जांच की गई और इसमें इतना हताश होने की कोई जरूरत नहीं है। फडणवीस ने कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों के अभाव के कारण ठाकरे अब इस तरह की बातें कर वोट मांग रहे हैं।

उद्धव ठाकरे के बैग की चेकिंग पर विपक्ष का हंगामा

बता दें, हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने एयरपोर्ट पर चुनाव आयोग के कर्मचारियों द्वारा उद्धव ठाकरे के बैग चेक करने पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था, आप हमारा सामान चेक कीजिए, लेकिन देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे, अजीत पवार नरेंद्र मोदी और अमित शाह के हेलीकॉप्टर और उनकी गाड़ियों के काफिले को रोककर जांच करते हो क्या? रिपोर्ट के अनुसार, उद्धव ठाकरे राज्य विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सोमवार को यवतमाल जिले के वाणी में संजय देरकर के प्रचार के लिए पहुंचे थे। हेलीकॉप्टर से उतरते ही चुनाव आयोग के कर्मचारियों ने उनका बैग चेक किया, जिसको लेकर महाराष्ट्र की सियासत गरमाई हुई है। इस दौरान, उद्धव ठाकरे ने कहा था, मेरे बैग की जांच की जा रही है। मुझे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मेरा सीधा-सा सवाल है कि क्या कभी इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बैग की जांच की गई है?

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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