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Lok Sabha elections: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने किया दाखिल किया नामांकन, लखनऊ लोकसभा सीट से तीसरी बार ठोकेंगे ताल

Rajnath Singh Nomination: राजनाथ सिंह लखनऊ से लोकसभा सांसद के रूप में तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं। सोमवार को उन्होंने अपना नामांकन दाखिल कर दिया। इससे पहले 2019 व 2014 में भी उन्होंने लखनऊ से लोकसभा चुनाव जीता था। लखनऊ से पहले उन्होंने 2009 में गाजियाबाद से लोकसभा चुनाव जीता था।

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राजनाथ सिंह

Photo : BCCL

Rajnath Singh Nomination: देश के रक्षामंत्री और लखनऊ से बीजेपी प्रत्याशी राजनाथ सिंह ने लखनऊ से आज अपना नामांकन दाखिल कर दिया। इस दौरान उनके साथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी व यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक मौजूद रहे।

नामांकन दाखिल करने से पहले राजनाथ सिंह ने लखनऊ में भाजपा मुख्यालय से लेकर कलेक्ट्रेट तक एक रोडशो का नेतृत्व किया। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव मौर्य, राज्य भाजपा प्रमुख भूपेन्द्र चौधरी, राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा और सुधांशु त्रिवेदी भी 'लखनऊ विकास यात्रा' के रूप में डिजाइन किए गए रथ के ऊपर नजर आए। इस जुलूस में शामिल होने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ा। इस मौके पर लोगों ने पुष्प की वर्षा की।राजनाथ सिंह ने नामांकन दाखिल करने से पहले हनुमान सेतु मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया।

तीसरी बार लड़ रहे लोकसभा चुनाव

बता दें, राजनाथ सिंह लखनऊ से लोकसभा सांसद के रूप में तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं। इससे पहले 2019 व 2014 में भी उन्होंने लखनऊ से लोकसभा चुनाव जीता था। लखनऊ से अपना पहला चुनाव लड़ने से पहले, उन्होंने 2009 में गाजियाबाद से लोकसभा चुनाव जीता था। 2024 के सात चरण के लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में 20 मई को लखनऊ में 13 अन्य निर्वाचन क्षेत्रों के साथ मतदान होगा।


Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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