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Lok Sabha Chunav: नीतीश कुमार ने किन-किन सांसदों का काट दिया टिकट? समझिए क्या है इसके पीछे की रणनीति

Bihar Politics: नीतीश कुमार की पार्टी जद(यू) ने बिहार में गठबंधन के तहत अपने खाते में आईं सभी 16 लोकसभा सीट पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए। इस सूची में मौजूदा दो सांसदों का टिकट काट दिया गया है और दल बदलकर पार्टी में आए दो नेताओं को टिकट दिया गया है। आपको इसके पीछे की रणनीति समझाते हैं।

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लोकसभा चुनाव के लिए क्या है नीतीश कुमार का प्लान?

Photo : Times Now Digital

JDU List For Bihar Lok Sabha Election: लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर सभी की निगाहें बिहार की 40 सीटों पर हैं, क्योंकि इस बार का समीकरण और सियासी हालात हर बार से कहीं अलग हैं। नीतीश कुमार ने पाला बदलने का सिलसिला जारी रखा और चुनाव से ठीक पहले एक बार फिर लालू को गच्चा देकर भाजपा के साथ NDA में शामिल हो गए। भाजपा और जेडीयू इस कोशिश में हैं कि 2019 की तरह इस बार भी लालू की आरजेडी का खाता भी न दिया जाए। हालांकि सियासी समीकरण बदल चुके हैं, नीतीश की राह इस बार उतनी आसान नहीं है। इस बीच जद(यू) ने बिहार में लोकसभा चुनाव के लिए अपने सभी 16 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इसमें दो मौजूदा सांसदों का टिकट कट गया है और दल बदलकर पार्टी में आए दो नेताओं को टिकट दिया गया है।

किन सांसदों का कटा टिकट और कौन बना रिप्लेसमेंट?

सीटकिसका टिकट कटाकिसे टिकट मिलापार्टी
सीतामढ़ीसुनील कुमार पिंटूदेवेश चंद्र ठाकुरजद(यू)
सिवानकविता सिंहविजयलक्ष्मी कुशवाहाजद(यू)

BJP सांसद रमा देवी की टेंशन में हुआ इजाफा

इस बार सीट बंटवारे में शिवहर की सीट जदयू के खाते में गई है, जहां से भाजपा की रमा देवी मौजूदा सांसद हैं। ऐसे में रमा देवी की मुश्किलें बढ़नी लाजमी हैं। जदयू ने इस सीट से लवली आनंद को टिकट टिया है। हाल ही में लवली आनंद ने लालू की पार्टी आरजेडी को अलविदा कहकर जेडीयू का दामन थामा था।

जदयू ने क्यों काटा दो मौजूदा सांसदों का टिकट?

नीतीश कुमार भले ही इस बार का चुनाव भी वर्ष 2019 के फॉर्मूले पर लड़ रहे हो, लेकिन उनकी राह आसान नहीं होगी। लालू यादव और तेजस्वी को हल्के में आंकना उनके लिए भारी भूल हो सकती है। नीतीश इस बात को समझते हैं कि बीते 5 सालों में सूबे के सियासी हालात में काफी बदलाव आए हैं। लवली आनंद का नाता लालू की आरजेडी से रहा है, नीतीश को उम्मीद है कि लवली को टिकट देकर वो शिवहर सीट पर जीत हासिल कर सकते हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता वाली जद (यू) (जनता दल-यूनाइटेड) ने गठबंधन के तहत अपने खाते में आईं राज्य की सभी 16 लोकसभा सीट के लिए रविवार को उम्मीदवारों की घोषणा की, जिसमें दो मौजूदा सांसदों का टिकट काट दिया गया है जबकि दल बदलकर आए दो नेताओं को उम्मीदवार बनाया गया है। नीचे देखिए पूरी लिस्ट

जदयू ने किन 16 नेताओं को बनाया अपना उम्मीदवार?

क्रमांकउम्मीदवारसीट
1सुनील कुमारवाल्मीकिनगर
2संतोष कुमार कुशवाहापूर्णिया
3लवली आनंदशिवहर
4देवेश चंद्र ठाकुरसीतामढ़ी
5राजीव रंजन उर्फ ललन सिंहमुंगेर
6दुलाल चंद्र गोस्वामीकटिहार
7गिरिधारी यादवबांका
8रामप्रीत मंडलझंझारपुर
9विजयलक्ष्मी कुशवाहासिवान
10कौशलेंद्र कुमारनालंदा
11मुजाहिद आलमकिशनगंज
12चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशीजहानाबाद
13डॉ. आलोक कुमार सुमनगोपालगंज
14दिलेश्वर कामतसुपौल
15दिनेश चंद्र यादवमधेपुरा
16अजय कुमार मंडलभागलपुर
जनता दल (यूनाइटेड) ने लोकसभा चुनाव-2024 के लिए सभी 16 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। जद(यू) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में यह घोषणा की।

सीतामढ़ी से मौजूदा सांसद का टिकट काटकर विधान परिषद के अध्यक्ष देवेश चंद्र ठाकुर को उम्मीदवार बनाया गया है जबकि सीवान सीट पर विजय लक्ष्मी कुशवाहा को टिकट मिला है, जो एक दिन पहले अपने पति रमेश सिंह कुशवाहा के साथ जद(यू) में शामिल हुई थीं। कुशवाहा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष थे। इसके अलावा इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) छोड़कर जद (यू) में शामिल हुईं लवली आनंद को शिवहर से टिकट दिया गया है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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