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संविधान-संविधान चिल्लाने वालों पश्चिम बंगाल में आकर देखो क्या हो रहा है? टीएमसी के खिलाफ गरजे PM Modi

PM Modi Bengal Rally: बंगाल में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पूरा देश देख रहा है कि कैसे टीएमसी बंगाल में न्यायपालिका का गला घोंट रही है। जजों के पीछे भी गुंडे छोड़े जा रहे हैं। ये जो देश में रात-दिन संविधान-संविधान और तानाशाही-तानाशाही चिल्लाने वालों की जमात है, ये अगर पश्चिम बंगाल में क्या हो रहा है वो देखेंगे तो इनकी बोलती बंद हो जाएगी।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Photo : Twitter

PM Modi Bengal Rally: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में एक चुनावी सभा को संबोधित किया। उन्होंने उत्तर 24-परगना के बारासात में रैली को संबोधित करते हुए टीएमसी और इंडिया गठबंधन पर जोरदार हमला बोला। प्रधानमंत्री ने सीएए को लेकर टीएमसी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, तुष्टिकरण की राजनीति के कारण टीएमसी ने CAA के खिलाफ भी झूठ फैलाया है, लेकिन आज पूरा देश देख रहा है कि सैंकड़ों शरणार्थियों को नागरिकता मिल गई है। किसी से कुछ भी छीना नहीं गया, बल्कि उन्हें नागरिकता देकर मां भारती के बेटे-बेटी के रूप में सम्मान दिया गया है। ये नागरिकता देश का संविधान दे रहा है। मैं आपको एक और गारंटी दूंगा कि TMC तो क्या दुनिया की कोई भी ताकत CAA लागू होने से नहीं रोक सकती।

पीएम ने कहा, पश्चिम बंगाल में जजों की नीयत पर और हमारी न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मैं टीमएसी वालों से पूछना चाहता हूं कि अब जजों के पीछे भी अपने गुंडे छोड़ दोगे क्या? पूरा देश देख रहा है कि कैसे टीएमसी बंगाल में न्यायपालिका का गला घोंट रही है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा है कि 77 मुसलमान जातियों को ओबीसी घोषित करना गैर-कानूनी और असंवैधानिक है। यानी टीएमसी में लाखों ओबीसी नौजवानों का हक रातों-रात वोट जिहाद वालों की मदद के लिए लूट लिया। इनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है अपने वोटबैंक का तुष्टिकरण। ये जो देश में रात-दिन संविधान-संविधान और तानाशाही-तानाशाही चिल्लाने वालों की जमात है, ये अगर पश्चिम बंगाल में क्या हो रहा है वो देखेंगे तो इनकी बोलती बंद हो जाएगी।

कांग्रेस-लेफ्ट और टीएमसी ने बंगाल को लूटा

इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि टीएमसी के नेताओं के पास से नोटों के जो पहाड़ निकले हैं, उस पैसे का हिसाब होगा। आजादी के पहले एक समय वो भी था जब बंगाल लाखों देशवासियों को रोजगार देता था। आज बंगाल में ज्यादातर फैक्ट्रियां बंद हैं, यहां से नौजवान पलायन करने के लिए मजबूर है। उन्होंने पूछा कि बंगाल का ये हाल किसने किया? पहले बंगाल को कांग्रेस ने लूटा, फिर लेफ्ट ने लूटा और अब टीएमसी दोनों हाथों से लूट रही है। कांग्रेस, सीपीएम और टीएमसी तीनों ही पश्चिम बंगाल की गुनहगार हैं। उन्होंने कहा, इंडी गठबंधन वाले गरीब और मध्यम वर्ग की कमाई का एक्स-रे करने की बात करते हैं। अब मोदी इन भ्रष्टाचारियों की काली कमाई का एक्स-रे करेगा। ऐसा एक्स-रे कि इनकी आने वाली पीढ़ियां भी भ्रष्टाचार करने से पहले 100 बार सोचेंगी।

गुनाह सामने लाने वालों को टारगेट करती है टीएमसी

पीएम मोदी ने कहा, टीएमसी ने मां को भय दिया है, माटी का अपमान किया है। यहां तक कि महिला एमएलए जो टीएमसी के अंदर गुंडागर्दी के खिलाफ बोलती हैं, उनको भी टारगेट किया जा रहा है। यहां संदेशखाली की बहनों ने इंसाफ मांगा, तो टीएमसी ने उनको ही टारगेट कर दिया। मैं बशीरहाट से उम्मीदवार हमारी बहन रेखा पात्रा के साहस और हिम्मत की सराहना करता हूं। वो टीएमसी की इतनी बड़ी सत्ता से टकरा रही हैं। पीएम मोदी ने कहा, जो कोई भी टीएमसी के गुनाह सामने लाता है, उनको टारगेट किया जाता है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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