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पांचवें चरण में राजनाथ, राहुल-स्मृति की प्रतिष्ठा दांव पर, 49 सीटों पर हो रही वोटिंग

Election News: लोकसभा चुनाव 2024 का 5वां चरण उत्तर प्रदेश के लिए कई मायनों में बेहद खास है। पांचवें चरण में यूपी की 14 लोकसभा सीटों व एक विधानसभा सीट पर आज मतदान हो रहा है। इस चरण में अकेले यूपी से 5-5 केंद्रीय मंत्रियों की किस्मत दांव पर लगी है। आपको समीकरण समझाते हैं।

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5वें चरण में यूपी के इन दिग्गजों की किस्मत का फैसला।

Photo : Times Now Digital

Lok Sabha Chunav:उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण की 14 सीट और विधानसभा उपचुनाव की एक सीट के लिए सोमवार को मतदान हो रहा है। यूपी की इन सीटों पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि 14 में से 5 सीटों पर 5 केंद्रीय मंत्रियों की किस्मत दांव पर लगी हुई है। लखनऊ सीट पर राजनाथ सिंह, अमेठी में स्मृति ईरानी और रायबरेली सीट पर राहुल गांधी उम्मीदवार हैं। पांचवें चरण में बिहार, बंगाल, यूपी और महाराष्ट्र सहित देश भर की 49 सीटों पर मतदान हो रहा है। मुंबई में भी वोटिंग हो रही है।

5वें चरण में किन-किन सीटों पर मतदान?

  1. मोहनलालगंज (आरक्षित)
  2. लखनऊ
  3. रायबरेली
  4. अमेठी
  5. जालौन (आरक्षित)
  6. झांसी
  7. हमीरपुर
  8. बांदा
  9. फतेहपुर
  10. कौशाम्बी (आरक्षित)
  11. बाराबंकी (आरक्षित)
  12. फैजाबाद
  13. कैसरगंज
  14. गोंडा

इस चरण की 14 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में अमेठी रायबरेली समेत इन 14 सीटों पर मतदान होने हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि पांचवें चरण के 14 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों तथा लखनऊ पूर्व विधानसभा उप निर्वाचन के लिए 20 मई, सोमवार को मतदान होना है। इसमें से 10 सीटें सामान्य श्रेणी की हैं और चार सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इन सभी सीटों के लिए शनिवार शाम छह बजे चुनाव प्रचार थम गया। आपको बताते हैं कि इन सीटों पर किन-किन मंत्रियों और हाई प्रोफाइल चेहरों की किस्मत दांव पर लगी है।

किन-किन उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर?

उम्मीदवार का नामलोकसभा सीटपार्टी
राजनाथ सिंहलखनऊभाजपा
स्मृति ईरानीअमेठीभाजपा
कौशल किशोरमोहनलालगंजभाजपा
भानु प्रताप सिंह वर्माजालौनभाजपा
साध्‍वी निरंजन ज्‍योतिफतेहपुरभाजपा
राहुल गांधीरायबरेलीकांग्रेस
लल्लू सिंहफैजाबादभाजपा
पांचवें चरण में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ-लखनऊ, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी-रायबरेली, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी-अमेठी, केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर-मोहनलालगंज, केंद्रीय मंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा-जालौन, केंद्रीय मंत्री साध्‍वी निरंजन ज्‍योति और सांसद लल्लू सिंह-फैजाबाद लोकसभा सीट पर चुनावी मुकाबले में हैं।

पांचवें राउंड में कुल 144 उम्मीदवार

रिणवा ने बताया कि पांचवे चरण के इन सभी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 144 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। वहीं, लखनऊ जिले की लखनऊ पूर्व विधानसभा उप निर्वाचन के लिए चार प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। पांचवें चरण में उप्र में दो करोड़ 68 लाख से अधिक मतदाता इन उम्मीदवारों की तकदीर का फैसला करेंगे। अब तक चार चरणों में यूपी की 80 सीटों में 39 सीटों पर मतदान संपन्न हो गया है और 20 मई को 14 सीटों पर मतदान के बाद बचे शेष दो चरणों में 27 सीटों पर मतदान शेष रह जाएगा। राज्‍य में कुल सात चरणों में मतदान प्रस्तावित है।

आखिरी दिन जमकर हुआ चुनाव प्रचार

कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठापरक इन सीटों पर चुनाव प्रचार के दौरान सभी दलों के प्रमुख नेताओं ने धुआंधार प्रचार किया। चुनावी रैलियों, नुक्कड़ सभाओं से लेकर रोड शो करके मतदाताओं तक अपना संदेश पहुंचाने की कोशिश की। पांचवें चरण में चुनाव प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उप्र के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ समेत सत्‍ता पक्ष के अनेक वरिष्ठ नेताओं ने जहां विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला।

विपक्षी नेताओं ने भाजपा पर किया प्रहार

विपक्षी दलों के समूह इंडिया गठबंधन के प्रमुख नेताओं कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं ने भाजपा पर जमकर प्रहार किये। वहीं इंडिया गठबंधन के प्रमुख घटक समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ रायबरेली और अमेठी में साझा सभाएं की। अकेले चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहीं बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने सत्तारूढ़ भाजपा के साथ ही सपा और कांग्रेस की भी जमकर आलोचना की।

मोदी और शाह ने किया धुआंधार प्रचार

प्रधानमंत्री मोदी ने पांचवें चरण के लिए उप्र में बाराबंकी, हमीरपुर और फतेहपुर की जनसभाओं को संबोधित किया। बाराबंकी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दावा किया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) सत्ता में आई तो राम मंदिर पर बुलडोजर चलाएंगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को रायबरेली में एक चुनावी रैली में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी पर रायबरेली को ‘पारिवारिक सीट’ करार देने के लिए हमला बोला। उन्होंने कहा कि रायबरेली किसी ‘परिवार’ की नहीं बल्कि जनता की सीट है। समाजवादी पार्टी (सपा) के बागी विधायक मनोज पांडे आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए और मंच पर अमित शाह के बगल में बैठे। शाह ने शनिवार को अमेठी में स्मृति ईरानी के समर्थन में रोड शो भी किया।

सोनिया गांधी ने रायबरेली में किया संबोधित

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को रायबरेली की जनता से कहा कि वह उन्हें अपना बेटा सौंप रही हैं और राहुल (राहुल गांधी) लोगों को निराश नहीं करेंगे। गांधी ने कहा, 'भाइयो और बहनो, मैं आपको अपना बेटा सौंप रही हूं, जैसे आपने मुझे अपना माना वैसे ही राहुल को अपना मानना। राहुल आपको निराश नहीं करेंगे।' हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि लोकसभा चुनाव के बाद ‘इंडिया’ गठबंधन बिखर जायेगा और कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव गर्मी की छुट्टी पर ‘खटाखट-खटाखट’ विदेश चले जाएंगे।

‘खटाखट-खटाखट’ वाले बयान पर पलटवार

रायबरेली में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘खटाखट-खटाखट’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि अब जनता इनसे कह रही है कि आपको हटा देंगे ‘फटाफट-फटाफट-फटाफट।’

अखिलेश यादव ने कहा, 'वे कह रहे हैं कि हम लोग विदेश चले जाएंगे, लेकिन हमारे देश की जनता जागरूक है, वह जानती है कि उन्होंने (मोदी) अपने खासमखास लोगों, मित्रों को एक के बाद एक विदेश भेजने का काम किया। उनके मित्र एक के बाद एक खटाखट-खटाखट विदेश भाग गये।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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